उज्जैन। मध्यप्रदेश के उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में श्रावण-भादौ मास के दौरान मंदिर के पट खुलने तथा भस्म आरती के समय में परिवर्तन किया गया है। नई व्यवस्था 30 जुलाई से 7 सितंबर तक प्रभावी रहेगी।
श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष एवं कलेक्टर रोशन कुमार सिंह की अध्यक्षता में रविवार को आयोजित बैठक में यह निर्णय लिया गया। बैठक में बताया गया कि इस अवधि में प्रतिदिन सुबह मंदिर के पट सुबह तीन बजे खोले जाएंगे।
मंदिर प्रबंधन के अनुसार प्रत्येक सोमवार को विशेष व्यवस्था के तहत भगवान श्री महाकाल की भस्म आरती सुबह 2:30 बजे प्रारंभ होगी और सुबह 4:30 बजे तक चलेगी। अन्य दिनों में भस्म आरती का समय सुबह 3 बजे से 5 बजे तक निर्धारित किया गया है। बैठक में बताया गया कि 8 सितंबर से मंदिर के पट खुलने और भस्म आरती की व्यवस्था पूर्ववत कर दी जाएगी।
श्रावण-भादौ में भगवान महाकाल की छह सवारियां
उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में श्रावण और भादौ मास के दौरान भगवान महाकाल की पारंपरिक छह सवारियां निकाली जाएंगी। इनमें प्रथम सवारी तीन अगस्त से प्रारंभ होगी, जबकि अंतिम राजसी (शाही) सवारी सात सितंबर को निकाली जाएगी।
श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष एवं कलेक्टर रोशन कुमार सिंह की अध्यक्षता में रविवार को आयोजित बैठक में सवारी की तैयारियों की समीक्षा की गई। बैठक में श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा, दर्शन व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, स्वच्छता तथा विभिन्न विभागों के समन्वय को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक में बताया गया कि इस वर्ष श्रावण मास में चार तथा भादौ मास में दो सवारियां निकाली जाएंगी। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार पहली सवारी तीन अगस्त, दूसरी 10 अगस्त, तीसरी 17 अगस्त, चौथी 24 अगस्त, पांचवीं 31 अगस्त तथा अंतिम राजसी (शाही) सवारी सात सितंबर को निकलेगी।
सभी सवारियां श्री महाकालेश्वर मंदिर के सभा मंडप में विधि-विधान से पूजन-अर्चन के बाद पारंपरिक मार्ग से रामघाट पहुंचेंगी, जहां भगवान महाकाल का पूजन-अर्चन किया जाएगा। इसके बाद सवारी निर्धारित मार्ग से पुनः मंदिर लौटेगी।
राजसी (शाही) सवारी सात सितंबर को पारंपरिक मार्ग के अलावा टंकी चौराहा, मिर्जा नईमबेग मार्ग, तेलीवाड़ा चौराहा, कंठाल, सतीगेट, सराफा, छत्री चौक, गोपाल मंदिर, पटनी बाजार और गुदरी चौराहा होते हुए श्री महाकालेश्वर मंदिर पहुंचेगी।
बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सवारी मार्ग पर श्रद्धालुओं के लिए बेहतर दर्शन व्यवस्था सुनिश्चित करने के साथ सुरक्षा, यातायात और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं समय रहते पूर्ण की जाएं।



