पुणे। पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुरेश कलमाड़ी का मंगलवार को पुणे के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। वह 81 साल के थे। पुणे के पूर्व सांसद और राजनीति एवं खेल जगत में एक जानी-मानी हस्ती कलमाड़ी लंबे समय से बीमार चल रहे थे। उनके परिवार में पत्नी, दो बेटियां, बेटा और पोते-पोतियां हैं।
कई वरिष्ठ राजनीतिक नेता, पार्टी के साथी और समर्थक उनकी निधन की खबर सुनकर उनके आवास पर पहुंचे और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अभय छाजेड ने कहा कि कलमाडी के निधन से पुणे के राजनीतिक और सामाजिक हलकों में दुख की लहर दौड़ गई है।
पुणे के निवासी कलमाड़ी 1960 के दशक की शुरुआत में राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) में शामिल हुए थे और बाद में भारतीय वायु सेना में एक पायलट के रूप में नियुक्त हुए थे। उन्होंने छह साल तक वायु सेना में सेवा दी और उसके बाद 1974 तक दो साल एनडीए में प्रशिक्षक (ट्रेनर) के रूप में कार्य किया। उन्होंने 1965 और 1971 में पाकिस्तान के खिलाफ हुए युद्धों में भी हिस्सा लिया था।
कलमाड़ी का राजनीति में प्रवेश संजय गांधी के सहयोग से हुआ था। उस समय वह पुणे में फास्ट-फूड कारोबार में थे। बाद में, उन्होंने कुछ समय के लिए महाराष्ट्र युवा कांग्रेस का नेतृत्व किया और 1982 में राज्यसभा सांसद बने। वह 1995-96 के दौरान नरसिम्हा राव सरकार में मंत्री रहे।
कलमाड़ी 1996 में भारतीय ओलंपिक संघ के अध्यक्ष चुने गए और लगातार दो बार चार साल के कार्यकाल के लिए निर्विरोध जीतकर अपना प्रभाव मजबूत किया। राष्ट्रमंडल खेलों के घोटाले से जुड़े विवाद में भी उनका नाम आया और वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों के संबंध में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने उनके आवास पर छापेमारी भी की थी। अदालत ने 2025 में हालांकि सबूतों के अभाव में उन्हें क्लीन चिट दे दी थी।



