MBBS में दाखिले के लिए खुद का पैर काटकर रची दिव्यांग बनने की साजिश

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जौनपुर। उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में लाइन बाजार थाना क्षेत्र में खलीलपुर गांव में मेडिकल की पढ़ाई में दाखिले की सनक एक युवक को इस हद तक ले गई कि उसने खुद को दिव्यांग बनाने के लिए अपना ही पैर काट लिया। मामला सामने आने पर न केवल पुलिस, बल्कि पूरा जिला स्तब्ध रह गया। हालांकि जौनपुर पुलिस की सतर्कता और गहन जांच ने इस खौफनाक साजिश का पर्दाफाश कर दिया।

पुलिस अधीक्षक डॉ कौस्तुभ ने गुरुवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि घटना लाइन बाजार थाना क्षेत्र के खलीलपुर गांव निवासी सूरज भास्कर ने पुलिस को सूचना दी थी कि देर रात कुछ अज्ञात बदमाश उसके निर्माणाधीन मकान में घुसे, उसकी बेरहमी से पिटाई की, बेहोश किया और उसका पैर का पंजा काटकर साथ ले गए।

इस सनसनीखेज सूचना के बाद पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। मामले की जांच की जिम्मेदारी सहायक पुलिस अधीक्षक सह सीओ नगर गोल्डी गुप्ता को सौंपी गई। जांच के दौरान पुलिस को युवक की कहानी में कई विरोधाभास मिले।

मोबाइल फोन की जांच में एक युवती का नंबर मिला, जिससे पूछताछ के बाद शक और गहराया। इसी बीच पुलिस को सूरज की एक डायरी भी मिली, जिसमें उसने लिखा था कि 2026 में मैं एमबीबीएस बनकर रहूंगा।

उन्होंने बताया कि पुलिस जांच में सामने आया कि सूरज पहले से मेडिकल की पढ़ाई कर चुका था, लेकिन एमबीबीएस में दो बार असफल होने के बाद वह मानसिक तनाव में आ गया था। एमबीबीएस में दाखिले के लिए दिव्यांग कोटे का लाभ लेने की नीयत से उसने खुद को दिव्यांग साबित करने की खौफनाक योजना बनाई।

इसी योजना के तहत उसने खुद ही अपना पैर काट लिया और पूरी घटना को बदमाशों की वारदात दिखाने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि युवक ने जांच को गुमराह करने के लिए झूठी कहानी भी गढ़ी थी, लेकिन साक्ष्यों और कड़ी पूछताछ के आगे उसका दावा टिक नहीं सका। पुलिस ने साजिश का खुलासा करते हुए आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।