नागपुर। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के करीबी माने जाने वाले भाजपा विधान परिषद सदस्य संदीप जोशी ने सोमवार को राजनीति से संन्यास लेने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि इस कदम का मकसद युवा पीढ़ी के लिए जगह बनाना है।
जोशी ने अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए सोशल मीडिया पर एक पत्र साझा किया है जिसमें कहा गया है कि उनके लिए राजनीति कभी भी सत्ता या स्टेट्स के लिए नहीं थी, बल्कि निःस्वार्थ सेवा और प्रतिबद्धता थी। जोशी ने वर्तमान राजनीतिक परिवेश पर चिंता व्यक्त की, जो सत्ता के लिए दलबदल, अवसरवाद और तीव्र प्रतिस्पर्धा से ग्रस्त है।
इस तरह के घटनाक्रम न केवल आम नागरिकों को, बल्कि पार्टी के निष्ठावान कार्यकर्ताओं को भी विचलित करते हैं। सीमित अवसरों और बढ़ती महत्वाकांक्षाओं के बीच, शायद ही कोई पीछे हटने को तैयार है, जिसे उन्होंने आज की कड़वी सच्चाई करार दिया।
जोशी ने कहा कि वह अब भी खुद को एक आम भाजपा कार्यकर्ता मानते हैं। उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात ने उन्हें यकीन दिलाया कि उन्हें पीछे हट जाना चाहिए। उन्होंने अपने पत्र के जरिये यह फैसला सुनाया और बताया कि वह पहले नागपुर के पार्षद और महापौर रह चुके हैं। युवा नेतृत्व को बढ़ावा देने का समर्थन करते हुए जोशी ने कहा कि गहराई से सोचने के बाद, उन्होंने अपनी राजनीतिक यात्रा खत्म करने का फैसला किया है।
अपने करियर को बनाने में पार्टी की भूमिका को मानते हुए जोशी ने अपने फैसले की घोषणा करते हुए वरिष्ठ नेताओं नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से माफी मांगी। जोशी ने साफ किया कि विधान परिषद के सदस्य के तौर पर उनका कार्यकाल इस साल 13 मई तक है और वे पार्टी की दी हुई इस जिम्मेदारी को पूरा करेंगे। लेकिन उसके बाद वे न तो टिकट मांगेंगे और न ही अवसर मिलने पर स्वीकार करेंगे। उन्होंने कहा कि यह मौका किसी युवा जमीनी कार्यकर्ता या जिसे पार्टी सही समझे, उसे मिलना चाहिए।
उन्होंने इस बात पर जोर देते हुए कहा कि यह निर्णय सावधानीपूर्वक और काफी सोच-विचार करने के बाद लिया गया है, किसी भावनात्मक आवेग के कारण नहीं। अब उनकी योजना बतौर सामाजिक कार्यकर्ता काम करने और जनता की सेवा जारी रखने की हैं। जोशी ने अपने जीवन में परिवार के बाद राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के महत्वपूर्ण प्रभाव को भी स्वीकार किया और अपनी राजनीतिक करियर में विभिन्न अवसरों के लिए भाजपा के प्रति आभार जताया है।



