24 हजार 313 करोड़ 93 लाख रुपए के राजस्व घाटे के अनुमान का बजट पेश

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जयपुर। राजस्थान की उपमुख्यमंत्री एवं वित्तमंत्री दिया कुमारी ने बुधवार को विधानसभा में छह लाख 10 हजार 956 करोड़ रुपए आकार का वर्ष 2026-2027 का राज्य बजट प्रस्तुत किया जिसमें राज्य सकल घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) बढ़कर 21 लाख 52 हजार 100 करोड़ होने की संभावना हैं जबकि 24 हजार 313 करोड़ 93 लाख रुपए के राजस्व घाटे का अनुमान हैं।

भजनलाल सरकार के प्रस्तुत इस तीसरे बजट अनुमानों में तीन लाख 25 हजार 740 करोड़ 14 लाख रुपए की राजस्व प्राप्तियां, तीन लाख 50 हजार 54 करोड़ सात लाख रुपए का राजस्व व्यय एवं राजकोषीय घाटा 79 हजार 492 करोड़ 52 लाख रुपए जो जीएसडीपी का 3.69 प्रतिशत हैं।

दियाकुमारी ने बजट भाषण में आत्मनिर्भर विकसित राजस्थान- 2047 की परिकल्पना की कार्ययोजना के लिए दस स्तम्भ बताये जिनमें अव-संरचना का विस्तार, नागरिक सुविधाओं से गुणवत्तायुक्त जीवन स्तर में वृद्धि, औद्योगिक विकास एवं निवेश को प्रोत्साहन, मानव संसाधन का सशक्तीकरण, सुदृढ़ सामाजिक सुरक्षा प्रणाली, पर्यटन, कला एवं सांस्कृतिक धरोहर, सुशासन एवं डिजिटल परिवर्तन, कृषि विकास एवं किसानों का कल्याण, हरित विकास एवं पर्यावरणीय सततता और 2047 तक 4.3 ट्रिलियन डॉलर की मजबूत अर्थव्यवस्था शामिल है। इस दौरान जनहित की कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई तथा आमजन, किसानों, श्रमिकों, युवाओं एवं उद्यमियों पर कर के भार को यथासंभव न्यूनतम रखने का विजन रखा गया हैं।

उन्होंने कहा कि शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन को सुगम बनाने के लिए लगभग एक हजार 800 करोड़ रुपए की लागत से स्टेट हाइवे, आरओबी, आरयूबी, फ्लाईओवर, एलिवेटेड रोड, पुल आदि के निर्माण, मरम्मत एवं उन्नयन के काम कराये जाएंगे। नॉन-पेचेबल एवं क्षतिग्रस्त सड़कों के लिए एक हजार 400 करोड़ रुपए तथा मिसिंग लिंक सड़कों के लिए 600 करोड़ रुपए का प्रावधान एवं आगामी वर्ष 250 अटल प्रगति पथों के 500 करोड़ रुपए की लागत के कार्य हाथ में लिए जाना प्रस्तावित किया गया।

इसी तरह विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों एवं लोजिस्टिक पार्क के पहुंच मार्गों के विकास के लिए 400 करोड़ रुपए का व्यय, आगामी वर्ष भी मानसून उपरान्त सड़कों की मरम्मत के लिए 500 करोड़ रुपए, आरओबी एवं आरयूबी पर 920 करोड़ रुपए से अधिक का व्यय, आगामी दो वर्षों में एक हजार किलोमीटर लम्बाई से अधिक की सड़कों को राज्य राजमार्गों में एवं दो हजार किलोमीटर लम्बाई से अधिक की सड़कों को मुख्य जिला मार्गों में क्रमोन्नत, लगभग 500 किलोमीटर लम्बाई के स्टेट हाइवे मय पुलिया एवं बाईपास दो हजार 700 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से विकसित, राष्ट्रीय, राज्य राजमार्गों एवं शहरों में सुदृढ़ इंटेलीजेंट ट्राफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) के लिए चरणबद्ध रूप से लगभग दो हजार कैमरे 100 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित किए जाएंगे।

इसी तरह पेयजल के संबंध में मुख्यमंत्री जल जीवन मिशन (शहरी) योजना का दायरा बढ़ाते हुए पांच हजार करोड़ रुपए का व्यय कर चरणबद्ध रूप से पेयजल आधारभूत संरचना सम्बन्धी कार्य प्रस्तावित किया गया। अमृत 2.0 योजना के तहत आगामी वर्ष तीन लाख पेयजल कनेक्शन, एक हजार 92 गांवों की लगभग 20 लाख आबादी को बीसलपुर से पेयजल का आपूर्ति स्तर बेहतर करने के लिए सूरजपुरा से चाकसू तक नवीन ट्रांसमिशन लाइन (टीमए-II) सम्बन्धी कार्य 650 करोड़, आगामी वर्ष 600 ट्यूब वेल एवं एक हजार 200 हैंडपंप लगाए जाना प्रस्तावित, सशक्त जल प्रबंधन की दृष्टि से जयपुर में सेंटर एक्सीलेंस की स्थापना, 10 करोड़ बयूरो आफ वाटर यूज एफीसियंसी की स्थापना कर जयपुर में एचसीएम रीपा, सचिवालय एवं जल भवन में पायलट बेसिस पर पेयजल सुविधा तथा नॉन डोमेस्टिक एवं औद्योगिक इकाई के लिए पानी उपलब्ध कराने के दृष्टिगत राजस्थान स्टेट वाटर पाॅलिसी प्रस्तावित किया गया।

इसी प्रकार प्रदेश में विद्युत तंत्र के और अधिक विस्तार एवं सुदृढीकरण के लिए 220 केवी के छह, 132 केवी को तेरह तथा 33 केवी के 110 जीएसएस का निर्माण, बीकानेर में मेहरासर-दीनसर-बराला व सवाईसर-करणीसर भाटियान-बिकोलोई तथा जैसलमेर में राघवा सेहुआ क्षेत्र में लगभग चार हजार 830 मेगावॉट क्षमता के सौर पार्कों का विकास ज्वाइंट वेंचर के माध्यम से किया जाएगा।

राज्य के नगर निकायों में सात लाख स्ट्रीट लाइट, पंचगौरव योजना के अन्तर्गत आगामी वर्ष, जिलों में आधारभूत संरचना, पर्यटन उन्नयन, सांस्कृतिक संरक्षण, स्थानीय उत्पादों की ब्रांडिंग तथा नवाचार आधारित परियोजनाओं के लिए 150 करोड़ रुपये व्यय, स्थानीय निकायों एवं राजकीय उपक्रमों के लिए राज-सेतु (राजस्थान स्ट्रक्चर्ड इनेबलर फोर ट्रांसफोरमेटिव अर्बन एंड इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंसिंग) फंड प्रस्तावित।

औद्योगिक क्षेत्र एवं आधारभूत संरचनाओं के विकास के लिए लैंड एग्रीगेशन के विकल्प, समस्त संभाग मुख्यालयों पर प्लग एंड प्ले फेसिलिटी फोर स्माल एंड माइक्रो एंटरप्राइजेज, आगामी वर्ष 350 करोड़ रुपए। माटी कला से जुड़े कलाकारों के उत्थान के लिए आगामी वर्ष पांच हजार इलेक्ट्रिक चाक मशीने उपलब्ध कराई जाएगी।

दिया कुमारी ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रतिबद्ध है और इसे ध्यान में रखते हुए युवा नीति, कौशल नीति तथा रोजगार नीति’ लागू की गई हैं। हमने चार लाख भर्तियों के संकल्प को पूरा करने की दिशा में जहां सरकारी क्षेत्र में एक लाख से अधिक नियुक्तियां दी है, वहीं निजी क्षेत्र में 2 लाख से अधिक रोजगार के अवसर भी सृजित किये हैं। वर्तमान में एक लाख 43 हजार पदों पर भर्तियां प्रक्रियाधीन है तथा एक लाख पदों पर भर्ती किये जाने के लिए परीक्षा कैलेण्डर भी जारी कर दिया गया है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना में एक लाख युवाओं को 10 लाख रुपये तक के ऋण पर शत-प्रतिशत ब्याज अनुदान तथा मार्जिन मनी अनुदान आदि की सुविधा, 1000 करोड़ रुपये का प्रावधान। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) की तर्ज पर प्रदेश में राजस्थान स्टेट टेस्टिंग एजेंसी (आरएसटीए) की स्थापना की जाएगी। स्टार्टअप्स के विकास के लिए वेल्यू-ड्राइवन इनोवेशन एंड बिजनस रिसर्च फोर एसपिरेशन एंड नर्चरिंग टेंलेंट प्रोग्राम।

‘रानी लक्ष्मी बाई केन्द्रों’ की 150 महाविद्यालयों में स्थापना, लगभग 25 हजार छात्राएं लाभान्वित। महाविद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए रोजगार परक कौशल, केरियर गाइडेंस् तथा डिजिटल मेंटरिंग के उद्देश्य से डिजिटल रेडिनस एंड एम्पावरमेंट थ्रो असिस्टेड मेंटरिंग प्रोगाम, लगभग 50 हजार विद्यार्थी लाभान्वित। नशामुक्त राजस्थान’ की संकल्पना को साकार करने के लिए राज- सवेरा कार्यक्रम।

इसी तरह प्रत्येक जिले में इंडस्ट्री पार्टनर्स को जोड़ते हुए इंस्टीट्यूट ऑफ स्किल डेवलपमेंट एंड वोकेशनल ट्रेनिंग। उभरते स्टार्टअप्स की मेंटरशिप एवं स्कालिंग के लिए आईस्टार्ट एम्बेसेडर प्रोग्राम। नेक्सट जनरेशन टेकनोलोजी से युक्त नवीन टेक्नो हब की स्थापना, 30 करोड़ रुपए का व्यय होगा। कक्षा 8वीं, 10वीं एवं 12वीं में अध्ययन करने वाले चयनित मेधावी विद्यार्थियों को स्वयं के स्तर पर टेबलेट एवं लेपटोप क्रय किए जाने के लिए ई वाउचर के माध्यम से 20 हजार रुपए तक की सहायता। 9वीं कक्षा में प्रवेश लेने वाली जरूरतमंद छात्राओं को साइकिल के लिए ई वाउचर। कक्षा 1 से 8 के 40 लाख से अधिक जरूरतमंद विद्यार्थियों को निःशुल्क यूनिफोर्म उपलब्ध कराने के लिए डीबीटी, लगभग 250 करोड़ रुपए का व्यय होगा।

प्रदेश के शौचालय सुविधा से वंचित रहे समस्त विद्यालयों में शौचालय। दो हजार 500 से अधिक विद्यालयों की मरम्मत एवं जीर्णोद्धार के लिए 550 करोड़ रुपए व्यय किए जाएंगे। राज पहल कार्यक्रम्, प्रत्येक जिले में एक स्कूल ऑन व्हील्स, प्रदेश के एक हजार विद्यालयों में एआई आधारित पर्सनालाइज्ड लर्निंग लैब की स्थापना। 400 विद्यालयों को चरणबद्ध रूप से सीएम-राइज (राजस्थान इनोवेटिव स्कूल आफ एक्सीलेंस) स्कूलों में क्रमोन्नत, एक हजार करोड़ रुपए का व्यय होगा। खेलो राजस्थान यूथ गेम्स के ग्राम पंचायत, ब्लॉक, जिला एवं राज्य स्तर पर आयोजन, 50 करोड़ रुपए व्यय किए जाएंगे। सड़क दुर्घटना, प्रसूति, हार्ट अटेक जैसी आपात स्थितियों में मरीजों को त्वरित उपचार मिल सके, इसके लिए राज-सुरक्षा योजना।

सभी के लिए मानसिक स्वास्थ्य के दीर्घकालिक लक्ष्य की प्राप्ति के साथ-साथ बदलती जीवनशैली एवं प्रतिस्पर्धा के वर्तमान परिवेश में अवसाद, चिन्ता एवं आत्महत्या आदि की रोकथाम के लिए राज-ममता प्रोग्राम एवं जिला मुख्यालयों पर मेंटल हेल्थ केयर सेल की स्थापना की जाएगी। जेके लोन चिकित्सालय जयपुर में 500 बेड क्षमता के आईपीएड टॉवर, 75 करोड़ रुपए से। चरणबद्ध रूप से 500 अतिरिक्त ड्रग डिस्ट्रीब्यूशन कांउटर की स्थापना।

जयपुर, अजमेर, बीकानेर, उदयपुर, कोटा एवं जोधपुर के चिकित्सा महाविद्यालयों के मुख्य चिकित्सालयों में 500 करोड़ रुपए की लागत से अत्याधुनिक विश्राम गृह, अटल आरोग्य फूड कोर्ट, 100 करोड़ रुपए व्यय होंगे। मृतक के पार्थिव शरीर को चिकित्सालय की मोर्चरी से सम्मानपूर्वक घर तक पहुंचाने के लिए निःशुल्क सुविधा के लिए मोक्ष वाहिनी योजना प्रस्तावित की गई हैं।

राज्य बजट में जिला स्तर पर 100 करोड़ रुपए का व्यय कर रुरल वूमन बीपीओ स्थापित होंगे। मुख्यमंत्री लखपति दीदी ऋण योजना के तहत राज्य की लखपति दीदियों को ब्याज अनुदान पर दिए जा रहे ऋण की सीमा एक लाख रुपए से बढ़ाकर एक लाख 50 हजार रुपए। पचास नवीन एंटरप्राजेज, लगभग 20 करोड़ रुपए। समस्त संभागीय मुख्यालयों पर राज सखी स्टोर और सभी जिलों में चरणबद्ध रूप से सेंटर फोर एंटरप्रेन्योरशिप एंड केपेसिटी ब्लिंडिंग, मुख्यमंत्री नारी शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना के तहत महिला एवं एसएचजी को दिये जाने वाले ऋण की सीमा 50 लाख रुपए से बढ़ाकर एक करोड़ रुपए करना प्रस्तावित किया गया।

इसी तरह 11 हजार अमृत पोषण वाटिकाओं का निर्माण, लगभग 500 करोड़ रुपए का व्यय, राजस्थान स्टेट अर्ली चाइल्डहूड केयर, डेवलपमेंट एंड एजुकेशन पोलिसी, सात हजार 500 आंगनबाड़ियों को नन्द घर के रूप में 225 करोड़ रुपए का व्यय होंगे। किशोरी बालिका योजना का विस्तार करते हुए राज्य के समस्त 27 एसपिरेशनल ब्लॉक्स में 50 हजार से अधिक बालिकार्य लाभान्चित, श्रमिकों के कल्याण एवं रोजगार अवसरों में वृद्धि के लिए श्रम-सेतु मोबाइल एप प्रस्तावित।

खुड़ी-जैसलमेर में अल्ट्रा लक्जरी स्पेशियल टूरिज्म जोन (एसटीजेड) , कुलधरा में पर्यटक सुविधा केन्द्र प्रस्तावित। सौ करोड़ रुपए व्यय करके भरतपुर में अत्याधुनिक ब्रज कन्वेंशन सेंटर का निर्माण किया जाएगा।

शेखावाटी हवेली संरक्षण योजना के तहत झुंझुनूं, चूरू एवं सीकर में 660 से अधिक चिह्नित हवेलियों के मुखोटा सुधार के साथ-साथ हेरिटेज स्ट्रीट फर्नीचर एवं साफ-सफाई सम्बन्धी सुविधाएं के लिए आगामी दो वर्षों में 200 करोड़ रुपए का व्यय होंगे। जैसलमेर, जोधपुर, बीकानेर, बाड़मेर और जालोर को शामिल करते हुए थार सांस्कृतिक सर्किट झुंझुनू में वार म्यूजियम प्रस्तावित किया गया है।

साइबर अपराधों पर नियंत्रण एवं रोकथाम के लिए राजस्थान साइबर क्राइम कंट्रोल सेंटर की स्थापना, कर्मचारियों के समग्र कल्याण के लिए सलेरी एकाउंट पैकेज, चरणबद्ध रूप से मुख्यमंत्री शिशु-वात्सल्य सदन पंचायतीराज संस्थाओं को स्टेट पंचायत अवार्ड्स प्रस्तावित।

प्रदेश में सिंचाई सुविधाओं से सम्बन्धी विभिन्न कार्य 11 हजार 300 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से कराया जाना प्रस्तावित किया गया हैं। इसी तरह आगामी वर्ष 50 हजार सोलर पम्प संयंत्रों के लिए एक हजार 500 करोड़ रुपए का व्यय। समस्त श्रेणियों के आवंटियों को कृषि भूमि के पेटे बकाया किश्तों की राशि आगामी अप्रैल से 30 सित्तम्बर तक एकमुश्त जमा कराए जाने पर ब्याज में शत-प्रतिशत छूट प्रस्तावित। विभिन्न कृषि यंत्रों के लिए 160 करोड़ रुपए का अनुदान प्रस्तावित जिससे लगभग 50 हजार कृषक लाभान्चित होंगे।

मुख्यमंत्री बीज स्वावलम्बन योजना अन्तर्गत 90 प्रतिशत अनुदान पर 70 हजार क्विंटल बीज के लिए 50 करोड़ रुपये का व्यय प्रस्तावित जिससे तीन लाख कृषक लाभान्चित होंगे। पांच हजार कृषकों को नेपियर घास का निःशुल्क वितरण प्रस्तावित। ब्याज मुक्त अल्पकालीन फसली ऋण वितरण योजना के तहत आगामी वर्ष 35 लाख से अधिक किसान साथियों को 25 हजार करोड़ रुपए के ऋण प्रस्तावित जिस पर 800 करोड़ रुपए ब्याज अनुदान पर व्यय होंगे।

दीर्घकालीन सहकारी कृषि एवं नॉन फार्मिंग सेक्टर के लिए 590 करोड़ रुपए के ऋण पर पांच प्रतिशत ब्याज अनुदान प्रस्तावति जिससे लगभग 26 हजार किसान एवं लघु उद्यमी लाभान्वित होंगे। राज्य के और विशिष्ट एग्रो प्रोसीड प्रोडक्ट को राष्ट्रीय एवं अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान तथा इनसे जुड़े कृषकों को बेहतर मूल्य दिलवाने की दृष्टि से मिशन राज गिफ्ट प्रस्तावित।

प्रदेश में 250 टन एवं 500 टन क्षमता के 50-50 गोदामों का निर्माण प्रस्तावित जिस पर लगभग 20 करोड़ रुपए का व्यय होंगे। 200 नवगठित गोदाम विहीन ग्राम सेवा सहकारी समितियों में 100 टन क्षमता के गोदाम एवं कार्यालय भवन मय चारदीवारी निर्माण पर 30 करोड रुपए व्यय होंगे। प्रदेश के चयनित जिलों में 2 हजार कृषकों, व्यापारियों एवं निर्यातकों को प्रशिक्षण प्रस्तावित। किसानों को गर्मी एवं बरसात से बचाव के लिए शेड निर्माण सहित मण्डियों तक पहुंच मार्ग एवं यार्डो में अन्य आधारभूत कार्यों के लिए 350 करोड़ रुपए व्यय। 200 ग्राम पंचायतों में पशु चिकित्सा उपकेन्द्र, 25 पशु चिकित्सा उपकेन्द्रों को पशु चिकित्सालय में क्रमोन्नत, 50 पशु चिकित्सालयों को प्रथम श्रेणी पशु चिकित्सालयों में क्रमोन्नत एवं राजस्थान कोपरेटिव डेयरी इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फंड की राशि एक हजार करोड़ रुपए से बढ़ाकर दो हजार करोड़ रुपये करना प्रस्तावित।

एनसीआर, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश आदि राज्यों में सरस उत्पादों की दुकानें जिन पर 100 करोड़ रुपए का व्यय। मुख्यमंत्री दुग्ध उत्पादक सम्बल योजना 700 करोड़ रुपए का अनुदान, लगभग पांच लाख पशुपालक को इसका फायदा मिलेगा। ग्रामीण क्षेत्र में एक हजार नवीन दुग्ध संकलन केन्द्रों की स्थापना एवं 500 डेयरी बूथ का आवंटन प्रस्तावित।

इसी तरह हरियाळो-राजस्थान’ के तहत आगामी वर्ष 10 करोड़ पौधारोपण, राज्य के समस्त जिला मुख्यालयों पर आगामी वर्ष उन्नत नमो नर्सरी प्रत्येक पंचायत समिति स्तर पर चरणबद्ध रूप से नमो वन अजमेर, ब्यावर, हनुमानगढ़, बीकानेर, दौसा, जयपुर सहित 16 जिलों में मॉडल उद्यान ऑक्सीजन के रूप में विकसित, 32 करोड़ रुपए का व्यय होंगे।

चित्तौड़गढ़ में कुम्भा बायोलॉजिकल पार्क, 31 करोड़ रुपए का व्यय। वन्यजीव संरक्षण के साथ-साथ संरक्षित क्षेत्रों में मेन-एनीमल कंफ्लीक्ट पर विशेष ध्यान दिये जाने के उद्देश्य से आगामी वर्ष पृथ्वी परियोजना प्रस्तावत जिस पर एक हजार 500 करोड़ रुपए होंगे। मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान 2.0 के तृत्तीय चरण के तहत आगामी वर्ष लगभग 5 हजार गांवों में 2 हजार 500 करोड़ रुपए की लागत से वाटर हारवेस्टिंग स्ट्रक्चर्स के एक लाख 10 हजार कार्य प्रस्तावित।

वन भूमि की धातिपूर्ति के लिए गैर-वन भूमि से एक हजार हेक्टेयर का लैंड बैंक प्रस्तावित, अलवर, उदयपुर, सवाई माधोपुर, कोटा, बूंदी तथा जयपुर में स्पेशलाइज्ड सेर्ग्स फोर ट्रीटमेंट आफ वाइल्ड एनीमल्स खोले जाएंगे। जयपुर एवं जोधपुर में पीपीपी मोड पर कंप्रेसड बायो गैस प्लांट की स्थापना प्रस्तावित की र्ग हैं। राज्य बजट में कृषि बजट प्रावधान में गत वर्ष की तुलना में 7.59 प्रतिशत की वृद्धि की गई हैं।