Home Blog Page 4090

एचडीएफसी बैंक में रोबोट करेगा आपका स्वागत

a robots welcomes you in HDFC Bank
a robots welcomes you in HDFC Bank

मुंबई। देश के निजी बैंकिंग संस्थान एचडीएफसी बैंक ने इंटेलीजेंट रोबोटिक असिस्टेंट (आईआरए) लॉन्च किया है। पहला आईआरए मुंबई में बैंक की कमला मिल कम्पाउंड शाखा में स्थापित किया गया है।

आसाराम बापू की जमानत पर सुनवाई सोमवार तक टली

Asaram Bapu bail plea : Supreme Court  adjourns hearing  till Monday
Asaram Bapu bail plea : Supreme Court adjourns hearing till Monday

नई दिल्ली। आसाराम की ज़मानत पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई सोमवार तक टल गई है।

सीएम अखिलेश यादव नहीं लड़ेंगे विधानसभा चुनाव

Chief Minister Akhilesh Yadav refuses to contest UP polls 2017
Chief Minister Akhilesh Yadav refuses to contest UP polls 2017

लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव इस बार यूपी विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे। अखिलेश इस समय विधान परिषद सदस्य हैं और कहा जा रहा है कि सरकार बनने की स्थिति में भी वह उच्च सदन के ही सदस्य बने रहने के इच्छुक हैं।

बजट में जेटली कर सकते हैं करों में कमी

Reduction in taxes in the budget may Jaitley
Reduction in taxes in the budget may Jaitley

नई दिल्ली। वित्त मंत्री अरुण जेटली फरवरी में पेश किए जाने वाले बजट में कर की दरें कमी कर सकते है। लेकिन उनके समक्ष 2017-18 में अप्रत्यक्ष कर संग्रह के अनुमान को लेकर एक अजीब समस्या है। जीएसटी के कारण इसका अनुमान लगाना मुश्किल होगा।

सामान्य तौर पर वित्त मंत्री वित्त वर्ष में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष कर संग्रह के अनुमान के आधार पर कल्याणकारी खर्च का ताना-बाना बुनते हैं। कर विशेषज्ञों के अनुसार प्रत्यक्ष कर (व्यक्तिगत और कंपनी कर) संग्रह का अनुमान उपलब्ध होगा लेकिन वस्तु एवं सेवा कर के लागू होने की समयसीमा एक जुलाई तक टाले जाने से 2017-18 के लिये अप्रत्यक्ष कर संग्रह के बारे में कोई भरोसेमंद अनुमान उपलब्ध नहीं होगा।

अप्रत्यक्ष कर में सीमा शुल्क, केंद्रीय उत्पाद कर और सेवा कर शामिल हैं। सीमा शुल्क राजस्व के बारे में अनुमान उपलब्ध होगा लेकिन उत्पाद शुल्क एवं सेवा कर के मामले में यह मुश्किल है क्योंकि ये दोनों कर जीएसटी में समाहित होंगे। जीएसटी राज्य वैट को भी स्वयं में समाहित करेगा।

मोटे तौर पर उत्पाद शुल्क, सेवा कर तथा वैट के वस्तु एवं सेवा कर (GST) शामिल होने के बाद राष्ट्रीय स्तर पर जीएसटी राजस्व में केंद्र की हिस्सेदारी आधी होगी और वित्त मंत्री अपना बजट उस आधार पर तैयार कर सकते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार लेकिन इस साल कुछ अलग है। GST परिषद को अभी यह निर्णय करना है कि कौन से उत्पाद या सेवा पर किस दर से कर लगेगा, ऐसे में जीएसटी राजस्व का सटीक अनुमान उपलब्ध नहीं होगा।

उसने कहा कि GST राजस्व का आकलन करने के लिये राज्यों के वैट को नहीं लिया जा सकता क्योंकि जीएसटी के तहत विभिन्न उत्पादों के लिये कराधान की दर बदल सकती है और साथ ही राज्यों का आंकड़ा हमेशा भरोसेमंद नहीं होता। एक अन्य कर विशेषज्ञ ने कहा कि जबतक विभिन्न उत्पादों और सेवाओं पर कर की दरों का निर्धारण नहीं हो जाता, 2017-18 के लिये कर राजस्व के अनुमान पर नहीं पहुंचा जा सकता।

टाटा-मिस्त्री विवाद पर सेबी ने कहा, कोई उल्लंघन नहीं, नियमों पर दिया जोर

tata and mistry

नई दिल्ली। टाटा-मिस्त्री विवाद के बीच भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड सेबी का कहना है कि कंपनी का निदेशक मंडल ‘मानद चेयरमैन’ की विशेषज्ञता का लाभ उस व्यक्ति के कंपनी छोडऩे के बाद भी उठा सकता है। हालांकि, नियामक ने स्वतंत्र निदेशकों को हटाने के लिए नियमों को कड़ा करने की वकालत की है।

 

पिछले साल टाटा संस के चेयरमैन पद से साइरस मिस्त्री को हटाए जाने के बाद से ही समूह में जारी ‘बोर्डरूम’ विवाद और समूचे घटनाक्रम पर नियामक की नजर है। इस विवाद में मिस्त्री ने रतन टाटा द्वारा हस्तक्षेप का भी आरोप लगाया है।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि बाजार नियामक ने प्रतिभूति कानूनों के किसी प्रकार के संभावित उल्लंघन की विस्तृत छानबीन की है। इसमें कंपनी संचालन और भेदिया कारोबार नियमों को ध्यान में रखते हुये भी जांच की गई।

अधिकारी ने कहा कि अभी तक मौजूदा प्रावधानों का कोई गंभीर उल्लंघन नहीं पाया गया है। यदि आगे कोई उल्लंघन पाया जाता है तो उस पर उचित कार्रवाई की जाएगी।

नियामक का यह भी मानना है कि टाटा-मिस्त्री विवाद ने दिखा दिया है कि एक स्वतं़त्र निदेशक को हटाने के लिये नियमों को और सख्त किये जाने की जरूरत है।

सेबी अपने इस रख को कारपोरेट मामलों के मंत्रालय के साथ भी साझा करेगा। इसमें यह मुद्दा तब उठा है जब यह देखा गया कि स्वतंत्र निदेशकों की पुन नियुक्ति के नियम पहले से ही काफी सख्त हैं।
सूत्रों ने बताया कि सेबी ने अपनी पिछली बैठक में अपने बोर्ड को टाटा-मिस्त्री से संबंधित घटनाक्रमों का ब्योरा दिया। इसमें स्वतंत्र निदेशकों को हटाने में अनियमितता तथा मानद चेयरमैन के साथ संवेदनशील सूचनाओं को साझा करने के आरोप शामिल हैं।

नियामक ने कहा कि ऐसा समझा जाता है कि जब किसी व्यक्ति को मानद चेयरमैन नियुक्त किया जाता है तो कंपनी का निदेशक मंडल उसके साथ कंपनी के प्रदर्शन, विलय और अधिग्रहण, विनिवेश और अन्य महत्वपूर्ण ब्योरे पर विचार विमर्श कर उनके अनुभव का लाभ उठा सकता है।

सेबी के अनुसार अप्रकाशित मूल्य संवेदनशील सूचनाओं को ‘वैध उद्देश्य’ के लिए दिया जा सकता है।
सेबी भेदिया कारोबार प्रतिबंध नियमन के तहत अप्रकाशित मूल्य संवेदनशील सूचनाओं के वैध मकसद से दिए जाने की अनुमति है। ये सूचनाएं किसी वैद्य कार्यों को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से दी जा सकती हैं।

नियामक ने कहा कि जहां तक स्वतंत्र निदेशकों का सवाल है, विचार यह है उनको हटाने के लिए विशेष प्रस्ताव लाया जाना चाहिए जैसा कि उनकी पुन नियुक्ति मामले में होता है।

विशेष प्रस्ताव में 75 फीसदी शेयरधारकों की मंजूरी की जरूरत होती है जबकि साधारण प्रस्ताव में 50 प्रतिशत शेयरधारकों की मंजूरी जरूरी होती है।

सूत्रों ने कहा कि इस बारे में फैसला कारपोरेट मामलों के मंत्रालय के साथ विचार विमर्श में लिया जाएगा जो कंपनी कानून का क्रियान्वयन कर रहा है। इससे पहले सेबी ने मिस्त्री तथा हटाए गए स्वतंत्र निदेशक नुस्ली वाडिया के पत्र के बाद टाटा समूह की अलग-अलग कंपनियों से इस बारे में ब्योरा मांगा था। दोनों ने कंपनी कामकाज के संचालन के नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाया था।