
किक्रेट टीम में भी हो आरक्षण : केन्द्रीय राज्य मंत्री अठावले

सुदीप बनर्जी की गिरफ्तारी से गुस्साए टीएसी समर्थकों का भाजपा कार्यालय पर हमला

कोलकाता। रोजवैली चिटफंड मामले में तृणमूल सांसद सुदीप बनर्जी की गिरफ्तारी से गुस्साए तृणमूल समर्थकों ने भाजपा के प्रदेश कार्यालय पर हमला कर दिया।
पूर्वोत्तर में 5.5 तीव्रता का भूकंप, जानमाल का नुकसान नहीं

tremors in assam as 5.5 magnitude earthquake strikes northeast
गुवाहाटी। असम समेत समूचा पूर्वोत्तर व पड़ोसी देश बांग्लादेश में मंगलवार की दोपहर 2.40 बजे 5.5 तीव्रता के भूकंप के झटकों से दहल उठा।
फ्रांस में ड्यूटी के बाद ईमेल का जवाब नहीं देने की मिली आजादी

फ्रांस। फ्रांस में किसी भी कंपनी के कर्मचारियों के लिए अब घर जाने के बाद ऑफिशल ईमेल पढ़ना या उनका जवाब देना जरूरी नहीं है। काम के बोझ से तनावग्रस्त हो रहे कर्मचारियों को फ्रांस सरकार ने नए साल पर एक बेहतरीन तोहफा दिया है। श्रम मंत्रालय ने कर्मचारियों के लिए ‘राइट टू डिसकनेक्ट’ कानून लागू कर दिया है। इसके बाद अब कर्मचारियों को छुट्टी के समय ई-मेल का जवाब नहीं देना पड़ेगा। वह अपने परिवार के साथ काम का तनाव लिए बिना स्वतंत्र होकर छुट्टी बिता सकेंगे।
छुट्टी के बाद भी लगातार स्मार्ट फोन आदि पर चिपके रहने वाले कर्मचारियों को अब राहत मिलेगी। कर्मचारी कार्रवाई का डर दिमाग में लाए बिना कंपनी के ई-मेल संदेशों को नजरअंदाज कर सकेंगे। फ्रांस में एक जनवरी से ही ‘राइट टू डिसकनेक्ट’ कानून लागू हो गया है। जिन कंपनी में 50 से ज्यादा कर्मचारी हैं, उन्हें इस कानून का पालन करना होगा। कंपनी छुट्टी के समय किसी भी कर्मचारी को काम के लिए परेशान नहीं कर सकेंगी।
पार्लियामेंट में ‘राइट टू डिसकनेक्ट’ कानून बिल रखने के दौरान पार्लियामेंट के सदस्य बेनॉयट हामन ने कहा कि कर्मचारी भले ही शारीरिक तौर पर छोड़ देते हैं, लेकिन इलेक्ट्रॉनिक पट्टा उनके गले से कभी नहीं उतरता है। वह बार-बार अपने ईमेल, टेक्स्ट संदेश बॉक्स आदि देखते रहते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अभी तो इस कानून का उल्लंघन करने पर कोई जुर्माने का प्रावधान नहीं किया गया है। उम्मीद है कि कंपनियां स्वेच्छा से इस कानून को लागू करेंगी। फ्रांस में कर्मचारी यूनियन लंबे समय से ‘राइट टू डिसकनेक्ट’ की मांग कर रहे थे। कुछ कंपनी पहले ही इस लागू कर चुकी हैं। अब श्रम मंत्रालय ने भी इस कानून को लागू कर दिया है।
दक्षिण चीन सागर में चीनी नौसेना ने किया अभ्यास

शंघाई। चीनी नौसेना ने दक्षिणी चीन सागर में विमान वाहक पोत के अभ्यास की पुष्टि की है। इससे पहले ताईवान ने बताया था कि चीन का विमान वाहक पोत दोनों देशों के बीच तनाव के बावजूद 90 नौटिकल मील तक चला गया था।
सोवियत निर्मित लिओनिंग विमान वाहक पोत ताइवान के पूर्वी तट तक पहुंच गया था वहीं चीन ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत सामान्य अभ्यास का हिस्सा बताया है।
पीपुल्स लिबरेशन आर्मी नौसेना ने आधिकारिक रूप से कहा कि कल मुश्किल समुद्री परिस्थितियों के बीच जे-15 लड़ाकू विमान ने अभ्यास किया था लेकिन अधिकारियों ने अभ्यास की सटीक स्थान के बारे में जानकारी नहीं दी।
उल्लेखनीय है कि दक्षिणी चीन सागर पर चीन समेत उसके पड़ोसी देश ब्रुनेई, मलेशिया, फिलीपींस, ताईवान और वियतनाम भी अपना हिस्सा जताते हैं।