माउण्ट आबू कांग्रेस में बवाल, टिकिट वितरण के बाद सामूहिक त्यागपत्र का दौर

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माउंट आबू (आबू राज) में नगर पालिका चुनाव के टिकिट वितरण से नाराज कांग्रेस पदाधिकारी।

सबगुरु न्यूज-सिरोही। नगर निकाय चुनावों के टिकिट वितरण के बाद राजनीतिक पार्टियों में विवादों का दौर शुरू हो गया है। माउण्ट आबू में कांग्रेस में विवाद सामने आया है। वहां पर एक दर्जन से ज्यादा पदाधिकारियों ने प्रेसनोट जारी करके संगठन से सामूहिक त्यागपत्र दे दिए हैं। इन लोगों के त्यागपत्र संगठन के पदों से है या प्राथमिक सदस्यता से इसका खुलासा प्रेसनोट में नहीं किया गया है।

नाराज गुट के नेताओं ने प्रेसनोट में आरोप लगाया है कि जिला अध्यक्ष और नगर अध्यक्ष ने मनमानी तरीके से टिकिट दिया है। उन्होंने बताया कि पैराशूट लोगों को टिकिट दिया है जिनका पार्टी के कार्यक्रमों से कोई लेनादेना नहीं है। इसमें आरोप लगाया कि भाजपा से सांठगांठ करके कमजोर केंडीडेट उतारे गए हैं। नाराज नेताओं का आरोप है कि इस पर संगठन प्रभारी अंजना मेघवाल और दीपक डांडरिया ने कोई ध्यान नहीं दिया। इसमें एक होटल में गुप्त मीटिंग के बाद दलालों को टिकिट बेचने के आरोप लगाए हैं और कार्यकर्ताओं के फोन भी नहीं उठाए। जिलाध्यक्ष पर दलालों को टिकिट बेचने के आरोप लगाए हैं।

इन्होंने आरोप लगाया कि जिलाध्यक्ष ने पिछले 30-40 सालों से पार्टी से जुडे हुए नेताओं को टिकिट नहीं दिया। इन लोगों ने कांग्रेस के नहीं जीत पाने की जिम्मेदारी जिलाध्यक्ष और जिला प्रभारी पर डाली है। सामूहिक त्यागपत्र के प्रेसनोट पर युसुफ खान, आनन्द पंवार, विकास अग्रवाल, भरत लालवानी, मीनादेवी, देवीसिंह देवल, समरथराम धानक, मुकेश मेघवाल, जगदीश कडारा, पृथ्वीराज सरवण चैहान, पूनमसिंह, संजय कुमार, चंपत कुमार, मनोज धानक, संजय रावल के हस्ताक्षर थे। लेकिन, अभी तक किसी के लेटर पैड पर किसी पदाधिकारी को संबोधित करते हुए हस्ताक्षरयुक्त पत्र के सामने आने की जानकारी नहीं है।

इधर, नगर कांग्रेस अध्यक्ष नारायणसिंह भाटी ने इनके आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए बताया कि टिकिट वितरण में उनका योगदान शून्य है। सभी आवेदकों से प्रभारी वन टू वन मिले। उनके द्वारा मांगे गए वार्डों में फीडबैक मांगा। उसके पैनल बनाकर हाईकमान द्वारा टिकिट दिया गया। उन्होंने कहा था कमजोर केडीडेट उतारने के आरोप जो लोग लगा रहे थे हमने उन्ही वार्डों में उन्हें खुदको और उनके द्वारा निर्धारित केंडीडेट को उतारने की पेशकश की लेकिन, इनमें से कोई उन वार्डों से खडा होने को तैयार नहीं हुआ जहां से ये संगठन पर कमजोर केंडीडेट उतारने का आरोप लगा रहे थे। भाटी ने बताया कि प्रभारी इस बात को भी तैयार थे कि अपने मजबूत केंडीडेट दें जो उनके द्वारा बताए गए कमजोर केंडीडेट वाले वार्डों में उतारे जा सकें। इन लोगों ने एक नाम सुझाया लेकिन, नामांकन दाखिल करने की तिथि के एक दिन पहले इन लोगों के द्वारा सुझाए गए व्यक्ति ने भी संबंधित वार्ड से नामांकन करने से मना कर दिया था।

कांगेस के टिकिट वितरण का विरोध आबूरोड में भी किया जा रहा है। यहां पर पूर्व नगर मंडल अध्यक्ष अमित जोशी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने कई पुराने और समर्पित कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के टिकिट काटे हैं। इससे नगर पालिका चुनाव में संगठन को नुकसान पहुंचेगा। इसकी जिम्मेदारी टिकिट वितरण करने वाले पदाधिकारियों की होगी।