
सबगुरु न्यूज-सिरोही। सिरोही के नेताओं और मंत्रियों के अलावा प्रदेश सरकार ने जनता के कामों और कार्यकर्ताओं को दरकिनार करने वाले जिले और पर्यटन स्थल माउंट आबू की नगर पालिका के अधिकारियों को इतना चढ़ा दिया है कि अब ये मुख्यमंत्री और पर्यटन मंत्री के साथ साथ जिले के जनप्रतिनिधियों को भी होर्डिंग उतारने लगे हैं। माउंट आबू के शरद महोत्सव कार्यक्रम के होर्डिंग तो कम से कम जिले, प्रदेश और देश के अन्य स्थानों से आए पर्यटकों बीच यही संदेश देते नजर आ रहे हैं। अपनी तारीफ में अखबारों के पन्ने और सोशल मीडिया को रंगवा देने वाले सिरोही और माउंट आबू के अधिकारियों ने शरद महोत्सव के दौरान प्रदेश के किसी जनप्रतिनिधि को पर्यटकों के बीच प्रचारित नहीं होने दिया। इनमें से किसी की एक तस्वीर और नाम तक होर्डिंगों में नहीं नजर आया। अलबत्ता शरद महोत्सव में खुद अधिकारी इनके परिवारजन कार्यक्रम फ्रंट सोफों बैठकर अखबारों जरूर छप लिए।
– डेढ़ करोड़ के टेंडर
शरद महोत्सव में तीन दिन में डेढ़ करोड़ रुपए के टेंडर निकाले गए। निगोशिएशन बाद ये जितना भी बैठा हो लेकिन ये पैसा सरकार का है। ऐसे में अधिकारियों द्वारा सरकार के मुखिया और सम्बंधित विभागों जनप्रतिनिधियों को ही नजरंदाज कर देना सरकार के इकबाल ही सवाल उठा रहा है। माउंट आबू से लेकर आबूरोड तक जिला प्रशासन, माउंट आबू नगर पालिका और पर्यटन विभाग के तत्वावधान में। आयोजित शरद महोत्सव के होर्डिंग थे, लेकिन इसमें सरकार के किसी जनप्रतिनिधि को जगह नहीं मिली थी।
– अफसरों की मौज
माउंट आबू में इस बार न्यू ईयर टूरिस्ट सीजन एकदम फीका बात जा रहा है। इसकी प्रमुख वजह माउंट आबू में पिछले दस सालों में यहां के अधिकारियों सुसुप्तता को दिया जा रहा है। यहां पर सुरेश ओला आखिरी उपखंड अधिकारी जिन्होंने नक्की राउंड रूप में माउंट आबू में कुछ बेहतर एडिशन किया था । इसके बाद सरकार बदली तो अधिकारियों ने नेताओं अवैध निर्माण को केंद्र में रखकर काम करना शुरू कर दिया, ऐसे में उनके डेवलपमेंट के विजन की कोई जरूरत ही नहीं रही।
पर्यटकों की माने माउंट आबू में कुछ नया एडिशन नहीं हो रहा है। पिछली सरकार में यहां सफारी शुरू की गई थी। लेकिन, वन विभाग के अधिकारी भी सुचारू नहीं कर पाए। न ही वो कोई नई ट्रैक विकसित कर पाए जिससे पर्यटक यहां पर आकर्षित हो सकें। पर्यटक नहीं थे लेकिन, सरकारी विभागों अफसरों की मौज थी। होर्डिंग्स पर मुख्यमत्री, पर्यटन मंत्री की तस्वीर के लिए जगह भले ही बुक नहीं की हो लेकिन सूत्रों के अनुसार यहां के सभी सरकारी आवासों को प्रशासन पहले ही 31 अक्टूबर के लिए बुक किया हुआ था। ये हाल तब था जब प्रदेश अन्य स्थानों अफसरों यहां नहीं प्रस्तावित था।


