भिवाड़ी अग्निकांड: अवैध पटाखा फैक्ट्री मामले में संचालक और मैनेजर अरेस्ट

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अलवर/भिवाड़ी। राजस्थान के खैरथल-तिजारा जिले के भिवाड़ी स्थित खुशखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण अग्निकांड के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कंपनी संचालक और उसके प्रबंधक को गिरफ्तार कर लिया है।

मंगलवार देर रात भिवाड़ी पुलिस ने फैक्ट्री संचालक हेमंत शर्मा और प्रबंधक अभिनंदन को हिरासत में लेकर गिरफ्तार किया। पुलिस जांच में सामने आया है कि यह फैक्ट्री वस्त्र निर्माण के लाइसेंस की आड़ में अवैध रूप से पटाखों का निर्माण और भंडारण कर रही थी।

हादसे में सात मजदूरों की दर्दनाक मौत

पुलिस के अनुसार, खुशखेड़ा के रीको औद्योगिक क्षेत्र स्थित फैक्ट्री जी1-118 में सोमवार को अचानक विस्फोट हुआ था। हादसा इतना भयावह था कि वहां काम कर रहे सात श्रमिकों की मौके पर ही जलकर मौत हो गई।

घटना के बाद शव इतनी बुरी तरह झुलस गए कि कई मृतकों की पहचान करना भी मुश्किल हो गया। पुलिस इसे प्रदेश के सबसे दर्दनाक औद्योगिक हादसों में से एक मान रही है।

छापेमारी में भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री बरामद

पुलिस ने कार्रवाई के दौरान फैक्ट्री और गोदाम पर छापेमारी कर भारी मात्रा में तैयार पटाखे, कच्चा विस्फोटक माल, निर्माण सामग्री, भंडारण के लिए रखे विस्फोटक बरामद किए हैं। जांच में सामने आया कि यह अवैध गतिविधि लंबे समय से संचालित की जा रही थी। जांच में सामने आया कि हेमंत शर्मा काफी समय से इस क्षेत्र में यह काम कर रहा था। उसकी कंपनी में सोमवार को विस्फोट हुआ था।

दो फैक्ट्री और एक गोदाम संचालक के बताए जा रहे हैं

पूछताछ के बाद पुलिस ने रीको क्षेत्र के प्लॉट संख्या जी-1/682 और जी-1/538 ए पर भी छापा मारा। ये इकाइयां मेसर्स कात्याल लॉजिस्टिक और लक्ष्मी एलॉयज के नाम से संचालित दिखाई गई थीं, लेकिन अंदर बड़े पैमाने पर पटाखों का निर्माण किया जा रहा था। यह मेसर्स कात्याल लॉजिस्टिक और लक्ष्मी एलॉयज के नाम पर संचालित की जा रही थी, जबकि अंदर बड़े पैमाने पर पटाखों का निर्माण और भंडारण किया जा रहा था।

पुलिसकर्मी भाई की भूमिका भी जांच के घेरे में

भिवाड़ी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अतुल साहू ने पुष्टि की कि गिरफ्तार संचालक हेमंत शर्मा का भाई पुलिस विभाग में कार्यरत है और डीएसटी भिवाड़ी में तैनात है। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मी की भूमिका की भी जांच की जाएगी कि क्या उसे अवैध फैक्ट्री संचालन की जानकारी थी या कोई संरक्षण मिला।

रीको अधिकारियों की संलिप्तता पर भी सवाल

एएसपी साहू ने बताया कि इस मामले में रीको अधिकारियों की भूमिका भी संदिग्ध नजर आ रही है। भूखंड रूपांतरण और लाइसेंस प्रक्रिया में गड़बड़ी की आशंका के चलते बुधवार को संबंधित अधिकारियों से पूछताछ की जाएगी।

जांच जारी, और गिरफ्तारियां संभव

फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी है। माना जा रहा है कि इस अवैध पटाखा कारोबार में अन्य लोग और विभागीय स्तर पर भी मिलीभगत हो सकती है। आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां संभव हैं।