सूरत पहुंचे दाउदी वोहरा समाज के लाखों अनुयायी

10 days waaz Mubarak

सूरत। मुबारक मोहर्रम की वाएज शृंखला में दाउदी वोहरा समाज के धर्मगुरु सैयदना मुफद्दल सैफुद्दीन साहब ने पूर्व धर्मगुरु डॉ. सैयदना मोहम्मद बुरहानुद्दीन को याद करते हुए रविवार को फरमाया कि वे धैर्य, जीवटता और समाज उत्थान की प्रतिमूर्ति थे।…

कई कंटकों की असंतोषी गतिविधि, अनिष्ट और असत्य की आक्रामकता से उत्पन्न अग्निपरीक्षा में सत्य कार्य के लिए हिम्मत, धैर्य जरूरी है और अंत में जीत सत्य की ही होती है। अग्निपरीक्षा के बाद ही कंचन की चमक अधिक होती है। सैयदना साहब ने उक्त बात सूरत में झांपा बाजार स्थित देवड़ी में आयोजित वाएज कार्यक्रम में कही। इस दौरान हजारों की तादाद में अनुयायी मौजूद थे।
मोहर्रम की दस दिवसीय वाएज शृंखला में भाग लेने के लिए इन दिनों सूरत में देश ही नहीं बल्कि दुनियाभर से दाउदी वोहरा समुदाय के श्रद्धालु लाखों की संख्या में आए हुए हैं। रविवार सुबह देवड़ी स्थित मस्जिद-ए-मोअज्जम में वाएज के दौरान सैयदना साहब ने कहा, विद्रोही और बगावती षडय़ंत्र रचते रहते हैं

वहीं, श्रद्धा-एकता के साथ सच्चे अनुयायी परमपिता के आज्ञापालक होकर अनुशासित रहते हैं। दाउदी वोहरा समाज शांतिप्रिय बनकर कोर्ट-कचहरी के बजाय प्रेम-सौहार्द और सद्व्यवहार से समस्या को सुलझाते हैं। राष्ट्र के विकास में भी बुजुर्गों के अनुभव से युवा वर्ग पूरे उत्साह के साथ आगे बढ़े।

सफलता की ऊंचाई को छूने और समृद्धि में रहने के लिए अथाह परिश्रम, ईमानदारी और आदर्श जीवन जरूरी है। मनुष्य के लिए शारीरिक व आत्मिक खुराक की जरूरत रहती है। दाउदी वोहरा अनुयायी सात्विक जीवन और उपकारी शिक्षा के साथ विश्व में प्रतिष्ठा प्राप्त करें तो आध्यात्मिक पिता को प्रसन्नता होगी।
स्वच्छता अभियान नजाफत की शुरुआत
दाउदी वोहरा समाज स्वच्छता के प्रति सदैव जोर देता रहा है और उसकी जीवन शैली में व्यावसायिक कार्य, सामाजिक व्यवहार एवं राष्ट्र विकास में इसकी झलक दिखती है। शुद्ध साध्य के लिए साधन शुद्धि को सैयदना साहब ने जरूरी बताकर नजाफत नामक स्वच्छता अभियान की शुरुआत की। इस अभियान से समाज के लोग गली-मोहल्ले, सोसायटी, गांव, कस्बे में सक्रिय होंगे।
जीवंत प्रसारण की व्यवस्था
मुबारक मोहर्रम की वाएज शृंखला में भाग लेने के लिए सूरत में देश व दुनियाभर से आए दाउदी वोहरा समाज के लाखों अनुयायियों को लाभान्वित कराने के उद्देश्य से समाज ने उनके विश्राम स्थल के अलावा देश व दुनिया के सभी प्रमुख स्थलों पर जीवंत प्रसारण की व्यवस्था की है।