इसलिए हिंदू श्मशान समिति के पदाधिकारियों के समक्ष करवाई सिरोही की लालवेरा की पैमाईश

51
सिरोही की हिंदू श्मशान की लाल वेरा की भूमि की पैमाईश के बाद बनाया मौका नक्शा जिसमें लाल रंग के भूखंड को लाल वेरा का हिस्सा बताया गया है।

सबगुरु न्यूज-सिरोही। लालवेरा की भूमि और नेहरू उद्यान के बीच की पड़तल भूमि का शनिवार को सीमाज्ञान किया गया। सीमाज्ञान के बाद ये भूमि को लालबेरा के खसरा संख्या 2694 का हिस्सा की मिली। रामझरोखा की बावड़ी और लालबेरा के कुएं को जीरो पॉइंट मानकर ये जीपीएस नाप लिया गया।

2016 से पहले लालबेरा विकास समिति इस संपत्ति की देखरेख करती थी। लेकिन, 2013 में इस संपत्ति में बनी दुकानों और समिति में विवाद होने पर प्रकरण किराया प्राधिकरण में पहुंचा। लोक अदालत में इसका आपसी सहमति से 8 दिसंबर 2015 को निस्तारण हुआ। इसमें तत्कालीन जिला न्यायाधीश पीसी पगारिया ने लोक अदालत में दोनों पक्षों की सहमति से 1 जनवरी 2016 से लालबेरा विकास समिति का विलय हिंदू श्मशान समिति में कर दिया था।

इसके आगे से इस संपत्ति से संबंधित समस्त निर्णय के अधिकार हिंदू श्मशान समिति के पास आ गए थे । न्यायालय ने लालवेरा की सम्पत्ति को हिंदू समाज की होने के नाते 36 कौम के दो – दो लोगों प्रतिनिधित्व करते हुए हिन्दू श्मशान समिति के पुनर्गठन के आदेश दिए थे। इसी कारण इस भूमि का सीमाज्ञान होने के समय हिंदू श्मशान समिति के पदाधिकारियों को उपस्थित रखा गया।

सिरोही के खसरा संख्या 2694 की पैमाईश के बाद बनाई गई मौका फर्द।

– लालवेरा के नाम 0.44 हेक्टेयर के चार खसरे

रामझरोखा के ठीक सामने लाल वेरा की सम्पत्ति है। इसके चार खसरे हैं। खसरा संख्या 2691, 2692, 2692 और 2694। इसके ठीक सटी हुई नगर पालिका की भूमि है जो खसरा संख्या 2695 का हिस्सा है। इसमें नेहरू पार्क है। नेहरू पार्क के खसरा संख्या 2965 और लाल वेरा के खसरा संख्या 2694 के बीच ये जमीन है और पैमाईश के अनुसार ये खसरा संख्या 2694 के ही श्मशान की भूमि का हिस्सा है।

सिरोही में खसरा संख्या 2694 की पैमाईश की हुई भूमि पर लगाया गया बैनर।

– सेवा भारती का बैनर लगाया

जिस भूमि की पैमाईश के बाद हिंदू श्मशान समिति के सदस्यों की मौजूदगी में पत्थरगढ़ी करके इसपर हिंदू श्मशान समिति का शिलापट्ट लगाया था। आरोप ये लगाया गया कि इस शिला को अज्ञात लोगों द्वारा तोड़ दिया गया। बाद में इसी भूमि पर सेवा भारती का बैनर लगा हुआ फोटो वायरल होने लगा। इस पर लिखा था कि ये भूमि सेवाभारती समिति सिरोही के स्वामित्व की है। इसका पट्टा संख्या 6 है जो 30 दिसंबर 2025 को जारी हुआ है। सेवा भारती आरएसएस का एक प्रकल्प है। ये भूमि रामझरोखा मंदिर की उस भूमि के ठीक सामने है जिसे आरएसएस के दूसरे प्रकल्प आदर्श शिक्षा समिति के नाम से 99 साल की लीज का विवाद चल रहा है।