online hindi news website, online hindi news paper, top hindi news media website, bollywood hindi news, political hindi news, sports news, crime patrol
Pakistan in baloch protest near quetta display again
क्वेटा। पाकिस्तान में बलूच नागरिकों का विरोध बढ़ता जा रहा है। आज पाकिस्तान के क्वेटा के पास बलूचिस्तान के लोगों ने विरोध- प्रदर्शन किया। ये लोग चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर का विरोध कर रहे थे। प्रदर्शन में भाग लेने वाले लोगों ने पाकिस्तान से आजादी के नारे लगाए और चीन के दखल का विरोध किया। इन लोगों ने नवाज शरीफ के पुतले और पोस्टर जलाए।
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के अपने संबोधन में लाल किले से बलूचिस्तान का मुद्दा उठाय था। पीएम मोदी ने अपने भाषण में बलूचिस्तान, गिलगित और पाक के कब्जे वाले कश्मीर में लोगों पर हो रहे अत्याचार का भी जिक्र किया था।
रक्सौल। भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र के पूर्वी चम्पारण जिले के रक्सौल शहर में शनिवार को सीमा शुल्क विभाग के अधिकारियों ने 30 किलोग्राम चरस जब्त की जिसकी कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में करीब तीन करोड़ रूपये है।
कस्टम एसी एसके सिंह ने बताया कि पूर्वी चम्पारण में पिछले पांच वर्ष में इतने अधिक मूल्य की चरस बरामदगी का यह पहला मामला है। हाल के दिनों में नेपाल के तराई इलाके में नेपाली अधिकारियों ने चरस उत्पादन की फैक्ट्री पर छापेमारी की है। अब तस्कर गिरोह नयी राह की तलाश में लगे हुए हैं।
सीमा शुल्क विभाग के सहायक आयुक्त रतन कुमार सिंह ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर अधिकारियों ने शहर के अहिरवा टोला इलाके में छापेमारी कर 30 किलोग्राम चरस जब्त की। हालांकि इस मामले में किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है।
नेपाली अधिकारियों के इस इनपुट पर कस्टम के अधिकारी खुली सीमा के संवेदनशील रास्ते पर निगरानी कर रहे थे। इस बीच गुप्त सूचना प्राप्त हुई कि शहर से जुड़े सरिसवा छठियाघाट रेलवे ब्रिज के पास दो लोगों को संदिग्ध अवस्था में दो बैग लिए देखा गया है। इसके बाद इलाके में सघन तलाशी शुरू की गई थी।
हफ्ते भर में दूसरी बार पकड़ी गयी चरस
कस्टम अधिकारियों की पिछले एक माह के भीतर चरस बरामदगी में दूसरी सफलता मिली है। इसके पूर्व 9 सितम्बर को एक यात्री ट्रेन से कस्टम अधिकारियों ने 9 किलो 150 ग्राम चरस को शौचालय फिटिंग उखाड़ कर बरामद किया था।
नई दिल्ली। भारतीय सेना द्वारा नियंत्रण रेखा के पार आतंकी ठिकानों पर किए गए सर्जिकल स्ट्राइक में पाकिस्तान के आतंकी संगठन लश्कर ए तैयबा के लगभग 20 आतंकवादी मारे गए हैं। यह जानकारी खुफिया एजेंसियों द्वारा टैक की गई बातचीत के आधार पर बनाई गई रिपोर्ट के आधार पर की गई।
हालिया सर्जिकल स्ट्राइक की जानकारी रखने वाले सूत्रों के मुताबिक भारतीय सेना की फील्ड यूनिटों से उपलब्ध आकलन रिपोर्ट में विभिन्न पाकिस्तानी प्रतिष्ठानों के बीच हुई रेडियो बातचीत शामिल है। इससे पता चलता है कि उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा सेक्टर के सामने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर स्थित दुदनियाल आतंकी शिविर में लश्कर ए तैयबा को अधिकतम नुकसान पहुंचा।
सूत्रों ने रविवार को कहा कि क्षेत्र में सेना की डिवीजन से ली गईं पांच टीमों को कैल जिसे (केल नाम से भी जाना जाता है) तथा दुदनियाल स्थित आतंकी समूहों के ठिकानों को नष्ट करने का काम सौंपा गया था।
गत 28 और 29 सितंबर की दरम्यानी रात को शुरू हुए बेहतरीन समन्वित अभियान में भारतीय सैनिक नियंत्रण रेखा के पार पहुंचे और एलओसी से 700 मीटर की दूरी पर स्थित एक पाकिस्तानी चौकी की सुरक्षा में स्थित चार आतंकी ठिकानों को नष्ट कर दिया।
सूत्रों ने बताया कि आतंकियों को भारतीय सेना की ओर से कार्रवाई किए जाने की उम्मीद नहीं थी और इसलिए वे चकित रह गए। आकलन रिपोर्ट के मुताबिक, जब भारतीय सैनिकों ने इन आतंकवादियों को मारना शुरू किया तो वे पाकिस्तानी चौकी की तरफ भागते देखे गए।
सूत्रों ने बताया कि पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में सफल हमले के बाद एक प्रभावी रेडियो निगरानी तथा कड़ी सतर्कता कायम की गई। उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी सेना के रेडियो तंत्र से पकड़े गए संदेशों से संकेत मिला कि चार आतंकी ठिकानों पर लगभग एक ही समय किए गए लक्षित हमलों में लश्कर ए तैयबा के कम से कम 10 आतंकी मारे गए ।
उन्होंने कहा कि पौ फटने तक वहां पाकिस्तानी सेना के वाहनों की भारी हलचल दिखी और सभी शवों को वहां से हटाकर अन्यत्र ले जाया गया। सूत्रों ने कहा कि रेडियो बातचीत से संकेत मिलता है कि मारे गए आतंकवादियों को नीलम घाटी में सामूहिक रूप से दफनाया गया ।
पुंछ के सामने बलनोई क्षेत्र स्थित आतंकी ठिकानों को भी इसी तरह के भीषण प्रहार का सामना करना पड़ा। पाकिस्तानी सेना के रेडियो संदेशों के मुताबिक इन ठिकानों में लश्कर ए तैयबा के नौ आतंकी मारे गए।
सूत्रों ने बताया कि इस सेक्टर में भारतीय सेना के लक्षित हमलों में पाकिस्तान की 8 नार्दर्न लाइट इन्फेंट्री के दो जवान भी मारे गए। उन्होंने कहा कि ऐसी खुफिया सूचना थी कि आतंकवादी विभिन्न दिशाओं से कश्मीर और जम्मू क्षेत्र में भी घुसपैठ की योजना बना रहे हैं।
सूत्रों ने बताया कि सेना ने आतंकवादियों पर भीषण वार करने से पहले उनके एक जगह पर एकत्र होने की प्रक्रिया का इंतजार किया। भारत के लक्षित हमलों से पाकिस्तान इनकार कर रहा है और सिर्फ यह स्वीकार कर रहा है कि सीमा पार से हुई गोलीबारी में उसके दो सैनिक मारे गए हैं। हालांकि, सूत्रों ने कहा कि अभियान पूरा होने के बाद पाकिस्तान में सैन्य अभियान महानिदेशक कार्यालय के डयूटी अफसर को भारतीय सेना द्वारा पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में किए गए लक्षित हमलों की जानकारी दी गई ।
world more than 140-killed in air attacke on yemen funeral un
सना । यमन की राजधानी सना में हुए हवाई हमले में 140 लोगों से अधिक की मौत हो गई है जबकि इस हमले में करीब 525 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। इसकी पुष्टि सना के स्वास्थ्य अधिकारियों की शुरुआती रिपोर्ट्स में भी किया गया है। यह हमला उस वक्त हुआ जब एक जनाजे में काफी संख्या में लोग एकजुट हुए थे। यमन में नियुक्त यूनाइटेड नेशंस के अधिकारी के मुताबिक इस हमले को सऊदी गठबंधन सेनाओं ने अंजाम दिया है। हालांकि गठबंधन सेना ने इस तरह के किसी हमले से साफ इंकार किया है।
अमेरिका ने की निंदा
इस हमले की चौतरफा आलोचना हो रही है। खुद अमेरिका ने कहा है कि सऊदी अरब उसके लिए किसी ब्लैंक चेक की तरह नहीं है। अमेरिका ने यह भी कहा है कि वह सऊदी को समर्थन देने के बारे में दोबारा विचार जरूर करेगा। वहीं सऊदी अरब का कहना है कि वह इसकी जांच करवाने के लिए पूरी तरह तैयार है।
यमन में यूएन के ह्यूमैनिटेरिअन को-ऑर्डिनेटर जैमी मैकगोल्ड्रिक ने बताया कि मदद करने वाले सभी लोग इस हमले से बेहद दुखी और गुस्सा हैं। हमला एक कम्युनिटी हॉल पर हुआ जहां कई लोग एक जनाजे में शोक जताने आए थे। यूएन के सहायता कर्मियों ने मामले में तुरंत जांच करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि मासूम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय को पूरा जोर लगाना होगा। मैकगोल्ड्रिक ने कहा,’यमन में आम लोगों के खिलाफ हिंसा पर तुरंत रोक लगनी चाहिए।
अब तक का सबसे बड़ा हमला
यह हमला यमन में हुए अब तक के सबसे भयानक हमलों में से एक है। संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक,जब से यमन के राष्ट्रपति अबेद्राबो मंसूर हादी के समर्थन में ऐसे हवाई हमले होने हुए शुरु हुए हैं तब से अब तक 6,700 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है। वहीं, सऊदी गठबंधन सेना ने अपने बयान में कहा है कि वह लोगों के समूह को इस तरह निशाना नहीं बनाती और हमले में उसका हाथ नहीं है।
गौरतलब है कि यमन अरब के सबसे गरीब देशों में से एक है। यहां मार्च 2015 में सऊदी गठबंधन सेना ने हूती विद्रोहियों के खिलाफ हवाई युद्ध शुरू कर दिया था। हूती विद्रोही यमन की सरकार के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे हैं जबकि सऊदी अरब और उनके साथ देश यमन सरकार की मदद कर रहे हैं। ये देश यमन सरकार को सैन्य मदद पहुंचा रहे हैं। हूती विद्रोहियों का अभी भी राजधानी सना पर कब्जा है।