अजमेर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में सरकार ने सेवा, समर्पण तथा सुशासन को प्राथमिकता दी है। बजट भी इन्हीं विकास स्तम्भों को आधार बनाकर विकसित राजस्थान/2047 के विजन को साकार करने के उद्देश्य से तैयार किया गया। यह बजट प्रदेश को संकल्प से सिद्धि, नीयत से नीति तथा आकांक्षा से उपलब्धि की ओर अग्रसर करने वाला बजट है। बजट में अजमेर को भी सौगातें मिलीं।
• अजमेर में 200 करोड़ (दो सौ करोड़) रुपए के ड्रेनेज सिस्टम के कार्य किए जाएंगे।
• राजस्व प्रशासन को सुदृढ़ करने एवंं स्टेक होल्डर को बेहतर सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए एनबीसीसी पैर्टन पर राजस्व मंडल अजमेर के नवीन भवन का निर्माण 150 करोड़ रुपये की लागत से कराया जाएगा।
• आनासागर के मानसून अधिशेष पानी एवं एसटीपी के परिष्कृत पानी को फूलसागर कायड़ में अपवर्तन करते हुए रूपनगढ़ तक बाढ़ प्रोटेक्शन, ड्रेनेज कार्यों के साथ फूलसागर कायड़ से लगभग एक हजार 200 हेक्टेयर में सिंचाई सुविधा तथा औद्योगिक आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए 100 करोड़ रुपये के कार्य करवाएं जाएंगे।
• अजमेर डिस्कॉम के अन्तर्गत निर्बाध विद्युत आपूर्ति के साथ-साथ विद्युत तंत्र के ट्रांसफार्मर, फीडर और सबस्टेशन की आईओटी सेंसर द्वारा रीयल टाईम मॉनिटरिंग, विद्युत फॉल्ट के पूर्व अनुमान तथा पारदर्शी मीटर बिलिंग के लिए ग्रिड को एआई इनेबलड किया जाएगा।
• अजमेर में पीपीपी मोड पर स्मार्ट पार्किंग का निर्माण करवाया जाएगा।
• अजमेर में आमजन एवं पर्यटकों के लिए सुविधा सेन्टर विकसित किए जाएंगे।
• एमडीएस विश्वविद्यालय अजमेर में महर्षि दयानन्द सरस्वती के पेनोरमा का निर्माण किया जाएगा।
• तारागढ़ में पर्यटन सम्बन्धी सुविधाओं का विकास किया जाएगा।
• अजमेर में फाईबर टू होम टेक्नीशियन के ट्रेडस प्रारम्भ किए जाएंगे।
• अजमेर पॉलिटेक्निक महाविद्यालयों में चरणबद्ध रूप से आगामी दो वर्षों में आईटीसी लैब की स्थापना की जाएगी।
• माकड़वाली (अजमेर) एवं पालरा औद्योगिक क्षेत्र (पुष्कर) में नवीन पुलिस चौकी स्थापित होगी।
• अजमेर के तबीजी में उचित मूल्य पर मुर्गी दाना उपलब्ध करवाने के लिए पोल्ट्री फीड यूनिट स्थापित की जाएगी।
• अजमेर में स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए टींकरिंग लेब, डीप-टेक लेब, डाटा एवं एआई लेब, जैसी नेक्सट जनरेशन टेक्नोलोजी से युक्त नवीन टेक्नो हब स्थापित किए जाएगे। इस हेतु 30 करोड़ रुपये का व्यय किया जाएगा।
• अजमेर में अध्ययन एवं आधारभूत संरचना सम्बन्धी कार्य एवं सुविधाओं के विस्तार के लिए नवीन मॉडल संदर्भ केन्द्र स्थापित किए जाएगे।
• अजमेर में नोईस मॉनिटरिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। साथ ही चिन्हित स्थलों साइलेंट जोन घोषित किए जाएंगे।
• अजमेर में मॉडल उद्यान ऑक्सीजोन के रूप में विकसित किए जाएंगे।
• चिकित्सा महाविद्यालयों में डीएम (क्रिटिकल केयर) तथा एमसीएच (ट्रोमा सर्जरी) के सुपर स्पेशलिटी कोर्स प्रारम्भ किए जांगे। एमडी (इमरजेंसी मेडिसिन) की सीट को बढ़ाकर 20 किया जाएगा।
• अजमेर में आपातकालीन परिस्थितियों में आमजन की जीवन रक्षा हेतु प्राथमिक उपचार दिये जाने के लिए स्वास्थ्य कर्मियों की क्षमता संवद्र्धन के लिए बेसिक लाईफ सपोर्ट ट्रेनिंग सेंटर की स्थापना की जाएगी।
• मरीजों एवं उनके परिजनों के लिए ठहरने की सुविधा उपलब्ध कराने हेतु अजमेर के चिकित्सा महाविद्यालय के मुख्य चिकित्सालयों में अत्याधुनिक विश्राम गृह स्थापित किए जाएंगे।
• जेएलएन चिकित्सालय में गम्भीर मरीजों को समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की दृष्टि से मॉड्यूलर ऑपरेशन थियेटर स्थापित किए जाएंगे। साथ ही ऑपरेशन हेतु लगने वाले प्रतीक्षा समय में कमी लाने के लिए अस्पताल समय के पश्चात् ऑपरेशन करने वाले चिकित्सकों को विभिन्न योजनाओं के अन्तर्गत प्राप्त होने वाले पैकेज में प्रोत्साहन हिस्सा राशि दी जाएगी।
• चिकित्सा शिक्षा के अधीन चिकित्सालयों में ओपीडी कक्षों में मरीजों को ई-परामर्श पर्ची जारी करने के लिए डॉक्टर डिजीटल डेस्क स्थापित की जाएगी।
• गम्भीर बीमारियों यथा-कैंसर, किडनी फेलियर व हृदय रोग से पीड़ित अन्य चिकित्सालयों से रैफर होकर आने वाले मरीजों के लिए, चिकित्सा शिक्षा से सम्बद्ध चिकित्सालयों में पृथक से रैफरल आउटडोर की सुविधा उपलब्ध करवायी जाएगी।
• भीड़ प्रबन्धन, महिला सुरक्षा तथा आपराधिक गतिविधियों की रोकथाम के लिए चिकित्सा शिक्षा से सम्बद्ध चिकित्सालयों में इंटीग्रेटेड कंट्रोल एण्ड कमाण्ड सेंटर एवं पब्लिक एड्रेस सिस्टम स्थापित कर इन्हें अभय कमाण्ड सेन्टर से जोड़ा जाना प्रस्तावित है। इस हेतु 25 करोड़ रुपये का व्यय किया जाएगा।
• चिकित्सा महाविद्यालयों से सम्बद्ध अस्पतालों में मरीजों, उनके परिजनों, स्टाफ एवं विद्यार्थियों को उचित दर पर पौष्टिक भोजन की सुविधा उपलब्ध कराने हेतु अटल आरोग्य फूड कोर्ट स्थापित किए जाएंगे। इस हेतु 100 करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे।
• फॉरेंसिंक साईंस लेब के सुदृढ़ीकरण किए जाने की दृष्टि से अजमेर में रीजनल फॉरेंसिंक साईंस लेब में चरणबद्ध रूप से साईबर फॉरेंसिंक डिवजीन की स्थापना की जाएगी।
• अजमेर-पुष्कर बड़ी घाटी सड़क निर्माण कार्य (7.50 किमी.) 12 करोड़ रुपये की लागत से होगा।
• पुष्कर घाटी मार्ग का चौड़ाईकरण (6 किमी.) 12 करोड़ रुपये की लागत से कार्य होगा।
• भिनाय में औद्योगिक पार्क एवं आधारभूत कार्य करवाए जाएंगे।
• गेगल औद्योगिक क्षेत्रों के विकास एवं आधारभूत सुविधाओं यथा-सड़क, पानी, बिजली आदि के लिए राशि व्यय की जाएगी।



