राजस्व कर्मचारी महासंघ के आव्हान पर अजमेर में कर्मचारियों का प्रदर्शन

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आरजीएचएस योजना के कथित बदलाव का विरोध
मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन देकर किया आन्दोलन का आगाज
अजमेर। राजस्व मंत्रालयिक कर्मचारी महासंघ ने आरजीएचएस योजना में कथित बदलाव के विरोध में प्रदेश व्यापी आन्दोलन का ऐलान कर दिया है। महासंघ के आव्हान पर आरजीएचएस योजना के कथित बदलावों, पदौन्नति को 6 माह से अधिक समय होने के पर भी पदौन्नत 200 तहसीलदारों का पदस्थापन नहीं किए जाने, उपखण्ड कार्यालयों में पद सृजन एवं अन्य वित्तीय मांगों को लेकर सोमवार को अतिरिक्त कलक्टर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन दिया।

महासंघ के जिलाध्यक्ष राजेश चौधरी ने बताया कि वर्तमान सरकार कर्मचारियों के हित लाभ को बन्द करना चाहती है तथा कर्मचारियो की वाजिब मांगों के प्रति उदासीन रवैया अपना रही है। राज्य के 7 लाख कर्मचारियों में सरकार के प्रति उत्पन्न आक्रोष को देखते हुए आन्दोलन का आगाज किया गया है।

महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष सुधीर यादव ने सभी कर्मचारी संगठनों से आव्हान किया है कि आरजीएचएस योजना के निजीकरण एवं कर्मचारियों के अवकाश एन्केशमेन्ट एवं सेवा निवृति पर समय पर समस्त परिलाभ नहीं मिलने से कर्मचारियों की परेशानी को देखते हुए सभी कर्मचारी संगठनों को आन्दोलन में शामिल होना चाहिए।

महामंत्री सुरेश तोबड़िया ने बताया कि इससे पूर्व राजस्व मंत्री हेमन्त मीणा व मुख्य सचिव एवं चिकित्सा सचिव, कार्मिक सचिव, राजस्व सचिव से मिलकर आन्दोलन का नोटिस दिया गया है परन्तु सरकार द्वारा कोई सकारात्मक पहल नहीं किए जाने से प्रदेशव्यापी आन्दोलन शुरू किया है। सोमवार को कलेक्ट्रेट एवं उपखण्ड कार्यालयों के बाहर प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन दिया गया।

उन्होंने सरकार को आगाह करते हुए बताया कि यदि शासन की ओर से कोई सकारात्मक पहल नहीं की जाती है एवं आरजीएचएस योजना को सुचारू नहीं किया जाता है तो अगले सोमवार को आगामी चरण की घोषणा कर उग्र आन्दोलन शुरू कर दिया जाएगा।

अतिरिक्त कलक्टर को जिलाध्यक्ष राजेश चौधरी के नेतृत्व में ज्ञापन सौंपा गया। इस अवसर पर अतुल भार्गव, सतीश सैनी, गौतम कटारिया, ललित हाड़ा, मनीष उदयवाल, रवि पारीक, ममता मीणा, शालिनी शर्मा, ममता यादव, श्रीराम ज्याणी, मनीष, प्रवीण शर्मा आदि उपस्थित रहे।