मानेसर प्रकरण कांग्रेस पार्टी की अंदरूनी कलह का नतीजा : हनुमान बेनीवाल

जयपुर। राजस्थान में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के संयोजक एवं सांसद हनुमान बेनीवाल ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के उन पर पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार को गिराने के प्रयास में शामिल बताने के बयान पर पलटवार करते हुए कहा है कि मानेसर प्रकरण कांग्रेस पार्टी की अंदरूनी कलह का नतीजा था क्योंकि जनता के हितों को भुलाकर मुख्यमंत्री बने रहने और मुख्यमंत्री बनने की दौड़ में लग गए।

बेनीवाल ने शनिवार को अपने बयान में कहा कि विधानसभा चुनाव के परिणाम के बाद जब सचिन पायलट ने मुख्यमंत्री बनने के लिए मुझसे समर्थन मांगा था तब बिना किसी शर्त के मैने सचिन पायलट को सीएम बनाने के लिए रालोपा के तीन विधायकों का समर्थन कांग्रेस पार्टी को देने की बात कही, चूंकि मानेसर प्रकरण कांग्रेस पार्टी की अंदरूनी कलह का नतीजा था क्योंकि जनता के हितों को भुलाकर आप सीएम बने रहने और आपकी पार्टी के नेता सीएम बनने की दौड़ में लग गए।

उन्होंने कहा कि मेरा स्टैंड हमेशा जन भावना को ध्यान में रखते हुए स्पष्ट था और सार्वजनिक था इसलिए मुझे आपके किसी प्रमाण की आवश्यकता नहीं है कि आपकी सरकार गिराने से जुड़े मामले में मेरी क्या भूमिका थी चूंकि आप वयोवृद्ध नेता है इसलिए आपको स्मरण दिलाना चाहता हूं कि राजस्थान के इतिहास में यह बात हमेशा याद रखी जाएगी कि जिनके शासन काल में लाखों मेहनतकश युवाओं के सपनों के साथ सबसे ज्यादा कुठाराघात हुआ,वो शासन काल आपका था।

बेनीवाल ने आरोप लगाते हुए कहा कि गहलोत यह क्यों भूल गए है कि उनके मुख्यमंत्री रहते हुए सीएमओ में बैठे अधिकारी, उनके नजदीकी नेता और वो लोग जिन्हें जनता आपका दलाल कहती थी, सभी की भूमिका पेपर लीक जैसे मामलों में थी, आपकी सरपरस्ती में ही जिन लोगों ने राजस्थान के बेरोजगार युवाओं के सपनों के साथ खिलवाड़ किया उनके खिलाफ कार्यवाही करना तो दूर आपने एक शब्द तक नहीं बोला, आप तो अपने मंत्रिमंडल के सदस्यों के साथ ही तालमेल नहीं बैठा सके इसलिए आप विधायकों और मंत्रियों को होटल में नजरबंद रखा और होटलों से सरकार चलाई, आपके शासन में राजस्थान, देश भर में अपराध में एक नंबर पर आ गया, पेपर लीक में एक नंबर पर आ गया इसलिए नैतिक रूप से तो आपको किसी पर आरोप लगाने का कोई अधिकार ही नहीं है क्योंकि आपने अपने आलाकमान की परिक्रमा करके 15 वर्षों तक राजस्थान की जनता को ठगा।