जयपुर। राजस्थान में सबसे बड़ा शिक्षकों का संगठन राजस्थान शिक्षक संघ राष्ट्रीय अब अखिल भारतीय संगठन के रूप में कार्य करेगा।
संगठन के प्रदेश महामंत्री महेंद्र कुमार लखारा ने बताया कि राजस्थान में शिक्षा, शिक्षक और शिक्षार्थी हित में कार्य करने वाले प्रदेश के सबसे बड़े शिक्षक संगठन राजस्थान शिक्षक संघ (राष्ट्रीय) 10192 संकुल 402 खंड 45 जिला 22 विभाग 10 संभाग संपूर्ण प्रदेश मे कार्यकारिणी के साथ सक्रिय है जिसके सदस्य प्रदेश में दो लाख 70 हजार 293 एवं भारतवर्ष में 13 लाख 60 हजार है जो अब परिवर्तित नए नाम अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ राजस्थान (विद्यालय शिक्षा) के नाम से कार्य प्रारंभ करेगा।
अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ संपूर्ण भारतवर्ष में शैक्षणिक नवाचार, शोध एवं सामाजिक उन्नयन के साथ ही शिक्षक और शिक्षार्थियों की समस्याओं के समाधान के लिए आवाज उठाने वाला संगठन है। अब राजस्थान में भी शिक्षक संघ (राष्ट्रीय) राष्ट्रीय स्तर पर कार्यरत संगठन बन गया है। यह सिर्फ नाम परिवर्तन तक सीमित नहीं है। राष्ट्रीय स्तर पर संगठन की व्यापकता होने से शिक्षकों के कई कार्य सुगम होंगे। संगठन द्वारा विभिन्न प्रदेशों में किए जा रहे नवीन शैक्षणिक नवाचार, शोध आदि का लाभ राजस्थान में भी होगा।
प्रदेश अध्यक्ष रमेश चंद्र पुष्करणा ने कहा कि संगठन संरचना अखिल भारतीय स्तर पर एक ही होने से संगठन संपूर्ण भारतवर्ष में समानरूप से कार्यक्रम करने वाला एक मात्र संगठन होगा। नाम परिवर्तन के लिए राजस्थान शिक्षक संघ (राष्ट्रीय) के 18 एवं 19 दिसंबर को बांसवाड़ा में आयोजित राज्य स्तरीय शैक्षिक सम्मेलन में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर निर्णय लिया गया।
संगठन की स्थाई समिति के निर्णय अनुसार प्रदेश में संगठन ने भारतीय नववर्ष चैत्र प्रतिपदा विक्रम संवत 2083 से कार्य प्रारंभ कर दिया है। संगठन की आगामी गतिविधियों कार्यक्रम आदि अब अखिल भारतीय योजना और प्रदेश की योजना अनुसार संचालित होंगे।



