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सबगुरु न्यूज़: कई लोग खूब मिठाई खाने के शौकीन होते हैं, लेकिन इससे उन्हें मधुमेह जैसी बीमारी होने का खतरा भी रहता है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे लोगों के लिए शुगर-फ्री मिठाई का सेवन अच्छा विकल्प है। ‘सेलभाई’ के विशेषज्ञों और ‘फिटपास’ की पोषण व आहार विशेषज्ञ मेहर राजपूत ने कुछ शुगर-फ्री मिठाईयों के संबंध में ये जानकारियां दी हैं।
खजूर रोल : कैलोरी को लेकर सचेत रहने वाले लोगों के लिए खजूर अच्छा विकल्प है। आप बादाम के टुकड़ों के साथ गॉर्निश किए गए खजूर रोल खा सकते हैं, जो आपके स्वास्थ्य के लिए भी बढ़िया है।
अंजीर बर्फी : अंजीर को दुनियाभर में स्वास्थ्यवर्धक माना जाता है। यह पाचन में सुधार कर मधुमेह को निंयत्रित करता है। इस फल को अंजीर की बर्फी के रूप में भी खाया जा सकता है, जिसमें रिफाइंड शुगर बिल्कुल नहीं होता है।
फिनी : फिनी एक पारंपरिक राजस्थानी मिठाई है। यह मुख्य रूप से राजस्थान के बीकानेर में मिलती है। इसे आटे, चीनी और शुद्ध घी से बनता है, लेकिन आजकल शहद से तैयार शुगर-फ्री फिनी भी मिलने लगी है, जिसका आप लुत्फ ले सकते हैं।
नई दिल्ली। एसेन्शिल ऑयल कई तरह की सुंदरता संबंधी समस्याओं को दूर करने के लिए जाने जाते हैं, हालांकि इनका इस्तेमाल करते समय कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी हैं, इन्हें खरीदते समय थोड़ा सा लगा कर देख लें कि कहीं आपको किसी प्रकार की समस्या तो नहीं हो रही हैं, ऐसे तेलों को आंखों के पास भी नहीं लगाएं।
सौंदर्य कंपनी ऑर्गेनिक हार्वेस्ट की सौंदर्य विशेषज्ञ व ट्रेंनिंग हेड सोनिया माथुर और सोलफ्लावर कंपनी के प्रबंध निदेशक अमित सारदा ने एसेन्शिल ऑयल के इस्तेमाल संबंधी ये सुझाव दिए हैं:
1 एसेन्शिल ऑयल को खरीदने से पहले पैच टेस्ट जरूर कर लें कि यह आपकी त्वचा के लिए उपयुक्त है या नहीं। इसे आप थोड़ा सा शरीर के किसी हिस्से पर लगाकर देख लें। कुछ लोगों की त्वचा संवेदनशील होती है, या तेज धूप के प्रति संवेदनशील होती हैं, इसलिए योग्य चिकित्सक की निगरानी में जांच करना आपके लिए उचित होगा।
2 एसेन्शिल ऑयल को लगाने से पहले उसमें कोई भी ऑयल या हल्का तेल (कैरियर ऑयल) जैसे नारियल आदि मिला लें। एसेन्शिल ऑयल काफी गाढ़ा होते हैं, इसलिए बिना इसमें हल्का तेल मिलाए इसे लगाने से आपको खुजली, तव्चा में जलन, लाल दाने पड़ जाने जैसी समस्या हो सकती है। 10 मिलीमीटर बेस ऑयल में तीन-चार बूंदे ही एसेन्शिल ऑयल मिलाए। बादाम, जोजोबा, ग्रेप सीड और नरियल का तेल कैरियर ऑयल के तौर पर इस्तेमाल किए जा सकते हैं।
3 एसेन्शिल ऑयल को ठंडे व अंधेरे जगह पर रखें और इसे सूरज की रोशनी से बचाकर रखें। अच्छे से रखे जाने पर इनकी गुणवत्ता बरकरार रहती हैं और ये कई सालों तक इस्तेमाल किए जा सकते हैं।
4 एसेन्शिल ऑयल का उत्पादन कई कंपनियां करती है, ऐसे में सही कंपनी का शुद्ध और नैचुरल तेल ही खरीदें। गैर-कार्बनिक ब्रांड इनमें फिलर मिला सकते हैं, जो हानिकारक केमिकल युक्त होता है और इससे आपकी त्वचा को नुकसान पहुंच सकता है, इसलिए जांच-परख कर ही ये तेल खरीदें।
1 एसेन्शिल ऑयल को शरीर के ऊपर ही लगाएं, इन्हें भोजन में इस्तेमाल नहीं करें और अगर आपको इनका सेवन करना है तो अपने चिकित्सक से परामर्श करने के बाद ही ऐसा करें।
2 गर्भावस्था और शिशु को स्तनपान कराते समय एसेन्शिल ऑयल का इस्तेमाल करने से बचें। हर एसेन्शल ऑयल में कुछ खास गुण होता है और खास उद्देश्य से इस्तेमाल में लाया जाता है, इसलिए इन्हें खरीदने से पहले खासकर गर्भवती महिलाएं चिकित्सक से परामर्श जरूर कर लें। ऐसी महिलाओं को दालचीनी, लौंग, अदरक, चमेली, सेज, कैमोमाइल तेल के इस्तेमाल से बचना चाहिए।
3 आंख के पास एसेन्शिल ऑयल नहीं लगाएं और कान में सीधे नहीं डालें। कुछ तेल आपके कॉन्टेक्ट लेंस को नुकसान पहुंचा सकते हैं, इसलिए एसेन्शिल ऑयल का इस्तेमाल करने के तुरंत बाद लेंस को नहीं छुए, क्योंकि इस तेल से आंखों में जलन महसूस हो सकती है।
4 अगर आपकी त्वचा बेहद संवेदनशील है और पहले कभी आपको एसेन्शिल ऑयल के इस्तेमाल से त्वचा संबंधी समस्या हुई हो तो थोड़ा सा यह तेल लेकर अपनी त्वचा पर मल लें और 24 घंटे तक इंतजार करें, अगर तेल लगे हिस्से पर खुजली हो रही है, या लाल दाने, चकत्ते पड़ गए हो या जलन हो रही हैं तो फिर इसका इस्तेमाल नहीं करें, ऐसा करने से आपको पता चल जाएगा कि ये तेल आपके लिए उपयुक्त है या नहीं।
सबगुरु न्यूज़: अगर आप अपनी स्किन को खूबसूरत बनाना चाहती है तो नेचुरल चीजों का इस्तेमाल करे इसके लिए आज हम आपको कुछ आसान तरीको के बारे में बताने जा रहे है|
1 हमारी स्किन के लिए अंडे का इस्तेमाल बहुत फायदेमंद होता है खासकर के उनके लिए जिनकी स्किन बहुत ज़्यादा ऑयली होती है अगर आपकी स्किन ऑयली है तो इससे छुटकारा पाने के लिए अंडे का सफेद भाग को अपनी स्किन पर लगाए, और जिनकी स्किन ड्राई है उनको अंडे का पीला भाग अपनी स्किन पर लगाना चाहिए, इनको स्किन पर लगाने से स्किन के पोर्स ओपन हो जाते है और साथ ही चेहरे पर झुर्रिया भी नहीं आती है|
2 आप चाहे तो अपनी स्किन में चमक लाने के लिए नींबू, सेब और अनानास का इस्तेमाल कर सकती है, इसके लिए इन तीनो चीजों का रस निकालकर आपस में मिला ले अब इसे अपनी स्किन पर लगाए, और 10 से 15 मिनट तक छोड़ दे जब ये अच्छे से सूख जाये तो अपने चेहरे को धो ले ऐसा करने से आपके चेहरे में चमक आ जाएगी|
इसके अलावा अगर आपके चेहरे पर ब्लैक हैड्स की समस्या है तो इसे दूर करने के लिए काली मिर्च के पाउडर में दही मिला कर अपने चेहरे पर लगा ले, जब ये अच्छे से सूख जाये तो इसे हलके गुनगुने पानी से धो ले, ऐसा करने से आपके चेहरे पर मौजूद सारे ब्लैकहेड्स दूर हो जायेगे|
आज इस खबर में हम आपको एक ट्रिक के बारे में बताएँगे। ये कोई छोटी-मोटी ट्रिक नहीं हैं। इसलिए आप इसे ध्यान से पढ़ें।
WhatsApp ग्रुप आज कल प्लानिंग, नॉलेज शेयर करने का बहोत अच्छा विकल्प बन चुका हैं। अगर आप किसी WhatsApp ग्रुप को ज्वाइन करना चाहते हैं, और आपका फ्रेंड उसका एडमिन नहीं हैं, तो चिंता करने की कोई बात नहीं हैं। इस आसान ट्रिक से आप कोई भी WhatsApp ग्रुप जॉइन कर सकते हैं। वो भी बिना एडमिन के परमिशन के।
TRICK
⇒ इस ट्रिक को इस्तेमाल करने से पहले अपना WhatsApp अपडेट कर लें।
⇒ Play Store पर जाकर Group for WhatsApp एप्लीकेशन इनस्टॉल करें।
⇒अब इस एप्लीकेशन को ओपन करें। एप्लीकेशन के अंदर आप जिस भी तरह की कैटेगरी का ग्रुप ज्वाइन करना चाहते हैं, आपको मिल जाएगी।
⇒आप अपनी भाषा के अनुसार भी कैटेगरी का चुनाव कर सकते हैं।
⇒अपनी पसंद का ग्रुप चुने।
⇒इसके बाद ‘Join Group पर क्लिक करें।
⇒अब आप अपने WhatsApp एप्लीकेशन में पहोच जायेंगे। जिसमें आपको ग्रुप की पूरी जानकारी मिल जाएगी। एक बार फिर ज्वाइन ग्रुप पर क्लिक करें
सबगुरु न्यूज़: दक्षिण अफ्रीका के एक झील में जिसका नाम है पांडुजी । यह झील दक्षिण अफ्रीका के उत्तरी ट्रांसवाल क्षेत्र में स्थित है। माना जाता है कि यह शापित झील है। इस झील के पास जो भी गया है उसकी मौत हो गयी है। अगर वह जीवित लौट आया भी तो अधिक दिनों तक जिंदा नहीं रह पाया।
इसका कारण क्या है इसे जानने की कई बार कोशिश की गई लेकिन हर बार जांच टीम के लोगों को जान से हाथ धोना पड़ा। यही कारण है कि आज तक यह झील एक रहस्य बना हुआ है।
इस झील में मुटाली नदी से पानी आता है। इस नदी के स्रोत का भी पता नहीं चल पाया है। जबकि झील का पानी अजीबो-गरीब तरीके से ज्वार भाटा की तरह उठता गिरता रहता है। झील के आस-पास के क्षेत्र में रहने वाले लोगों का मानना है कि यह झील का स्वामी एक विशाल अजगर है जो मुटाली नदी के क्षेत्र में रहता है। यह उर्वरा के देवता हैं। यह नहीं चाहते कि कोई भी इस झील के आस-पास आए। देवता हर साल एक अविवाहित स्त्री की बलि मांगते हैं और इन्हें खुश रखने के लिए डोम्बा नृत्य का आयोजन किया जाता है।
सन् 1953 में प्रोफेसर बर्न साइड अपने एक सहयोगी के साथ अलग-अलग आकार की 16 शीशियां लेकर फुंडुजी झील की तरफ चल पडे़। उन्होंने इस काम में पास ही के बावेंडा कबीले के लोगों को भी शामिल करना चाहा, लेकिन कबीले के लोगों ने जैसे ही फुंडुजी झील का नाम सुना तो वे बिना एक पल की देर लगाए वहां से भाग खडे़ हुए।