फिरोजाबाद। उत्तर प्रदेश में फिरोजाबाद जिले की एक अदालत ने वृद्ध दंपति की हत्या के मामले में मृतक दंपती के बड़े बेटे और बहू समेत पांच लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
वृद्ध दंपती हत्याकांड के लंबित मामले की सुनवाई करते हुए जनपद न्यायाधीश डॉक्टर बच्चू सारंग ने मंगलवार को अपना निर्णय सुनाते हुए मृतक दंपती के पुत्र योगेश तथा पुत्रवधू रश्मि के साथ उसके दो भाई सुशील तथा अंकित के अलावा एक अन्य युवक रवि को भी दोषी करार दिया। उन्होंने सभी आरोपियों को आजीवन कारावास के साथ आर्थिक दंड की सुनाया।
न्यायाधीश ने अपना निर्णय सुनाते हुए कहा कि एक बेटे को जन्म देने वाले माता-पिता जिन्होंने उसकी पालकर बड़ा किया उसके द्वारा संपत्ति के लालच में वेरहमी से माता-पिता की हत्या करना समाज और मानवता पर कलंक और क्रूरतम कृत्य है।
घटनाक्रम के अनुसार मूल रूप से जनपद एटा के निवासी राकेश सिंह तथा उनकी पत्नी गुड्डी देवी अपने ननिहाल में फिरोजाबाद के थाना एका के गांव नगला रमिया में मकान बनाकर और खेत लेकर काफी वर्षों से रह रहे थे। इस दौरान उनके बड़े बेटे योगेश ने गांव में ही एक लड़की रश्मि के साथ माता-पिता के विरोध के बावजूद शादी कर ली थी।
उसके बाद योगेश और उसके ससुराल जन मिलकर राकेश सिंह के मकान और खेतों पर कब्जा करने की नीयत से साजिश कर उन्हें प्रताड़ित करते रहते थे। परेशान होकर राकेश सिंह पत्नी गुड्डी देवी के साथ अपने छोटे बेटे प्रदीप को लेकर एटा के गांव नगला केवल में किराए के मकान पर जाकर रहने लगे थे।
वर्ष 2023 28 मई को वह अपने खेत की वटाई का रुपया लेने नगला रमिया बाइक से पति पत्नी गए थे। जब बटाईदार से रुपया लेकर वह वापस एटा लौट रहे थे। तभी रास्ते में राकेश सिंह के बड़े बेटे योगेश पुत्रवधू रश्मि तथा योगेश के दो साले अंकित और सुशील तथा एक दोस्त रवि ने घेराबंदी कर गोलियों से भूनकर उनकी मौके पर हत्या कर दी थी।
दिनदहाड़े दंपती की हत्या और लूट से क्षेत्र में खलवली मच गई थी। मृतक दंपती के छोटे बेटे प्रदीप द्वारा बड़े भाई और भाभी आदि के खिलाफ माता-पिता की हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने संबंधित मामले में जांच करवाई के बाद सभी आरोपियों के खिलाफ चार्ज शीट न्यायालय में दाखिल की गई थी।



