जयपुर। राजस्थान के भिवाड़ी में करीब चार करोड़ रुपए कीमत की दवाइयां और दवा बनाने में इस्तेमाल होने वाला सामान जब्त किया है।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने बताया कि विभाग को मिली सूचना के आधार पर आयुक्तालय मुख्यालय जयपुर, अलवर और दौसा के अधिकारियों की संयुक्त टीम ने स्ट्रेन हेल्थ केयर, भिवाड़ी के बिना लाइसेंस चल रहे गोदाम पर कार्रवाई की गई जहां करीब 1500 कार्टन दवाइयां और अन्य सामान जब्त किया गया।
राठौड़ ने बताया कि जांच के दौरान अलग-अलग कंपनियों की कई तरह की दवाइयां मिलीं। इनमें कंडोर हेल्थकेयर, लालरू(पंजाब) द्वारा निर्मित टेबलेट मेडिक्ब -55 (डायक्लोफ़ेनेक सोडियम 50 एमजी) एवं टेबलेट एरिक्वा, ओपल हेल्थकेयर, करनाल(हरियाणा) द्वारा निर्मित टेबलेट चका पैन एक्सट्रा, टेबलेट लेडीनेक्स एवं टेबलेट हाइग्रा 200, एलेक्सा फार्मास्युटिकल्स, बड्डी, डिस्ट्रिक्ट सोलन(हिमाचल प्रदेश) द्वारा निर्मित टेबलेट पिलप्रोफ़ॉक्सेसिन-500 तथा यूनिशार्प ऑर्गेनिक्स प्राइवेट लिमिटेड, लालरू, एसएएस नगर (मोहाली), पंजाब द्वारा निर्मित टेबलेट ऑक्सीपर प्लस सहित अन्य दवाइयां जब्त की गईं। ये दवाइयां स्ट्रेन हेल्थ केयर, भिवाड़ी द्वारा बाजार में बेची जा रही थीं।
उन्होंने बताया कि दवाइयों की गुणवत्ता जांच के लिए नौ नमूने (सैंपल) लिए गए हैं। इसके अलावा गोदाम से दवा बनाने में इस्तेमाल होने वाला कच्चा माल, जिसमें टेपेंटाडॉल, प्रेगबालिन और कोट्रीमोक्साजोल आदि शामिल हैं, पैकिंग का सामान और दवा बनाने में इस्तेमाल होने वाले उपकरण भी जब्त किए गए। मौके से एक्सपायर्ड सिल्डेनाफिल की गोलियां भी मिलीं।
उन्होंने कहा कि लोगों की सेहत से जुड़े मामले में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दवाइयों की गुणवत्ता और उनकी सही तरीके से बिक्री सुनिश्चित करने के लिए बिना लाइसेंस दवा रखने, बनाने या बेचने वालों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।



