भरतपुर। राजस्थान में भरतपुर की एक स्थानीय अदालत ने मारपीट और हत्या के 11 वर्ष पुराने एक मामले में बुधवार को दोनों पक्षों के 23 आरोपियों को दोषी करार देते हुए 12 को आजीवन कारावास और 11 को सात-सात वर्ष के कारावास की सजा सुनाई।
अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश संख्या तीन ने अभियुक्तों गुलाब, मुकेश, होरी लाल, गुड्डू, करतार, चरण सिंह, ओमी, लाखन, भगवान सिंह, रघुवीर, महेश और खजान को राकेश की हत्या के मामले में दोषी करार दते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई जबकि मारपीट और जानलेवा हमले के दूसरे मामले में तेजपाल, अटल बिहारी, तेजसिंह, टीकम, दयाचंद, रघुवीर, प्रभु, वीरेंद्र, चरण सिंह, दिनेश और नरेंद्र को दोषी मानते हुए सभी को सात-सात वर्ष के कारावास की सजा सुनाई।
गौरतलब है कि मामले के अनुसार चिकसाना थाना क्षेत्र में पीपला गांव में वर्ष 2015 में दो पक्षों के झगड़े में गोली लगने से राकेश की मौत हो गई थी और उसके परिजन घायल हो गए थे।



