भीलवाड़ा। राजस्थान में भीलवाड़ा जिले के गंगापुर थाना क्षेत्र में माधोपुर गांव में गुरुवार को शराब समझकर रसायन का सेवन करने से तीन महिलाओं सहित चार लोगों की मौत हो गई, जबकि एक महिला गंभीर हालत में भर्ती है।
पुलिस सूत्रोंं ने शुक्रवार को बताया कि 10 फरवरी को आलोली ग्राम में हुए एक शादी समारोह में माधोपुर गांव के कंजर परिवार के लोग साफ-सफाई और बर्तन धोने के काम पर गए थे। बर्तनों की कालिख छुड़ाने के लिए वहां रसायन मंगाया गया था। मजदूर परिवार के लोग पानी जैसे दिखने वाले इस पारदर्शी तरल रसायन की चार प्लास्टिक बोतलें चोरी-छिपे अपने साथ घर ले आए।
पुलिस ने बताया कि 12 फरवरी की शाम को सुशीला, बादामी, जमनी और रतनलाल ने इस रसायन को शराब समझकर पी लिया। कुछ ही देर बाद उनके पेट में तेज जलन शुरू हुई और वे उल्टियां करने लगे। पड़ोसियों ने आनन-फानन में उन्हें गंगापुर अस्पताल पहुंचाया, जहां जमनी (60), रतन (42), सुशीला (40) और बादामी (60) की मौत हो गई, जबकि सनू (22) का महात्मा गांधी अस्पताल में उपचार जारी है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए गंगापुर पुलिस के विशेष दल ने भीलवाड़ा शहर के लक्ष्मी नारायण मंदिर रोड स्थित एक दुकान पर छापा मारा। प्रारंभिक जांच में पता चला कि यह जानलेवा रसायन इसी दुकान से खरीदा गया था। पुलिस दुकान संचालक के स्टॉक और बेचे गए लिक्विड के नमूनों की गहनता से जांच कर रही है। वहीं विधि विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) के दल ने भी माधोपुर पहुंचकर मौके से उक्त रसायन की बोतलें जब्त की हैं।
महात्मा गांधी अस्पताल के डॉ. चेतन ने बताया कि मृतकों के पेट में अत्यंत जहरीला तरल मिला है। अंदेशा जताया जा रहा है कि यह अत्यधिक सांद्रता वाला स्पिरिट या एसिडिक रसायन हो सकता है, जिसने शरीर के अंदरूनी अंगों को पल भर में जला दिया। घटना के बाद से पूरे माधोपुर बस्ती में सन्नाटा पसरा है।



