मुंबई। विदेशों से मिले सकारात्मक संकेतों के बीच घरेलू शेयर बाजारों में बुधवार को तेजी रही और प्रमुख सूचकांक अंतिम समय में हुई मुनाफावसूली के बावजूद हरे निशान में बंद हुए।
बीएसई का संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 50.15 अंक (0.06 प्रतिशत) ऊपर 82,276.07 अंक पर पहुंच गया। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी-50 सूचकांक 57.85 अंक यानी 0.23 प्रतिशत चढ़कर 25,482.50 अंक पर बंद हुआ। पिछले कारोबारी दिवस पर दोनों प्रमुख सूचकांक एक प्रतिशत से अधिक टूटे थे।
आईटी, ऑटो, फार्मा और धातु कंपनियों में मजबूत लिवाली देखी गयी जबकि एफएमसीजी, सार्वजनिक बैंकों, रियलटी और तेल एवं गैस सेक्टरों की कंपनियों में बिकवाली का जोर रहा।
अन्य एशियाई बाजारों में रही तेजी से शुरुआती कारोबार में घरेलू बाजारों में भी निवेश धारणा मजबूत रही। सेंसेक्स सुबह 732 अंक की बढ़त बनाता हुआ 82,957 अंक तक पहुंच गया था, लेकिन रिलायंस इंडस्ट्रीज, भारतीय स्टेट बैंक और अडानी पोर्ट्स जैसी दिग्गज कंपनियों में गिरावट के कारण बाद में इसकी बढ़त सीमित रह गयी। बड़ी कंपनियों की तुलना में छोटी और मझौली कंपनियों में ज्यादा तेजी रही। निफ्टी मिडकैप-50 सूचकांक 0.66 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप-100 सूचकांक 0.94 प्रतिशत चढ़ गया।
एनएसई में जिन 3,287 कंपनियों के शेयरों में कारोबार हुआ उनमें से 1,700 के शेयर ऊपर और 1,479 के नीचे बंद हुए। अन्य 108 कंपनियों के शेयर दिन भर के उतार-चढ़ाव के बाद अंततः अपरिवर्तित रहे।
सेंसेक्स की कंपनियों में एचसीएल टेक्नोलॉजीज का शेयर 2.80 फीसदी चढ़ गया। टाटा स्टील में 2.63 फीसदी, टीसीएस में 2.14, इंडिगो में 2.01, सनफार्मा में 1.92, महिंद्रा एंड महिंद्रा में 1.80, टेक महिंद्रा में 1.13 और एक्सिस बैंक में 1.07 प्रतिशत की तेजी रही। बीईएल, एलएंडटी, मारुतु सुजुकी, पावरग्रिड, टाइटन, अल्ट्राटेक सीमेंट, हिंदुस्तान यूनीलिवर और एनटीपीसी के शेयर भी ऊपर रहे।
रिलायंस इंडस्ट्रीज का शेयर 2.23 प्रतिशत गिर गया। भारतीय स्टेट बैंक में 1.93 फीसदी, अडानी पोर्ट्स में 1.72, इटरनल में 1.46, भारती एयरटेल में 1.39 और आईटीसी में 1.22 प्रतिशत की गिरावट रही। कोटक महिंद्रा बैंक, एचडीएफसी बैंक और बजाज फाइनेंस के शेयर भी लाल निशान में बंद हुए।
जापान का निक्केई 2.20 प्रतिशत, चीन का शंघाई कंपोजिट 0.72 प्रतिशत और हांगकांग का हैंगसेंग 0.66 प्रतिशत की बढ़त में बंद हुआ। यूरोपीय बाजारों में शुरुआती कारोबार में ब्रिटेन का एफटीएसई 0.95 फीसदी और जर्मनी का डैक्स 0.43 प्रतिशत ऊपर था।



