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इस्लामाबाद। पाकिस्तान सेंसर बोर्ड ने आपत्तिजनक दृश्यों को लेकर बॉलीवुड की एक्शन थ्रिलर फिल्म ‘नाम शबाना’ के प्रदर्शन पर रोक लगा दी है हालांकि शुरुआत में उसने कुछ दृश्यों पर कैंची चलाने के साथ इस फिल्म को रिलीज करने की अनुमति दी थी।
गत सप्ताह फिल्म के प्रदर्शन को मंजूरी दे दी गई थी लेकिन इस्लामाबाद में एक सिनेमाघर ने दृश्यों में अनिवार्य कांटछांट के बिना फिल्म प्रदर्शित की जिसके कारण इस पर प्रतिबंध लगा दिया गया।
एक अधिकारी ने कहा कि इससे सेंसर बोर्ड को फिल्म के प्रदर्शन पर रोक लगाने के मजबूर होना पड़ा। उन्होंने कहा कि आतंकवाद से संबंधित कुछ दृश्य दिखाए जाने के लिए उचित नहीं थे।
सेंसर बोर्ड के अधिकारियों ने इस फिल्म की स्क्रीनिंग से इनकार कर दिया है लेकिन स्थानीय वितरक एवर रेडी पिक्चर्स ने संपादन के बाद फिल्म दिखाने का आग्रह किया है।
तापसी पन्नू और मनोज वाजपेयी की अहम भूमिकाओं वाली ‘नाम शबानाÓ 31 मार्च को पाकिस्तान में प्रदर्शित की गई थी।
पाकिस्तान ने दोनों देशों के बीच तनाव के बाद गत वर्ष भारतीय फिल्मों की स्क्रीनिंग पर रोक लगा दी थी। हालांकि इस वर्ष की शुरुआत में इस प्रतिबंध को हटा दिया गया।
मैड्रिड। स्टार खिलाड़ी नेमार को बाहर भेजे जाने के बाद बार्सिलोना को मलागा के हाथों यहां ला लीगा फुटबाल चैंपियनशिप में 0-2 की चौंकाने वाली हार झेलनी पड़ी है जिससे उसके रियाल मैड्रिड को पीछे छोड़ शीर्ष पर काबिज होने की उम्मीदों को झटका लगा है।
जिनेदिन जिदान की रियाल ने एटलेटिको मैड्रिड में एक अन्य मुकाबले में 1-1 से ड्रा खेला जिसके बाद बार्सिलोना के पास गोल अंतर से तालिका में शीर्ष पर जाने का मौका था।
हालांकि लुईस एनरिक की बार्का को मलागा के हाथों 0-2 की एकतरफा हार से उसने यह मौका गंवा दिया। इसकी वजह से अब बार्सिलोना अब लॉस ब्लांकोस से तीन अंक पीछे है जिसका अभी एक मैच शेष है।
पूर्व बार्सिलोना स्ट्राइकर सैंड्रो रैमिरेज ने मलागा के लिए 32वें मिनट में पहला गोल किया और उसके बाद 90वें मिनट में जॉनी ने दूसरा गोल दागा और टीम को 2-0 से एकतरफा जीत दिलाई।
वहीं मैच में बार्सिलोना का दिन खराब रहा जहां उसके ब्राजीली स्टार नेमार को दूसरा येलो कार्ड मिलने से उन्हें मैच के बीच ही मैदान से बाहर कर दिया गया।
एनरिक ने रेफरी गिल मंजाओ के कई निर्णयों पर सवाल उठाये जिसमें मलागा को पेनल्टी के बजाय फ्री किक देना भी शामिल है।
उन्होंने कहा यह कितना अजीब है कि हमारी टीम बार्सिलोना जिसे आमतौर पर येलो कार्ड नहीं मिलते उसे इस मैच में इस तरह कई येलो कार्ड मिल गए। विपक्षी टीम ने कई गलत तरीके अपनाये जिसे रेफरी ने देखा ही नहीं। नियम सभी के लिये बराबर होने चाहिए।
इससे पहले अन्य मुकाबले में मैड्रिड ने अपनी चिर प्रतिद्वंद्वी टीम को तालिका में शीर्ष पर पहुंचने का मौका दिया जब एंटोनी ग्रिजमैन ने एटलेटिको के लिये 85वें मिनट में बराबरी का गोल कर रियाल मैड्रिड के खिलाफ मैच 1-1 से ड्रा करा दिया।
मैच में रियाल के लिये पेपे ने 52वें मिनट में हैडर कर टीम को 1-0 की बढ़त दिलाई थी और मेजबान टीम जीत की ओर अग्रसर थी। लेकिन फ्रेंच खिलाड़ी ने हैडर से आखिरी समय अपने गोल से मुकाबला बराबरी पर खत्म किया।
Rishabh Pant united in grief : pant shows steely resolve like sachin tendulkar, virat kohli
नई दिल्ली। ब्रिस्टल में 18 साल पहले भावुक सचिन तेंदुलकर ने कीनिया के खिलाफ विश्व कप के वनडे मैच में शतक जड़ा था और इससे कुछ दिन पहले उनके पिता का निधन हुआ था लेकिन उन्हें उनकी मां ने शोक नहीं करने दिया था। सभी को यह बात याद है।
इसी तरह की घटना 2007 में दिल्ली में रणजी ट्राफी मैच में हुई थी। विराट कोहली के पिता प्रेम का निधन कर्नाटक के खिलाफ रणजी ट्राफी मैच के दौरान हुआ था। दिल्ली की टीम मुश्किल में थी और उन्होंने 97 रन बनाकर टीम को बचाया और फिर शाम में अपने पिता के अंतिम संस्कार में हिस्सा लिया था।
इसी तरह की घटना कल रात बेंगलुरू में हुई। सभी ने इसे देखा। कोई नहीं जानता कि रिषभ पंत का करियर एक दशक बाद कैसा होगा लेकिन जहां तक मजबूत जज्बा दिखाने की बात है तो उन्होंने दिखा दिया कि वह इसमें सचिन तेंदुलकर और विराट कोहली के बराबर हैं।
युवा खिलाड़ी के लिये अपने पिता का अंतिम संस्कार करके टी20 मैच के लिए टीम से जुडऩा आसान नहीं था। रिषभ को बातचीत करना, हंसना, मजाक करना पसंद है।
लेकिन बीती रात इस लड़के के चेहरे पर कोई भाव नहीं थे और वह दिल्ली डेयरडेविल्स के लिये रायल चैलेंजर बेंगलूर के खिलाफ आईपीएल मैच के लिए क्रीज पर था।
उसने 57 रन बनाए लेकिन वह टीम को हार से नहीं बचा सका। इस युवा खिलाड़ी के लिए जिंदगी 48 घंटे में बदल गई।
ब्रिस्टल में जब तेंदुलकर सुबह बल्लेबाजी के लिये उतरे थे तो दूसरे छोर पर उनके साथ राहुल द्रविड़ थे। और वह रिषभ के कोच के तौर पर कल डगआउट में बैठे थे।
तो क्या उन्होंने रिषभ को बताया होगा कि तेंदुलकर ने उस दिन इस दुख का सामना कैसे किया था? कोई नहीं जानता। रिषभ ने अपने 50 रन का भी जश्न नहीं मनाया और फिर वह पवन नेगी की गेंद पर बोल्ड हो गए।
lewis hamilton coasts to fifth title at Chinese Grand Prix
शंघाई। मर्सीडीज के ड्राइवर लुईस हैमिल्टन ने चीन ग्रां प्री फार्मूला वन रेस में आज यहां जीत दर्ज की और इस तरह से शंघाई में अपना पांचवां खिताब जीता।
हैमिल्टन ने पहले नंबर से शुरूआत की और आखिर तक शीर्ष पर बने रहे। उन्होंने अपने करियर का 54वां और नये फार्मूला वन सत्र का पहला खिताब है।
फेरारी के सेबेस्टियन वेटेल दूसरे स्थान पर रहे। वह हैमिल्टन से 6.2 सेकेंड पीछे रहे। रेड बुल के मैक्स वर्साटाप्पन ने ग्रिड में 16वें स्थान से शुरूआत की लेकिन उन्होंने अंतिम लैप में अपने साथी चालक डेनियल रिकार्डो की कड़ी चुनौती से पार पाकर तीसरा स्थान हासिल किया।
रिकार्डो चौथे जबकि फेरारी के किमी रेकीनन पांचवें और मर्सीडीज के वेलटारी बोटास छठे स्थान पर रहे। टोरो रोसो के कार्लोस सेंज जूनियर सातवें, हास के कविन मैगनसन आठवें तथा फोर्स इंडिया के सर्जियो पेरेज और इसेबान आेकोन नौवें और दसवें स्थान पर रहे।
PWL stars : sakshi malik and Sandeep tomar ranked no 5 and 7 in World ranking
नई दिल्ली। ओलंपिक कांस्य पदक विजेता महिला पहलवान साक्षी मलिक और संदीप तोमर यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग की ताजाजारी रैंकिंग में शीर्ष 10 खिलाडियों में जगह बनाने में सफल रहे हैं।
रियो ओलंपिक में महिलाओं के 58 किलो वर्ग में कांस्य पदक जीतने वाली साक्षी इस रैंकिंग में पांचवें स्थान पर हैं जबकि पुरुषों के 57 किग्रा के मौजूदा एशियाई चैम्पियन संदीप तोमर सातवें स्थान पर हैं।
संदीप भी रियो में भाग लेने वाले सात भारतीय पहलवानों के दल में शामिल थे। दिलचस्प है कि इस सूची में प्रो कुश्ती लीग (पीडब्ल्यूएल) में भाग ले चुके कुल देसी-विदेशी 25 खिलाड़ी अलग-अलग वजन वर्गों में शीर्ष 10 में रहे। इनमें 11 पुरुष और 13 महिलाएं शामिल हैं। इनमें सबसे ज्यादा आठ खिलाड़ी हरियाणा हैमर्स से हैं।
पीडब्ल्यूएल के तीन खिलाड़ी अपने-अपने वजन में टॉप रैंकिंग पर हैं जिनमें ओलंपिक और विश्व चैंपियन जॉर्जिया के व्लादीमिर खिनचेंगाशिवली 57 किग्रा में, विश्व चैंपियन रूस के मैगमोद कुर्बानालिऊ 70 किग्रा में और ओलंपिक चैंपियन कनाडा की एरिका वीब महिलाओं के 75 किग्रा वर्ग में शामिल हैं।
अजरबेजान के टोगरुल असगारोव 65 किग्रा में और अजरबेजान के ही जैब्रिएल हसानोव 74 किग्रा में दूसरे स्थान पर हैं जबकि महिलाओं में अजरबेजान की मारिया स्टैडनिक 48 किग्रा में और बेलारूस की मारिया मामाशुक 63 किग्रा में दूसरी रैंकिंग पर हैं।
53 किग्रा में स्वीडन की सोफिया मैटसन, 58 किग्रा में टयूनीशिया की मारवा अमरी और 69 किग्रा में स्वीडन की जेनी फ्रेनसन तीसरे स्थान पर हैं। ये तीनों खिलाड़ी भी प्रो कुश्ती लीग का हिस्सा हैं।
इस सूची में जहां महिलाओं में जापान, चीन, अजरबेजान, अमरीका, रूस, स्वीडन और हंगरी का दबदबा रहा, वहीं पुरुषों में रुस, अमरीका, अजरबेजान, ईरान और जार्जिया के खिलाडियों का दबदबा है।
इसके अलावा चार बार की ओलंपिक चैंपियन जापान की काओरी इचो साक्षी के 58 किग्रा वजन में शीर्ष पर हैं, वहीं ओलंपिक और विश्व चैंपियन जापान की एरी टोसाका 48 किग्रा वर्ग में शीर्ष पर हैं।
इस बारे में भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह ने कहा साक्षी विवाह की वजह से एशियाई चैंपियनशिप में नहीं उतर रहीं लेकिन वह कुश्ती को लेकर गंभीर हैं और आने वाले समय में वह अपनी रैंकिंग में लंबी छलांग लगाएंगी।
वहीं संदीप तोमर में भी अपनी रैंकिंग को सुधारने को लेकर काफी संभावनाएं हैं। बाकी हमारा ध्यान जूनियर खिलाडियों पर केंद्रित हैं। उम्मीद है कि वे आगे अच्छा करेंगे।