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नई दिल्ली। विदेशी बाजारों में बहुमूल्य धातुओं में मजबूती के रुख के बावजूद आभूषण विक्रेताओं की कमजोर मांग से राष्ट्रीय राजधानी सर्राफा बाजार में सोमवार को सोना 40 रुपये गिरकर 28,700 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गया।
औद्योगिक इकाइयों और सिक्का निर्माताओं का उठाव कमजोर पड़ने से चांदी भी 50 रुपये की गिरावट के साथ 40,400 रुपये प्रति किलो रह गई।
बाजार सूत्रों ने कहा कि घरेलू हाजिर बाजार में स्थानीय आभूषण विक्रेताओं के साथ साथ फुटकर विक्रेताओं की कमजोर मांग से बहुमूल्य धातुओं की कीमतों में गिरावट आई लेकिन विदेशों में मजबूती के रख से नुकसान कुछ सीमित रहा।
वैश्विक स्तर पर सिंगापुर में सोना की कीमत 0.06 प्रतिशत बढ़कर 1,172.90 डॉलर प्रति औंस हो गयी।
राष्ट्रीय राजधानी में सोना 99.9 और 99.5 प्रतिशत शुद्धता की कीमत 40-40 रुपये घटकर क्रमश: 28,700 रुपये और 28,550 रुपये प्रति 10 ग्राम पर रह गई। शनिवार के कारोबार में इसमें 30 रुपये की तेजी आई थी।
हालांकि, गिन्नी की कीमत 24,200 रुपये प्रति आठ ग्राम पर अपरिवर्तित रही। सोने की ही तरह चांदी तैयार 50 रुपये घटकर 40,400 रुपये प्रति किलो रह गई जबकि चांदी साप्ताहिक डिलीवरी की कीमत 45 रुपये की गिरावट के साथ 40,295 रुपये प्रति किलो रह गई।
दूसरी ओर चांदी सिक्का लिवाल 71,000 रुपये और बिकवाल 72,000 रुपये प्रति सैकड़ा पर स्थिरता का रख लिए पूर्वस्तर पर ही बंद हुई।
district collecter abhimanyu kumar and sp sandeepsingh at the occation of 28 road saftey week in saroopganj
सरूपगंज, 9 जनवरी। प्रतिवर्ष देश में अस्सी हजार मौते सड़क दुर्घटना में होती है और इसमें भी दुर्भाग्य यह हैं कि इनमें से अधिकांश परिवार के मुखिया कालकलवित होते है। यातायात नियमों का पालन कर एवं इन्हें अपने जीवन में उतार कर इसमें कमी लाई जा सकती है। यह बात सोमवार को सरूपगंज स्थित टोल प्लाजा पर आयोजित 28वें सड़क सुरक्षा सप्ताह के उद्घाटन समारोह में उभर कर सामने आई।
उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यअतिथि जिला कलक्टर अभिमन्यु कुमार ने कहा कि वे अठ्ठïारह वर्ष की आयु पूर्ण होने से पूर्व किसी भी गियर वाले वाहन को नहीं चलायें। दुपहिया वाहन चालको से हेलमेट के उपयोग करें। साथ ही यातायात के नियमों का कडाई से पालन करें।
उद्घाटन समारोह के विशिष्ट अतिथि एवं जिला पुलिस अधीक्षक संदीपसिंह चौहान ने सड़क पर होने वाली दुर्घटना में हताहतों की मदद करने में सदैव तत्पर रहे इससे किसी को जीवनदान मिल सकता है। इसमें किसी भी पुलिस कार्रवाई में फंसने की भ्रान्ति नहीं रखें। पुलिस आमजन की सुरक्षा, सड़क दुर्घटनाओं व अपराधों की रोकथाम के लिए है। उन्होने लोगों में यातायात शिक्षा की आवश्यकता पर बल दिया।
पिण्डवाड़ा उपखंड अधिकारी पर्वतसिंह चुंडावत ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए सजगता जरूरी है। उन्होने लोगों से आग्रह किया कि यातायात नियमों का अपने जीवन में अमल में लावें। माऊंट आबू उपखंड अधिकारी गौरव अग्रवाल ने छात्रों को विभिन्न यातायात नियमों की जानकारी देते हुए इससे अन्य लोगों को भी जागरूक करने की अपील की। ताकि सड़क दुर्घटना के ग्राफ में कमी लाई जा सकें।
समारोह को नेशनल हाईवे अथाँरिटी ऑफ इण्डिया (एनएचआई) के तकनीकी मैनेजर वी.के. गुप्ता, आबूरोड के जिला परिवहन अधिकारी मोहम्मद रफीक, पिण्डवाड़ा तहसीलदार रोहित चौहान, जिलास्तरीय सीएलजी सदस्य किशोरसिंह देवड़ा, एलएण्डटी सरूपगंज टोलप्लाजा के प्रोजेक्ट हैड एस. एलनगोवन, सीनियर रूट सुपरवाईजर हितेन्द्र जोशी, कुन्दनकुमार गौतम, तेजस कांटे, मुकेश नारनिया, अमृतलाल भाट, प्रदीपकुमार, प्रवीणकुमार, कमलेश कुमार, बाबुलाल, समाजसेवी गोरधान मोहरेशा, भावरी उपतहसीलदार रामलाल मीणा, समारोम चौधरी समेत काफी संख्या में लोग मौजूद थे।
Uttarakhand 10th and 12th board exm date of the announcement
उत्तराखंड। उत्तराखंड बोर्ड परीक्षा परिषद के अधिकारी सुदर्शन वर्मा ने आज बताया कि बोर्ड परीक्षाएं मार्च के दूसरे पखवाडे से शुरू होगी। बारहवीं एवं दसवीं की परीक्षाऐं क्रमश: 17 एवं 18 मार्च से शुरू होगी।
उत्तराखंड बोर्ड परीक्षा परिषद के अधिकारी वर्मा ने बताया कि दसवीं और बारहवीं की परीक्षाएं 17 मार्च से 10 अप्रैल की बीच आयोजित होंगी। इस बार प्रदेश में दसवीं कक्षा में एक लाख 53 हजार छात्र-छात्राऐं तथा बारहवीं में एक लाख 33 हार छात्र-छात्राऐं बोर्ड द्वारा 1319 परीक्षा केंद्रों में भाग लेंगे।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में विधानसभा चुनावी महासंग्राम समाप्त होने तथा नई सरकार के गठन के पश्चात ही बोर्ड परीक्षाऐं प्रारम्भ की जायेंगी। क्योंकि चुनावी प्रक्रिया के दौरान अधिकतर शिक्षक अथवा पुलिस प्रशासन चुनावी कार्यक्रमों में व्यस्त रहेंगे।
Kane Williamson joins virat kohli in ICC top five across all three formats
नई दिल्ली। सोमवार को आईसीसी की जारी ताजा रैंकिंग में न्यूजीलैंड के कप्तान केन विलियम्सन चौथे स्थान पर पहुंचकर भारतीय कप्तान विराट कोहली के बाद आईसीसी रैंकिंग में सभी तीनों प्रारूपों में शीर्ष पांच में पहुंचने वाले दूसरे बल्लेबाज बन गए हैं।
Notbandi RBI PM can call the Public Accounts Committee
नई दिल्ली। संसद की लोक लेखा समिति पीएसी नोटबंदी के मुद्दे पर वित्त मंत्रालय के अधिकारियों और रिजर्व बैंक के गवर्नर उर्जित पटेल का जवाब संतोषजनक नहीं रहने पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को भी अपने समक्ष बुला सकती है। समिति ने वित्त मंत्रालय और रिजर्व बैंक के गवर्नर को नोटबंदी को लेकर विस्तृत प्रश्नावली भेजी है।
पीएसी ने नोटबंदी को लेकर 20 जनवरी को बैठक बुलाई है। इस बैठक में रिजर्व बैंक के गवर्नर उर्जित पटेल, वित्त सचिव अशोक लवासा और आर्थिक मामलों के सचिव शक्तिकांत दास को उपस्थित होंगे।
पीएसी के अध्यक्ष और वरिष्ठ कांग्रेसी नेता के.वी. थॉमस ने कहा, ‘हमने जो सवाल उन्हें भेजे थे उनका अभी जवाब नहीं मिला है। वे 20 जनवरी की बैठक से कुछ दिन पहले जवाब भेजेंगे। जो जवाब मिलेंगे उन पर विस्तार से चर्चा होगी।’
यह पूछे जाने पर कि जवाब यदि संतोषजनक नहीं हुये तो क्या पीएसी प्रधानमंत्री को बुला सकती है, थॉमस ने कहा , ‘समिति को मामले में शामिल किसी को भी बुलाने का अधिकार है। हालांकि, यह 20 जनवरी की बैठक के परिणाम पर निर्भर करता है। यदि सभी सदस्य सर्वसम्मति से तय करते हैं तो हम नोटबंदी के मुद्दे पर प्रधानमंत्री को भी बुला सकते हैं।
थॉमस ने कहा कि आठ नवंबर को नोटबंदी की घोषणा के बाद उन्होंने प्रधानमंत्री से मुलाकात की थी। उन्होंने कहा, ‘मैं उनसे मिला था तब उन्होंने कहा था कि 50 दिन बाद दिसंबर अंत में स्थिति सामान्य हो जायेगी। लेकिन ऐसा नहीं दिखता है।’
पीएसी अध्यक्ष ने कहा कि इसलिये समिति ने नोटबंदी के फैसले की प्रक्रिया में शामिल वित्त मंत्रालय के शीर्ष अधिकारियों को अपने समक्ष बुलाया है। उन्होंने कहा कि नोटबंदी ने देश की अर्थव्यवस्था पर प्रभाव डाला है।
उन्होंने कहा, ‘प्रधानमंत्री अपने अहम् के लिये देश को भ्रमित कर रहे हैं। वह अपने गलत निर्णय को सही ठहराने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने 2,000 रपये का नोट जारी कर बड़ी ही संवेदनहीनता के साथ यह कदम उठाया।’
थॉमस ने सवाल उठाया, ‘ऐसे देश में जहां कॉल डॅ्राप की समस्या है और दूरसंचार सुविधायें ठीक से नहीं चल रही हैं, प्रधानमंत्री किस प्रकार यह उम्मीद कर सकते हैं कि मोबाइल फोन पर ई-लेनदेन हो सकेगा। क्या हमारे पास इसके लिये उपयुक्त ढांचागत सुविधायें हैं?’
रिजर्व बैंक गवर्नर, वित्त मंत्रालय के अधिकारियों को किस तरह के सवाल भेजे गये हैं, इस बारे में पूछे जाने पर थॉमस ने कहा कि पीएसी ने नोटबंदी के हर पहलू को लेकर सवाल पूछे हैं।
जो मुख्य सवाल पूछे गये हैं उनमें -निर्णय प्रक्रिया में कौन शामिल था?, नोटबंदी के बाद कितना पैसा बैंकों में आया है? क्या ऐसा कोई कानून है जो लोगों को अपने ही धन तक पहुंचने से रोक सकता है? अर्थव्यवस्था में वापस कितना धन डाला गया है? क्या इससे कालेधन की समस्या का समाधान हुआ? अर्थव्यवस्था और गरीब पर इसका क्या असर पड़ा?- आदि शामिल हैं।
पीएसी ने नोटबंदी के इस अहम मुद्दे पर खुद ही संज्ञान लिया है। पीएसी भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक कैग की रिपोर्ट की जांच परख करती है।