चैत्र नवरात्र शुभारंभ : नौसर माता मंदिर में गूंजे मां शैलपुत्री के जयकारे

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अजमेर। पुष्कर घाटी स्थित प्राचीन नौसर माता मंदिर में हिन्दू धर्म के प्रमुख पर्व चैत्र नवरात्र का गुरुवार से विधिवत शुभारंभ हो गया। नवरात्र के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा-अर्चना की जाती है, जिन्हें पर्वतराज हिमालय की पुत्री और शक्ति का प्रथम स्वरूप माना जाता है। पूरे क्षेत्र में भक्ति और आस्था का वातावरण देखने को मिला।

पीठाधीश्वर रामा कृष्ण देव ने नवरात्र के महत्व की जानकारी देते हुए बताया कि वसंत नवरात्र की शुरुआत मां शैलपुत्री की पूजा से होती है, जो सरलता, स्नेह और शक्ति का प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि मां की भक्ति से भक्तों के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और स्थिरता आती है। यह एकमात्र ऐसा मंदिर है जहां माता नौ रूपों में विराजित है।

मंदिर में सुबह विधि-विधान से कलश स्थापना की गई। मंदिर परिसर में मां नवदुर्गा की प्रतिमा का भव्य श्रृंगार किया गया, जिससे वातावरण भक्तिमय हो उठा। रंग-बिरंगी सजावट, फूलों की महक और भजन-कीर्तन ने माहौल को और भी दिव्य बना दिया।

मंदिर में नौ रूपों में विराजित माता रानी को विशेष रूप से आकर्षक श्रृंगार से सजाया गया, जिसे देखने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही। भक्तों ने मां के चरणों में माथा टेककर परिवार की सुख-समृद्धि, शांति और मंगल की कामना की।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार नवरात्र के नौ दिनों तक मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है। पहला दिन मां शैलपुत्री को समर्पित होता है, जिनकी आराधना से जीवन में नई ऊर्जा और आत्मविश्वास का संचार होता है।

नवरात्र के अवसर पर बाजारों में भी खास रौनक देखने को मिल रही है। पूजन सामग्री, फल, फूल और व्रत से जुड़े खाद्य पदार्थों की दुकानों पर लोगों की भीड़ उमड़ रही है।