इंजीनियर से मंत्री बने निशांत कुमार, सक्रिय राजनीति में नई पारी शुरू की

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पटना। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार ने बिहार सरकार में पहली बार मंत्री पद की शपथ लेकर अपने सियासी सफर की शानदार शुरुआत की।

राजधानी पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में आयोजित समारोह में निशांत कुमार ने जनता दल यूनाइटेड (जदयू) कोटे से मंत्री पद की शपथ ली। निशांत कुमार ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा पटना के सेंट कैरेंस स्कूल से प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने मानव भारती इंटरनेशनल स्कूल, मसूरी में अध्ययन किया तथा बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, मेसरा से सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग की पढ़ाई की।

निशांत कुमार की माता मंजू सिन्हा का वर्ष 2007 में निधन हो गया था। उस समय उन्होंने स्पष्ट कहा था कि उनकी राजनीति में कोई रुचि नहीं है और वे आध्यात्मिक जीवन जीना चाहते हैं। लंबे समय तक वे सार्वजनिक कार्यक्रमों में कम ही दिखाई दिए। हालांकि वर्ष 2024 के बाद उन्होंने अपने पिता के साथ कई सार्वजनिक कार्यक्रमों में भाग लेना शुरू किया।

वर्ष 2025 के विधानसभा चुनाव से पहले भी वे कई बार मीडिया के सामने आए और लोगों से अपील की थी कि वे नीतीश कुमार को समर्थन दें। इसी वर्ष आठ मार्च को उन्होंने औपचारिक रूप से जनता दल यूनाइटेड की सदस्यता ग्रहण की। नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के बाद निशांत कुमार ने सक्रिय राजनीति में कदम बढ़ाया और हाल ही में पश्चिमी चंपारण से ‘सदभाव यात्रा’ की शुरुआत की।

राजनीतिक गलियारों में चर्चा रही कि निशांत कुमार शुरुआत में सरकार में शामिल होने को लेकर इच्छुक नहीं थे, लेकिन पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के समझाने के बाद वे मंत्रिमंडल में शामिल होने के लिए तैयार हुए। निशांत कुमार के मंत्रिमंडल में शामिल होने को जदयू में नई पीढ़ी की एंट्री और पार्टी के भविष्य की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उन्हें नीतीश कुमार की राजनीतिक विरासत के संभावित उत्तराधिकारी के रूप में तैयार किया जा रहा है।