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योग से करे तनाव को दूर

योग के अंतर्गत योगासनों, प्राणायाम और ध्यान आदि को भी शामिल किया जाता है। योगासनों, प्राणायाम और ध्यान सेहत के लिए किसी वरदान से कम नहीं हैं। विभिन्न आसनों से हड्डी, मांस-मज्जा और शरीर के भीतरी अंग सशक्त होते हैं। वहीं प्राणायाम से शरीर के भीतर की नाड़ियां सुचारु रूप से कार्य करती हैं। योग डिप्रेशन और एंग्जाइटी जैसे मनोरोगों के इलाज में सहायक है। यह आपके हृदय को भी स्वस्थ रखने, रक्त शुगर को कम रखने, बैड या खराब कोलेस्ट्रॉल को कम रखने और अच्छे या गुड कोलेस्ट्रॉल के स्तर को बढ़ाने में भी मदद करता है। नियमित रूप से योग करने से पुराने कमर दर्द से राहत मिलती है और योग हमारी हड्डियों और जोड़ों को लचीला बनाए रखता है। यह पुराने दर्द को नियंत्रित रखने में भी सहायक है। योगासन,ध्यान और प्राणायाम आदि के रूप में नियमित योग करने से आपके संपूर्ण स्वास्थ्य को फायदा पहुंचता है।
तनाव को करे नियंत्रित
योग करने से तनाव के दौरान एड्रीनेलीन नामक न्यूरो केमिकल कम निकलता है, जिससे मानसिक तनाव नियंत्रण में रहता है। योग हमारे मस्तिष्क को तनावमुक्त और शांतचित्त रखने में मदद करता है। योग से हाई ब्लड प्रेशर को सामान्य रखने में मदद मिलती है, तनाव कम होता है और मोटापा नियंत्रित होता है। इसके साथ ही व्यक्ति का रक्तसंचार सुचारु रूप से संचालित होता है, जिसका प्रभाव तन ही नहीं बल्कि मन पर भी पड़ता है।
जीवन-शैली और बीमारियां
आज जीवन शैली से संबंधित रोग जैसे कोरोनरी धमनी(आर्टरी) रोग, मोटापा और हाई ब्लड प्रेशर तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसी स्थिति में योग आधारित जीवन-शैली की मदद से इन रोगों पर काबू पाया जा सकता है। कुछ शोधों से पता चला है कि शवासन हाई ब्लड प्रेशर के इलाज में सहायक है। एक और अध्ययन के अनुसार योग पर आधारित जीवन-शैली पर अमल कर केवल दो महीने में ब्लडप्रेशर में कमी आ सकती है। मोटापा अपने आप में कोरोनरी धमनी रोग के लिए खतरे का कारण है, लेकिन अध्ययनों से पता चला है कि योग अभ्यास के एक वर्ष के बाद शरीर के वजन को घटाने और हृदय की क्षमता बढ़ाने में मदद मिलती है। योग की मदद से एचडीएल को छोड़कर सभी लिपिड मापदंडों में कमी लाई जा सकती है। इस प्रकार योग पर आधारित जीवन शैली से कोरोनरी धमनी की बीमारी से बचाव संभव है।
डायबिटीज से बचाव
मौजूदा समय में मधुमेह या डायबिटीज एक स्वास्थ्य समस्या बन चुका है। दुनिया भर में सबसे ज्यादा मधुमेह रोगी भारत में ही हैं। कई अध्ययनों से पता चला है कि योग मधुमेह के रोगियों के लिए भी लाभकारी है। योग शरीर की हर कोशिका को प्रभावित करता है। योग अभ्यास करने वाले व्यक्ति का दृष्टिकोण सकारात्मक होता है और वह उद्देश्यपूर्ण और स्वस्थ जीवन व्यतीत करता है। निष्कर्ष के तौर पर कहा जा सकता है कि योग के कई मानसिक लाभ हैं। जैसे स्वास्थ्य में सुधार, एकाग्रता का बढ़ना, आत्मविश्वास में वृद्धि और जीवन के प्रति आशावादी दृष्टिकोण आदि।
योग के साथ व्यायाम करें या नहीं
अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन ने सुझाया है कि नियमित व्यायाम करने के साथ-साथ योग भी करना चाहिए। इसे नियमित व्यायाम का पूरक नहीं समझा जाना चाहिए बल्कि तेजी से चलने और दौड़ने जैसे कार्डियोवैस्कुलर व्यायामों के साथ रोजाना करना चाहिए।
कितनी देर योग करना चाहिए
ज्यादातर विशेषज्ञों का सुझाव है कि हर दिन कम से कम 10 से 15 मिनट तक योग अवश्य करें। अगर आपको कोई स्वास्थ्य संबंधी दिक्कत है या आप दिल के मरीज हैं तो आप योग शुरू करने के पहले अपने डॉक्टर से संपर्क करें। स्वस्थ लोगों के लिए कम से कम 30 मिनट से 45 मिनट तक योग पर्याप्त माना जाता है। विभिन्न योगासनों के अलावा अनुलोम विलोम और कपालभाति आदि प्राणायाम शामिल हैं, लेकिन गर्भवती महिलाओं को कपाल भाति नहीं करना चाहिए।
इस बात का भी दें विशेष ध्यान
अगर आप हदय से संबंधित किसी समस्या से पीडि़त हैं तो इस मौसम में सुबह की सैर और व्यायाम के दौरान अपने आप को पूरा ढक कर जाना चाहिए। इस मौसम में सर्दी के कारण धमनियां सिकुड़ जाती हैं और खून गाढ़ा हो जाता है। इस वजह से ब्लड क्लॉट बढ़ने की संभावना बढ़ जाती है। ऐसी स्थिति में हार्ट अटैक और स्ट्रोक होने की आशंकाएं बढ़ जाती हैं। ब्लड प्रेशर के मरीज अपनी दवाएं लगातार लें।
पुरुष दिखे सर्दियों ऐसे स्मार्ट

विंटर सीजन…… महिलायें ही नहीं पुरुषों के लिए स्टाइल स्टेटमेंट एक्प्लोर करने का मौका होता है। हालांकि महिलाओं के कंपेरिजन में मेंस के पास ज्यादा ऑप्शंस नहीं होते हैं फिर भी अगर खुद को अपडेट रखें तो वे भी महफिल की शान बन सकते हैं। गोल्डन ग्लोब अवॉर्ड नाइट खत्म हुए अभी कुछ ही दिन हुए हैं। यहां से मेन्स स्टाइल के टिप्स लिए जा सकते हैं जो इस विंटर ड्रेंड में है। नजर डालें ऐसे ही कुछ टॉप मेन्स पार्टी स्टाइल पर और बेझिझक खुद पर ट्राइ करें।
फेशियल हेयर- दे आपको बोल्ड लुक
मूंछे रखना ओल्ड फैशन में आता है, लेकिन एक्टर माइलो वेंटीमिग्लिया ने इसे झूठ कर दिखाया है। गोल्डन ग्लोब अवॉर्ड फंक्शन में ओल्ड स्कूल स्टाइल में मूंछे रखकर इन्होंने अपनी अलग ही छाप छोड़ी। उन्होंने राल्फ लॉरेन की डिजाइनर सूट पहना और अपने बालों के स्ट्रेट करते हुए पीछे की ओर रखा जो उनके ब्लैक टाई इवेन्ट के लिए परफेक्ट लुक साबित हुआ। हल्की मूंछो के साथ वे बिल्कुल भी भयानक नहीं लग रहे थे।
डबल ब्रेस्टेड सूट – ओल्ड नहीं न्यु लुक
अवॉर्ड फंक्शन में डबल ब्रेस्टेड सूट मेन्स एक्टर के बीच ट्रेंडिंग में था। यहां से आप पार्टी वेयर के लिए आइडिया ले सकते हैं। इस स्टाइल के ट्रेडिशनल सूट के साथ स्लिम लोफर अपनाकर खुद को चिक लुक दे सकते हैं।
ब्राऊन कलर इज इन ट्रेंड
एक्टर डोनाल्ड ग्लोवर फैशन में रिस्क लेना पसंद है। कस्टम ब्राउन कलर की गूची टक्सीडो में वो बोल्ड लग रहे थे।ब्राउन जैसे फ्रेश कलर के साथ आप एक अलग एक्सपेरिंमेंट कर सकते हैं। इसके साथ पेयर करें ब्लैक शूज और बन जायें पार्टी की शान।
ग्रे हेयर इज कूल
ग्रे कलर आपको इस सीजन कूल लुक देगा। एक्टर रयान रेनॉल्ड्स ने अपने बालों को ग्रे कलर में रखा। साथ ही शेव के हल्के कलर में बियर्ड भी उन्हें परफेक्ट लुक दे रहा था।
फिटनेस का कमाल
इवान रेचल वुडफैशन के मामले में हमेशा महफिल में छा जाती है। हर बार की तरह वे यहां भी सेंटर ऑफ अट्रैक्शन थीं। उनका स्टाइल स्टेटमेंट जेंडर इक्वालिटी को क्रॉस कर रहा था। लॉंग जैकेट के साथ व्हाइट ड्रेस शर्ट जो उनकी कलाई तक टच कर रही थी। इस स्लिम फिट सूट के उपर बिग बो टाई में वे परफेक्ट लग रही थीं।
सर्दियों में पाएं खिलखिली त्वचा, पढ़िए

सर्दियों में कुछ चीज़े होती हैं जो करने में बड़ा मज़ा आता हैं। सर्दियों में गरमा गर्म चाय माहौल को खुशनुमा बना देती हैं। जिस तरह मेकअप और फैशन ट्रेंड आप इस मौसम के अनुकूल अपनाती हैं, उसी तरह त्वचा की देखभाल भी सर्दियों के मुताबिक करना जरूरी होता है। आइए जानें त्वचा की कैसे करें देखभाल : चेहरे को प्रतिदिन दो बार धोएं। एक बार सुबह और एक बार रात में सोने से पहले।
फल, सब्जियां से बढ़ाएं अपनी यादाश
तैलीय त्वचा के लिए ऑयल फ्री क्लेंजर और रूखी त्वचा के लिए सूदिंग क्लेंजर का प्रयोग करें। संवेदनशील त्वचा के लिए एक्ने फाइभटग क्लेंजर का इस्तेमाल करें।
चेहरा साफ किए बिना न सोएं, अन्यथा त्वचा के छिद्र बंद हो जाएंगे और एक्ने बनने लगेंगे।
चेहरा धोने के लिए गर्म पानी और साबुन का इस्तेमाल न करें। बार-बार गर्म पानी से त्वचा साफ करने से उसका कुदरती तेल नष्ट हो जाता है और लकीरें अधिक नजर आती हैं। हफ्ते में सिर्फ एक बार एक्सफोलिएट करने से त्वचा की मृत कोशिकाएं हट जाएंगी और त्वचा चिकनी व साफ सुथरी नजर आएगी।
एक्सफोलिएशन बार-बार न करें ऐसा करने से त्वचा पर रैशेज हो जाएंगे और एलर्जी भी हो सकती है।
त्वचा को हाइड्रेटेड और संतुलित रखने के लिए प्रतिदिन दो बार मॉइश्चराइजर लगाएं।
तैलीय और संवेदनशील त्वचा के लिए लाइट मॉइश्चराइजर का ही इस्तेमाल करें।
त्वचा अत्यधिक तैलीय है तो जेल क्रीम या लोशन फार्मूला का प्रयोग करें। मिली-जुली त्वचा के लिए अलग अलग मॉइश्चराइजर का प्रयोग करें जैसेटी-जोन के लिए लाइट फार्मूला और गालों पर रिचर फार्मूला प्रयोग करें।
जरूरत से ज्यादा मॉइश्चराइजर लगाने से भी त्वचा चिपचिपी नजर आने लगती है। साथ ही त्वचा के छिद्र भी बंद हो सकते हैं।
वाटर बेस्ड मॉइश्चराइजर या सनस्क्रीन से बचें। इस तरह के प्रोडक्ट्स में प्रयोग होने वाला पानी आपके चेहरे को फ्रीज कर सकता है। ठंड में बाहर जाने पर अगर आपको किसी प्रकार की जलन या रैशेज हो जाते हैं तो इसका साफ मतलब है कि वाटर बेस्ड मॉइश्चराइजर लगाने से ऐसा हो रहा है। तुरंत ऐसा मॉइश्चराइजर बदल डालें।
नहाने के बाद बाथ ऑयल लगाएं। बाथटब में एक ढक्कन बाथ ऑयल डाल सकती हैं। देर तक गर्म पानी से न नहाएं।
नहाने के बाद ब्लोअर के सामने खड़े न हों।
बिना मॉइश्चराइजर लगाए सनस्क्रीन लोशन न लगाएं।
प्रतिदिन चेहरा धोकर गीली त्वचा पर पर्याप्त मॉइश्चराइजर लगाएं। ऐसा मॉइश्चराइजर इस्तेमाल करें जो विटामिन ए, ई, और सी युक्त हो।
धूप निकली हो या बदली हो, चाहे बाहर जाएं या नहीं, सन प्रोटक्शन क्रीम जरूर लगाएं।
रात में सोने से पहले एंटी भरकल क्रीम या अल्ट्रा हाइड्रेशन क्रीम लगाकर कुछ देर मसाज करें।
एलोवेरा क्रीम या जेल का इस्तेमाल करें।
त्वचा पर कसाव लाने के लिए केले और पपीते का पैक लगाएं।
गर्दन पर ध्यान देना न भूलें। झुर्रियां सबसे पहले यहीं नजर आती हैं।
अधिक तेल बनने के कारण मुहांसे हो जाते हैं। अगर सोने से पहले मुहांसा नजर आए तो वहां टूथपेस्ट लगाएं। यह उसे सुखाने में मदद करेगा।
मुहांसों से बचाव के लिए अंडे की स$फेदी को चेहरे पर 15 मिनट के लिए लगाएं।
द्ब्र चेहरे को अपने तकिए से न छूने दें, क्योंकि आपके बालों की गंदगी और तेल तकिए पर लग जाता है। चेहरा साफ करने के बाद जब आप सोती हैं तो वही गंदगी पुन: आपके चेहरे के दोबारा संपर्क में आकर एक्ने बनने का कारण बन जाती है।