मारपीट में ब्रह्माकुमारी के कई लोग नामजद, हुई गिरफ्तारी, पुलिस वाले भी हुए घायल

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आबूरोड के ब्रह्माकुमारी संस्थान के विवादित भवन पर जांच के लिए पहुंचे एससी एसटी सेल के डीएसपी दिनेश कुमार।

सबगुरु न्यूज-आबूरोड। ब्रह्माकुमारी संगठन के अंतरराष्ट्रीय मुख्यालय शांतिवन में बुधवार रात को दो पक्षो में एक संपत्ति को लेकर जबरदस्त मारपीट हुई। एक पक्ष तो ब्रह्माकुमारी संगठन से जुडा हुआ है लेकिन, दूसरे पक्ष के बारे में भी दावा किया जा रहा है कि वो भी इस संस्थान से जुडा रहा है। लेकिन, ब्रहमाकुमारी के पीआरओ के अनुसार दूसरे पक्ष का ब्रहमाकुमारी से कोई सबंध नहीं है।

मारपीट के दौरान सदर पुलिस भी वहां पहुंची तो कथित रूप से संगठन के लोगों ने दूसरे पक्ष के युवक निखिल के साथ-साथ पुलिस वालो के साथ भी मारपीट कर दी जिससे वो घायल भी हो गए। पुलिस थाने मे निखिल राजपूत और पुलिस की तरफ से दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई है। निखिल ने अपनी एफआईआर में ब्रहमाकुमारी संस्थान के पदाधिकारियों समेत कई लोगों को नामजद करवाया वहीं पुलिस ने भी राजकार्य में बाधा का प्रकरण दर्ज करके जांच शुरू कर दी है। मारपीट के बाद ब्रहमाकुमारी संस्थान के एक दर्जन लोगों को शांतिभंग के आरोप में गिरफ्तार किया है।

आबूरोड सदर थानें में शांतिवन में ब्रहमाकुमारी संगठन का अंतरराष्ट्रीय मुख्यालय है। इसी शांतिवन में स्थित प्रभुदर्शन निवासी निखिल पुत्र राजकुमार सिंह के द्वारा दर्ज करवाई गई रिपोर्ट में उसने बताया कि वह और उसका साथी संजयकुमार बुधवार की रात को करीब साढे दस बजे उनके निवास स्थान पर बैठे हुए थे। तभी बीके भुवन चंद सती, बीके करुणा भाई, बीके जगदीश, बीके देवू, बीके अनिल, बीके चन्दन, बीके जगतपाल, बीके वासु, घनश्याम सिंह, बीके वेदनाथ, बीके रेवेंद्र, बीके अविनाश, बीके नितिन, बीके बाबूभाई, बीके नीलेश, बीके अनिल, बीके मोनू, बीके कृष्णा व अन्य 20-25 बीके भाई लोगो ने हाथ में लाठी व सरियो से उन पर हमला कर दिया।

उनके सिर पर वार किया। वह अपना हाथ सिर पर नहीं रखता तो उसका सिर फट जाता और वो मर जाता। उसने बताया कि उसके साथ उसके साथी संजय कुमार को भी लाठी व सरियो से पीटा। अपना सिर बचाने के चक्कर में उसने अपने हाथ से बचाव किया तो उसके हाथ पर गंभीर चोटे आयी। भुवन चंद सती ने व देव भाई आवास निवास वाले ने मेरे सिर पर पहला हमला किया। उन लोगो ने उसका मोबाईल 8000 रुपए व सोने की चेन व सोने की अंगूठी व संजय का मोबाईल मेरी प्रॉपर्टी प्रभुदर्शन के समस्त मूल दस्तावेज भी छीन लिए।

ब्रह्माकुमारीज संस्थान के पीआरओ बीके कोमल ने बताया कि संस्थान में स्थित एक बिल्डिंग जो संस्थान की है। उसमें निखिल सिंह नामक व्यक्ति ने 31 मार्च की रात्रि को अवैध रूप से बिल्डिंग में अपने कुछ साथियों के साथ प्रवेश किया और बिल्डिंग में मौजूद लोगों से मारपीट की और उन्हें जबरन बाहर निकाल दिया। घटना के बाद संस्थान ने निखिल सिंह के खिलाफ थाने में मामला दर्ज कराया।

कोमल ने बताया कि साथ ही उच्चाधिकारियों को भी इसके बारे में अवगत करा दिया था। कार्रवाई नहीं होने से संस्थान के सदस्यों मे आक्रोश है। कोमल ने बताया कि निखिल सिंह का पूर्व में संस्थान में आना जाना था पर उसके गलत आचरण के चलते उसे संस्थान ने बाहर कर दिया था। इसके बाद से वह लगातार संस्थान को बदनाम करने के लिए प्रयास कर रहा है पुलिस से संस्थान ने निष्पक्ष जांच कि मांग की है।

आबूरोड में ब्रह्माकुमारी संस्थान में मारपीट में चोटिल हुए युवक चिकित्सालय में पूछताछ करते एएसपी।ओ

-दो पुलिसकर्मी चोटिल

इस घटना की सूचना मिलने पर सदर थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची। उस समय ब्रहमाकुमारी संगठन के लोगों और निखिल के बीच मारपीट चल रही थी। इसी दौरान पुलिस के साथ भी हाथापाई करके राजकार्य में बाधा डाली। पुलिस पर हुए हमले में दो पुलिसकर्मी चोटिल हो गए। इस मारपीट में घायल हुए निखिल को उपचार के लिए उपजिला चिकित्सालय में भर्ती करवाया गया, उसे अग्रिम उपचार के लिए रेफर किया गया। इस घटनाक्रम के बाद तलहटी क्षेत्र में अफरातफरी मच गई। बडे संगठन का मामला होने से शांति व्यवस्था के लिए आसपास के थानों की पुलिस भी यहां पर बुलवाई गई। घटना की सूचना मिलने पर आबूरोड पहुंचे एएसपी किशोरसिंह ने बताया कि मौके से संस्थान के करीब एक दर्जन लोगों को शांतिभंग करने के मामले में गिरफ्तार करके पुलिस थाने लाया गया। आबू सीओ गोमाराम ने बताया कि पुलिस कर्मियों के साथ हुई मारपीट के बाद संबंधित पक्ष के खिलाफ राजकार्य में बाधा का प्रकरण दर्ज किया गया है।

आबूरोड ब्रह्माकुमारी के अंतर्राष्ट्रीय मुख्यालय में स्थिति भवन के विवाद के दौरान हुई मारपीट में हुई टूट फूट।

– ब्रहमाकुमारी की एफआईआर में विधायक का जिक्र

ब्रहमाकुमारी संगठन की ओर से भी बुधवार को एक एफआईआर दर्ज करवाया था। शांतिवन निवासी बीके ललित भाई पुत्र तुलसीराम ने अपनी एफआईआर मंे बताया कि दानवाव तहसील आबुरोड मे शांतिवन परिसर के समीप उनकी मालकी की प्रभु दर्शन बिल्डिंग के नाम से संपत्ति है। इसे उन्होंने भुखण्डो के स्वामी अर्जुन प्रसाद शाह उर्फ बीके अर्जुन से 29 दिसम्बर 2016 व 08 फरवरी 2018 के दो अलग अलग पंजीकृत दान पत्र द्वारा जरिये दान प्राप्त किया था। तभी से जायदाद पर उनका कब्जा अधिकार है तथा उस भूखण्ड पर भवन भी उनके द्वारा ही बनाया गया है।

उन्होंने एफआईआर में बताया कि इस भवन के संदर्भ में निखिल कुमार पुत्र राजकुमार उसे हडपना चाहता था। इसी से प्रेरित होकर उसने दानकर्ता स्वर्गीय अर्जुनप्रसाद की पत्नी श्रीमती निर्मला के नाम से एक दावा आबूरोड न्यायालय में प्रस्तुत किया गया था। निर्मला बनाम प्रजापिता ब्रम्हाकुमारीज के नाम से दर्ज इस प्रकरण में अन्तिरिम निषेधाज्ञा चाही थी, जिसे माननीय न्यायालय ने निर्मलादेवी के कब्जे में नहीं होने का मानते हुए खारिज कर दिया था।

इस रिपोर्ट में बताया गया कि जायदाद पर उनकी संस्था के कब्जे, अधिकार व स्वामीत्व की है। इसमंे बताया कि 31 मार्च 2026 को शाम करीब साढे चार बजे निखिल पुत्र राजकुमार अपने 10-15 साथियो के साथ लाठी-कुल्हाडी इत्यादि लेकर आया। प्रभु दर्शन बिल्डिंग पर जबरन कब्जा करने का प्रयास किया। इस पर उसे हमारी संस्था के सिक्योरिटी कर्मियो द्वारा रोका गया तो उसने हमारी संस्था के सुरक्षा सेवक रिटार्यड सुवेदार जगतपाल सिंह पुत्र श्री वजेसिंह पर हमला किया। उन्हे मारपीट कर चोट पहुंचाई। अन्य सरक्षा कर्मीयो के साथ भी धक्क मुक्क्की मारपीट व गाली गलोच की। इसमें आरोप लगाया गया कि निखिल ने खुदको किसी माया देवी का मुख्त्यार आम होना बताते हुऐ उक्त संम्पदा माया देवी द्वारा खरीदा जाना कथन किया है। उन्होंने बताया कि उसने हमारी सम्पती को हडपने की नियत से फर्जी कूट रचित दस्तावेज तैयार किया है।

रिपोर्ट में बताया कि निखिल पर पूर्व में भी मुकदमें दर्ज है। इसमें आरोप लगाया गया कि निखिल स्थानीय विधायक महोदय व तहसीलदार को उनका खास बताता है। इसमें आशंका जताई कि इनके प्रभाव से व संस्था के लोगो को जेल भिजवाकर सम्पत्ति हडप लेगा। इसमें मांग की गई कि निखिल उसके अपराधिक साथियों के साथ प्रभुर्दशन बिल्डिंग के बाहर बैठा है। झगडा फसाद करने को आतुर है।