भीलवाड़ा। राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में शनिवार को एक निजी अस्पताल में उपचार के दौरान छात्रा की मौत हो जाने से माहौल तनावपूर्ण हो गया। घटना के बाद गुस्साए परिजनों और समाज के लोगों ने अस्पताल प्रशासन पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया और धरने पर बैठ गए।
पुलिस सूत्रों के अनुसार मृतक छात्रा की पहचान रविना बलाई (18) के रूप में हुई है। वह प्रथम वर्ष की छात्रा थी और पढ़ाई के लिए बालिका छात्रावास में रह रही थी। बताया जा रहा है कि शुक्रवार देर रात अचानक रविना को तेज पेट दर्द की शिकायत हुई। छात्रावास में उसकी तबीयत बिगड़ने पर शनिवार सुबह एंबुलेंस की मदद से उसे भीलवाड़ा शहर के अरिहंत अस्पताल ले जाया गया।
अस्पताल में सुबह करीब साढ़े सात बजे रविना को भर्ती किया गया। इसी दौरान छात्रा की तबीयत की सूचना उसके परिजनों को दी गई। खबर मिलते ही परिजन भी तुरंत अस्पताल पहुंच गए। परिजनों का कहना है कि जब वे अस्पताल पहुंचे, तब रविना होश में थी और बातचीत भी कर रही थी। शुरुआत में उन्हें उम्मीद थी कि सामान्य उपचार से उसकी हालत में सुधार हो जाएगा।
हालांकि, परिजनों के अनुसार कुछ समय बाद रविना की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। उसकी स्थिति गंभीर होती देख डॉक्टरों ने उसे आईसीयू में शिफ्ट कर दिया। परिजनों का आरोप है कि इलाज के दौरान आवश्यक सावधानी नहीं बरती गई और समय पर सही उपचार नहीं दिया गया, जिससे उसकी हालत और बिगड़ती चली गई।
दोपहर करीब दो बजे छात्रा ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। बेटी की मौत की खबर सुनते ही परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने अस्पताल परिसर में हंगामा शुरू कर दिया और इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए विरोध जताया। देखते ही देखते अस्पताल में भारी भीड़ जमा हो गई। छात्रा के अन्य रिश्तेदार और समाज के लोग भी अस्पताल पहुंच गए।
घटना के बाद अस्पताल परिसर में तनाव का माहौल बन गया। आक्रोशित परिजनों और समाज के लोगों ने अस्पताल प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और मुआवजे की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए। उनका कहना था कि यदि समय पर उचित इलाज मिलता तो रविना की जान बचाई जा सकती थी।
स्थिति बिगड़ती देख अस्पताल प्रशासन ने तुरंत कोतवाली थाने को सूचना दी। इसके बाद पुलिस उपाधीक्षक (सिटी) सज्जन सिंह और कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने अस्पताल में मौजूद लोगों को शांत कराने और समझाने का प्रयास किया।
पुलिस अधिकारियों ने परिजनों से बातचीत कर मामले को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने की अपील की। वहीं, परिजन लगातार अस्पताल प्रशासन पर कार्रवाई और उचित मुआवजे की मांग पर अड़े रहे।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। अस्पताल प्रशासन की ओर से भी स्थिति को संभालने का प्रयास किया जा रहा है। छात्रा की मौत के कारणों को लेकर सवाल उठ रहे हैं और परिजन न्याय की मांग कर रहे हैं।
इस घटना ने एक बार फिर निजी अस्पतालों में उपचार व्यवस्था और मरीजों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं खड़ी कर दी हैं। अब देखना होगा कि जांच के बाद इस मामले में क्या निष्कर्ष सामने आता है और परिजनों को न्याय मिल पाता है या नहीं।



