डीडवाना-कुचामन। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शुक्रवार को कहा कि भारत की आत्मा गांवों में बसती है और हमारी सरकार गांवों के उत्थान के लिए निरंतर काम कर रही है और ग्राम उत्थान शिविरों के माध्यम से लोगों को लाभान्वित किया जा रहा है।
शर्मा डीडवाना-कुचामन जिले के लाडनूं में आयोजित ग्राम उत्थान शिविर एवं जनसभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा प्रदेशभर में लगाए जा रहे ग्राम उत्थान शिविर सरकार की जनता के प्रति जवाबदेही का प्रतीक है। उन्होंने आमजन से अपील करते हुए कहा कि इन शिविरों में जाकर सरकारी योजनाओं की पूरी जानकारी लें और उनका भरपूर लाभ उठाएं।
उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि राजस्थान का किसान, गरीब, पशुपालक सरकारी योजनाओं से वंचित न रहे। इसी सोच के साथ हमारी सरकार ने प्रत्येक गिरदावर सर्किल पर ग्राम उत्थान शिविरों की शुरुआत की है जिससे ग्रामीणों को घर के नजदीक ही राज्य की जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित किया जा सके।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार ग्रामीण भारत को सशक्त करने के लिए विकसित भारत जी राम जी कानून लेकर आई है। इस कानून से ग्रामीण क्षेत्रों में साल में 125 दिन का पक्का रोजगार मिलेगा। हर काम डिजिटल तरीके से रिकॉर्ड होगा। इससे पूरी पारदर्शिता एवं तकनीक के सहारे काम होगा और मजदूरी सीधे लाभार्थी के खाते में पहुंचेगी। उन्होंने कहा कि इस कानून के तहत गांव में स्थायी संपत्ति बनेगी।
शर्मा ने कहा कि अब तक प्रदेश में 1500 से ज्यादा ग्राम उत्थान शिविर लगाकर 77 लाख से अधिक काम किए गए है। आमजन को 98 हजार से ज्यादा सोइल हेल्थ कार्ड तथा 55 हजार से अधिक स्वामित्व कार्ड वितरित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि इन शिविरों में 30 हजार किसान क्रेडिट कार्ड के आवेदन, पांच लाख 10 हजार पशुधन का इलाज तथा 77 हजार से अधिक पशुओं का टीकाकरण किया गया है। साथ ही पीएम सूर्य घर योजना के तहत करीब 29 हजार पंजीकरण हुए है।
उन्होंने कहा कि इन शिविरों में किसानों को तारबंदी, डिग्गी, पाइप लाइन, सोलर पंप, फव्वारा सिंचाई जैसी योजनाओं की स्वीकृति से लेकर प्राथमिक डेयरी सहकारी समितियों और डेयरी सहकारी समितियों का पंजीकरण, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास आवंटन सहित विभिन्न कार्य कराए जा रहे है।
शर्मा ने कहा कि हमारी सरकार के दो साल के काम गत सरकार के पूरे पांच साल की तुलना में कई गुना ज्यादा है। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा दो साल में किए गए कार्यों का उल्लेख भी किया। उन्होंने कहा कि अन्नदाता किसान हमारी अर्थव्यवस्था का आधार है। हमारी सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने और सशक्तिकरण के कई ठोस कदम उठाए हैं। प्रदेश के 22 जिलों में किसानों को दिन में बिजली मिल रही है।
उन्होंने कहा कि हमने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत राशि में बढ़ोतरी, गेंहू पर 150 रुपये का बोनस, किसानों को 50 हजार करोड़ रुपये का ब्याज मुक्त फसली ऋण, दो लाख तीन हजार हेक्टेयर में ड्रिप और फव्वारा संयंत्र, डिग्गी और फार्म पॉन्ड बनाने तथा 17 लाख से अधिक मृदा स्वास्थ्य कार्ड का वितरण जैसे अनेक कार्य किए गए है जिससे किसान सशक्त हो सकेंगे। उन्होंने किसानों से मृदा की जांच कराकर आवश्यकतानुसार उर्वरक का उपयोग करने की अपील की जिससे मृदा की उर्वरता लम्बे समय तक बनी रहे।
शर्मा ने कहा कि हमारे प्रदेश का युवा मेहनती है लेकिन गत सरकार के समय पेपरलीक जैसे प्रकरणों से युवाओं के सपनों पर कुठाराघात हुआ था। हमने अपने कार्यकाल में पूरी पारदर्शिता एवं ईमानदारी से परीक्षाएं आयोजित की जिससे एक भी पेपर लीक नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार युवाओं के लिए रोजगार के पर्याप्त अवसर भी उपलब्ध करवा रही है। अब तक एक लाख से ज्यादा नियुक्तियां दी हैं। डेढ़ लाख से अधिक पदों पर भर्ती प्रक्रिया चल रही है। इस साल एक लाख और पदों का कैलेंडर जारी हो चुका है। उन्होंने युवाओं को आश्वस्त किया वे मन लगाकर पढ़ाई करें। अब एक भी पेपरलीक नहीं होगा। सरकार हर कदम पर आपके साथ खड़ी है।
शर्मा ने कार्यक्रम में डीडवाना-कुचामन जिले को करीब 529 करोड़ रुपये राशि के 71 विकास कार्यों की सौगात भी दी। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, ऊर्जा, बुनियादी ढांचे और नागरिक सुविधाओं से जुड़े 465 करोड़ रुपये से अधिक राशि के 59 कार्यों का शिलान्यास किया। साथ ही लगभग 64 करोड़ रुपये की राशि के 12 विकास कार्यों का लोकार्पण किया।
इससे पहले शर्मा ने परिसर में आयोजित ग्राम उत्थान शिविर का अवलोकन किया एवं विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को चैक एवं प्रमाण पत्र वितरित किए। कार्यक्रम में राजस्व राज्यमंत्री विजय सिंह चौधरी, किसान आयोग अध्यक्ष सी आर चौधरी, विश्वकर्मा कौशल विकास बोर्ड के अध्यक्ष रामगोपाल सुथार सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में आमजन मौजूद थे।




