राजस्थान राज्य बीज निगम के निदेशक जुगलकिशोर के घर से एक करोड़ 59 लाख रुपए बरामद

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जयपुर। राजस्थान में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने बीजों की गुणवत्ता तथा बीज वितरण व्यवस्था में कथित भ्रष्टाचार एवं अनियमितताओं के संबंध में कार्रवाई करते हुए राजस्थान राज्य बीज निगम के निदेशक जुगल किशोर विश्नोई सहित पांच लोगों को हिरासत में लिया गया हैं जबकि एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया हैं वहीं सर्च के दौरान दो करोड़ 44 लाख रुपए बरामद हुए है।

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार इस मामले में विश्नोई, प्रोपराइटर किरण कापड़िया, गजराज ब्राण्ड (मूंगफली बीज), गणपत बिश्नोई, सुनील सेतीया तथा सतपाल को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है वहीं विश्नोई के भांजे स्वतंत्र विश्नोई को लूणकरणसर में नकद राशि सहित गिरफ्तार किया गया है। विश्नोई के घर से एक करोड़ 59 लाख एवं स्वतंत्र विश्नोई से बस में सर्च के दौरान लगभग 85 लाख रुपए कि राशि अभी तक प्राप्त हुई है

किरण कपाड़िया से उनके गोदाम के बीज वापस गुजरात ले जाने एवं इस मामले को दबाने की व्यवस्था में लगभग एक करोड़ 20 लाख रुपए जुगल किशोर द्वारा प्राप्त किए एवं लगभग 60 लाख रुपए गणपत द्वारा प्राप्त किए गए। एसीबी को सुचना प्राप्त हुई कि रविवार सुबह जुगल किशोर द्वारा अपने भांजे स्वतंत्र बिश्नोई के माध्यम से इस राशि में से 90 लाख रुपए गंगानगर भिजवा रहा हैं। जिस पर एसीबी टीम द्वारा संबंधित बस को लूणकरणसर में रुकवा कर तलाशी लेने पर 85 लाख रुपए राशि स्वतंत्र बिश्नोई से बरामद कर उसे लूणकरणसर में गिरफ्तार किया गया।

प्रारंभिक अनुसंधान में यह तथ्य सामने आए हैं कि गत 27 मई को किरण कापड़िया के मूंगफली बीज गोदाम पर की गई कार्रवाई के दौरान बीजों के नमूने एकत्रित किए गए थे तथा गजराज ब्राण्ड के बीजों के विक्रय पर रोक लगाई गई थी। अनुसंधान के दौरान यह संज्ञान में आया कि इस कार्रवाई को प्रभावित करने, प्रकरण को दबाने तथा गोदाम में रखे नकली बीजों को वापस गुजरात ले जाने की अनुमति दिलाने के एवं मदद करने कि एवज में बड़ी मात्रा में रिश्वत राशि का लेन-देन किया गया।

इस कंपनी के संबंधित व्यक्तियों ने उनके विरुद्ध की गई कार्यवाही के संबंध में विभिन्न अधिकारी कर्मचारी एवं प्राइवेट व्यक्तियों से संपर्क कर अनुचित लाभ लिया जाना जैसे प्रयोगशाला में सैंपल पास करवाना बीजों की बिक्री पुन प्रारंभ करवाना आदि प्राप्त किए जाने का प्रयास किया जाना जानकारी में आया है। इस प्रकरण में अग्रिम अनुसंधान भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो मुख्यालय में पद स्थापित वरिष्ठ अधिकारियों एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के उप महानिरीक्षक अजमेर के निकट पर्यवेक्षण में जारी है।