अजमेर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चीन नीति एवं संसद में लोकतांत्रिक आवाज़ को दबाने के विरोध में यूथ कांग्रेस ने प्रधानमंत्री और रक्षामंत्री राजनाथ सिंह का पुतला जलाकर प्रदर्शन किया।
जिलाध्यक्ष मोहित मल्होत्रा ने बताया कि भारत के पूर्व थलसेनाध्यक्ष जनरल मनोज मुकुंद नरवणे की पुस्तक में चीन द्वारा भारतीय सीमा में टैंक घुसपैठ की गंभीर घटना का स्पष्ट उल्लेख है। पुस्तक के अनुसार जब सेना ने तत्काल निर्णय की आवश्यकता बताई, तब राजनीतिक नेतृत्व की ओर से स्पष्ट निर्देश नहीं मिले और देश के प्रधानमंत्री ने चुप्पी साध ली और चीनी सेना के हमारे देश की ओर बढ़ते कदमों को नजर अंदाज कर दिया। चिंताजनक यह है कि स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिया गया संदेश “जो उचित समझो, वो करो” देश की सुरक्षा से जुड़ी ज़िम्मेदारी से बचने का प्रमाण है।
युवा कांग्रेस ने बोल की इस पूरे विषय को जब संसद में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने उठाया, तो लोकतंत्र की हत्या करते हुए उनका माइक बंद कर दिया गया। सवाल पूछने पर चुप कराना इस बात का प्रमाण है कि सरकार सच से डरती है और छिप कर बैठ जाती हैं।
यूथ कांग्रेस का स्पष्ट कहना है कि चीन के सामने सरकार ने डर के कारण प्रधानमंत्री ने चुप्पी साधी, सेना को अकेला छोड़ा गया और आज संसद में सच्चाई बोलने वालों की आवाज़ दबाई जा रही है। यह केवल एक राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा और लोकतंत्र दोनों पर सीधा हमला है।
यूथ कांग्रेस मांग करती है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस विषय पर देश के सामने स्पष्ट जवाब दें और संसद में चर्चा से भागना बंद करें और देश की जनता के समक्ष आकर पूरी सेना से और जनता से इस कृत्य की माफी मांगनी चाहिए।
प्रधानमंत्री के पुतला जलने वालो में लोकेश शर्मा, अकबर हुसैन, शोएब अख्तर, ओमप्रकाश मंडावरा, इलियास खान, सद्दाम चीता, नितेश राठौर, गर्व दत्त शर्मा, मोहम्मद असलम, मुनींद्र मीणा, शब्बीर चीता, लोकेश राजोरिया, राजवीर गुर्जर, गुलाम हुसैन, मुस्तकीम शेख, यश बुंदेल, प्रशांत कुमार, विक्रम चौहान, हाशिम कुरैशी आदि उपस्थित थे।



