मशहद। ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला सैय्यद अली खामेनेई और उनके परिवार के अन्य सदस्यों को गुरुवार देर रात को मशहद शहर के इमाम रजा दरगाह में सुपुर्द-ए-खाक किया गया।
ईरान की समाचार एजेंसी इरना के अनुसार देर रात खामेनेई के बड़े बेटे हुज्जतुलइस्लाम सैय्यद मुस्तफा हुसैनी खामेनेई की अगुवाई में लाखों लोगों ने जनाजे की नमाज अदा की। इसके साथ ही ईरान और पड़ोसी देश इराक के पांच शहरों में छह दिनों से चल रहा शोक यात्रा संपन्न हो गया।
मंगलवार को ईरान के मध्य शहर कोम में अंतिम संस्कार समारोह आयोजित किया गया, जिसके बाद अगले दिन इराक के शहरों नजफ और कर्बला में शोक समारोह हुए। विदित हो कि खामेनेई ने लगभग 37 वर्षों तक ईरान के सर्वोच्च नेता के रूप में कार्य किया। मार्च में उनके बेटे मुज्तबा खामेनेई को ईरान का नया सर्वोच्च नेता चुना गया था।
इमाम रजा मार्ग से कल शाम (स्थानीय समयानुसार करीब 3 बजे) शुरू हुई इस अंतिम यात्रा में लाखों की संख्या में समर्थक काले कपड़ों में शामिल हुए। भीड़ ने पार्थिव शरीरों को ले जा रहे वाहन को घेर रखा था और लोग अमरीका और इजराइल के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर रहे थे। साथ ही लोग अमरीका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के खिलाफ बैनर भी थामे हुए थे।
गौरतलब है कि अमरीका एवं इजराइल के ईरान पर संयुक्त हमले में 28 फरवरी को तेहरान में खामेनेई की मौत हो गई थी। इसके बाद ईरान ने भी इजराइल एवं क्षेत्र में स्थित अमरीकी ठिकानों पर हमले शुरू किए थे।
खामेनई का अंतिम संस्कार ऐसे समय में हुआ है जब ईरान और अमरीका के बीच नए सिरे से सैन्य टकराव तेज हो गया है। हमलों के इस नए दौर के साथ ही ट्रंप ने ईरान और अमरीका के बीच पिछले महीने हुए समझौते के खत्म होने की घोषणा की थी। ईरान ने युद्धविराम के उल्लंघन के लिए पूरी तरह से अमेरिका को जिम्मेदार ठहराया है।
ईरान के सैन्य बलों ने आरोप लगाया कि अमरीका ने इस अंतिम विदाई में खलल डालने के लिए तेहरान-मशहद रेलवे लाइन के दो पुलों पर बीती रात बमबारी भी की थी। इस बीच, खामेनेई के उत्तराधिकारी और देश के नए सर्वोच्च नेता चुने गए उनके बेटे मोजतबा खामेनेई उस हमले में गंभीर रूप से घायल होने के बाद से सार्वजनिक रूप से दिखाई नहीं दिए और वह इस अंतिम संस्कार में भी शामिल नहीं हुए।



