झुंझुनूं। राजस्थान में झुंझुनूं स्थित जिला परिवहन कार्यालय (डीटीओ) में वीआईपी नंबर घोटाले का मामला सामने आया है।
नए वाहनों को अवैध तरीके से पुराने वीआईपी नंबर आवंटित करने के मामले में दो पूर्व जिला परिवहन अधिकारियों (डीटीओ) सहित चार कर्मचारियों के खिलाफ पुलिस में प्राथमिकी दर्ज की गयी है। जांच में सामने आया कि 659 वाहनों को नंबर दिये गये, जिनमें 44 पूरी तरह फर्जी पाए गए, जबकि 150 से अधिक मामलों में गंभीर गड़बड़ी मिली है। संदिग्ध वाहनों की आरसी निरस्त करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
झुंझुनूं के कोतवाली थाना प्रभारी श्रवण कुमार ने बुधवार को बताया कि जिला परिवहन अधिकारी (डीटीओ) मोनू सिंह मीणा की रिपोर्ट पर पूर्व डीटीओ
संजीव कुमार दलाल और मक्खनलाल जांगिड़, अतिरिक्त लेखाधिकारी गजेंद्र सिंह मीणा और सूचना सहायक अभिलाषा के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है।
कुमार ने बताया कि पूरे मामले की गहन जांच की जाएगी। जांच के लिए डीटीओ कार्यालय से संबंधित दस्तावेज जब्त किये जाएंगे। नियमों के अनुसार किसी पुराने वाहन का नंबर तभी समर्पित या दुबारा जारी किया जा सकता है, जब उसका विधिवत पिछला रिकॉर्ड मौजूद हो।
आरोप है कि झुंझुनूं डीटीओ कार्यालय में तैनात रहे अधिकारियों और कर्मचारियों ने आपसी मिलीभगत से सिस्टम में फर्जी रिकार्ड दर्ज कर दिया। इसी फर्जीवाड़े के जरिए वर्षों पहले बंद हो चुके वीआईपी नंबरों को दोबारा सक्रिय दिखाया गया और उन्हें अवैध रूप से नई लग्जरी गाड़ियों को आवंटित कर दिया गया।
परिवहन आयुक्त के निर्देश पर कराई गई उच्च स्तरीय जांच में चौकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। दोनों पूर्व डीटीओ के कार्यकाल के दौरान 659 वाहनों को पुराने वीआईपी नंबर जारी किए गए। जांच में पाया गया कि इनमें से 44 वाहनों को पूरी तरह फर्जी दस्तावेजों और अवैध प्रक्रिया के जरिए नंबर दिए गए।
विभाग ने संदिग्ध पाए गए वाहन मालिकों को नोटिस जारी करके गाड़ी के साथ उपस्थित होने को कहा था। अब तक की जांच में 150 से अधिक वाहन ऐसे मिले हैं, जिनमें पिछला रिकार्ड भरने में साफ तौर पर हेराफेरी की गई है। फर्जीवाड़ा सामने आने पर आठ मई 2025 को डीटीओ मक्खनलाल जांगिड़ को निलम्बित कर दिया गया था।
डीटीओ मोनू सिंह मीणा ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए विभाग ने सख्त रुख अपनाया है, जिन 150 से अधिक वाहनों का सत्यापन संदिग्ध पाया गया है, उन्हें विभाग की ओर से अंतिम नोटिस जारी किये जा रहे हैं। अगर संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो इन सभी वाहनों की पंजीकरण प्रमाण पत्र निरस्त कर दी जाएगी। इसके बाद ये वाहन सड़कों पर अवैध माने जाएंगे।
पुलिस और परिवहन विभाग की संयुक्त जांच में आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि पूरे नेटवर्क की परत-दर-परत जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। झुंझुनूं में फरवरी 2024 तक संजीव कुमार दलाल डीटीओ रहे। इसके बाद 27 फरवरी 2024 से 15 अप्रैल 2025 तक मक्खनलाल जांगिड़ रहे।



