केंद्रपाड़ा में मां-बेटे का हिरासत में उत्पीड़न करने के आरोप में महिला पुलिस निरीक्षक निलंबित

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भुवनेश्वर। ओडिशा के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) ने केंद्रपाड़ा जिले के तलचुआ मरीन थाना की प्रभारी निरीक्षक (आईआईसी) संध्यारानी जेना को मां-बेटे को हिरासत में उत्पीड़न करने के आरोप में निलंबित कर दिया है।

डीजीपी ने एक आदेश में कहा कि केंद्रपाड़ा जिले के तलचुआ मरीन थाना की निरीक्षक संध्यारानी जेना के खिलाफ उनके गलत काम और ड्यूटी में लापरवाही के लिए अनुशासनात्मक कार्रवाई करने का विचार है और लोक सेवा के हित में यही सही माना जाता है। मैं इसलिए पीएमआर के नियम 840 के तहत मिली शक्ति का इस्तेमाल करते हुए केंद्रपाड़ा जिले के तलचुआ मरीन थाना की प्रभारी निरीक्षक जेना को तुरंत निलंबित करता हूं। जब तक यह आदेश लागू रहेगा, वह कटक के पुलिस महानिरीक्षक (सेंट्रल रेंज) के अनुशासनात्मक नियंत्रण में रहेंगी। उन्हें ओडिशा सेवा संहिता के नियम 90 के तहत मिलने वाला गुजारा भत्ता और महंगाई भत्ता मिलेगा।

इससे पहले केंद्रपाड़ा के पुलिस अधीक्षक ने पट्टामुंडई के अनुमंडल पुलिस अधिकारी से हिरासत में उत्पीड़न की जांच करने को कहा था। जांच के नतीजों में तलचुआ मरीन थाना की प्रभारी निरीक्षक पर आरोप लगाया गया और उन्हें थाना के अंदर दोनों को उत्पीड़न करने के लिए जिम्मेदार ठहराया गया।

पीड़िता 55 वर्षीया अन्नपूर्णा मंडल और उनके 31 वर्षीय बेटे अनंत कुमार मंडल गिरिपाही गांव के रहने वाले हैं। उन्हें पिछले सोमवार को एक लंबित मामले के सिलसिले में पूछताछ के लिए थाना बुलाया गया था और उनका हिरासत में उत्पीड़न किया गया। दोनों पर हिरासत में बुरी तरह हमला किया गया। उन्हें लगभग चार घंटे तक शौचालय में बंद रखा गया और कोरे कागजों पर हस्ताक्षर करने के लिए मजबूर किया गया।

अन्नपूर्णा ने दावा किया कि उनके कपड़े उतार दिए गए और पुलिसवालों ने उनके माथे से सिंदूर पोंछ दिया। दोनों को कई चोटें आईं और बाद में उन्हें राजनगर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। आधिकारिक रिपोर्ट के मुताबिक मेडिकल जांच में उनके शरीर पर चोट के निशान की पुष्टि हुई।