कोटा। वानर सेना द्वारा सोमवार सायं कोटा स्थित गोरांग धाम परिसर में पारिवारिक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर हिन्दू जनजागृति समिति के राष्ट्रीय संत एवं मार्गदर्शक सद्गुरु डॉ. चारुदत्त पिंगले ने उपस्थित परिवारों एवं कार्यकर्ताओं को धर्म एवं संस्कृति विषय पर मार्गदर्शन प्रदान किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ सद्गुरु डॉ. चारुदत्त पिंगले का पुष्पमाला से सत्कार कर किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे वानर सेना प्रमुख गजेंद्र भार्गव ने सद्गुरु का परिचय उपस्थित मान्यवरों से करवाया एवं मार्गदर्शन हेतु आमंत्रित किया।
अपने उदबोधन में सद्गुरु डॉ. पिंगले ने कहा कि हिंदू धर्म का तत्वज्ञान यदि आचार, विचार और संस्कार में उतरे, तभी हिंदुत्व जीवंत रहता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में हिंदू समाज अपने सनातन आचार, विचार और संस्कारों से दूर होता जा रहा है, जिसके कारण समाज में अनेक विकृतियां उत्पन्न हो रही हैं।
उन्होंने अभिभावकों से आग्रह किया कि संस्कारों की शुरुआत अपने घर के बच्चों से की जाए। बच्चों को नियमित रूप से संस्कार वर्गों से जोड़ा जाए, जिससे उनका चरित्र निर्माण होगा। संस्कारित बच्चे भविष्य में माता-पिता की सेवा करेंगे और इसी कारण समाज में वृद्धाश्रम एवं अनाथ आश्रमों की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
सद्गुरु डॉ. पिंगले ने कहा कि हिंदू धर्म के सोलह संस्कारों तथा त्योहार-उत्सवों को शास्त्रीय दृष्टि से समझकर मनाने से समाज में फैली विकृतियां दूर होंगी तथा जीवन में सुख, शांति और संतुलन आएगा। वानर सेना एवं हिन्दू जनजागृति समिति से जुड़े अनेक पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं धर्मप्रेमी नागरिक उपस्थित रहे।




