बारां में भाजपा में सिर फुटव्वल, गुटों में बंटे नेता

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बारां। राजस्थान में सत्तारूढ़ दल भारतीय जनता पार्टी की बारां जिले में इन दिनों संगठनात्मक एकजुटता कमजोर पड़ती नजर आ रही है। सू्त्रोें के अनुसार पार्टी के भीतर गुटबाजी की स्थिति बनती दिखाई दे रही है, जिसके चलते कई नेता अलग- अलग खेमों में बंट गए हैं।

राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि जिले में छह से अधिक गुट सक्रिय हो चुके हैं और हर गुट अपना प्रभाव बढ़ाने में जुटा है। कुछ नेताओं के कार्यालयों में समर्थक कार्यकर्ताओं का जमावडा दिखाई देता है।

भाजपा के कई कार्यकर्ताओं का कहना है कि वर्तमान में सांसद आवास में स्थित कार्यालय पर भी उनकी सुनवाई नहीं होती। काम बता कर आते हैं, वे होते नहीं दिखते। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि छोटे-छोटे कामों के लिए भी उन्हें संगठन के बजाय सीधे विधायकों के पास जाना पड़ रहा है। इससे संगठन की भूमिका कमजोर होती दिखाई दे रही है।

पार्टी सूत्रों ने बताया कि आगामी चुनावों और संगठनात्मक नियुक्तियों को लेकर नेताओं के बीच अंदरूनी प्रतिस्पर्धा बढ़ गई है। इसी कारण कई स्थानीय नेता अपने-अपने समर्थकों के साथ अलग-अलग गुट बनाकर सक्रिय हो गए हैं। इससे पार्टी के भीतर समन्वय की कमी साफ दिखाई दे रही है।

सूत्रों के अनुसार कई बार पार्टी की बैठकों में भी नेताओं के बीच मतभेद खुलकर सामने आ चुके हैं। कार्यक्रमों के आयोजन, जिम्मेदारियों के बंटवारे और नेतृत्व को लेकर भी असहमति देखी जा रही है। हालांकि पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी सार्वजनिक रूप से इस तरह की किसी भी गुटबाजी से इन्कार कर रहे हैं।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि समय रहते संगठन में समन्वय स्थापित नहीं किया गया तो इसका असर भविष्य की चुनावी रणनीति पर भी पड़ सकता है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि सभी नेता एक मंच पर आकर संगठन को मजबूत करें तो पार्टी को इसका लाभ मिल सकता है।

उधर, भाजपा के जिला पदाधिकारियों ने कहा है कि पार्टी में मतभेद होना स्वाभाविक है, लेकिन मनभेद नहीं हैं। भाजपा एक अनुशासित संगठन है और सभी नेता एवं कार्यकर्ता मिलकर पार्टी को मजबूत करने का काम कर रहे हैं।