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बारिश की फुहारों से भीगा अजमेर, ठंड को बुलावा

पुष्कर में बुधवार सुबह बारिश के बाद सरोवर में आने लगा पानी
पुष्कर में बुधवार सुबह बारिश के बाद सरोवर में आने लगा पानी

अजमेर। राजस्थान में विदा हो चुके मानसून की रंगत फिर बिखरती लग रही है। पश्चिमी विक्षोभ अजमेर पर भी मेहरबान है, वहीं किसानों के चेहरों की रंगत फीकी कर दी है। माना जा रहा है कि इस बार हुई बारिश ठंड को जल्द बुला लेगी और धीरे धीरे तापमान में गिरावट होने लगेगी।

पाकिस्तान को आतंकवाद का प्रायोजक देश घोषित करने वाली याचिका ने बनाया रिकॉर्ड

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Pakistan declared a sponsor of terrorism, made a plea to the record
Pakistan declared a sponsor of terrorism, made a plea to the record

वॉशिंगटन। पाकिस्तान को आतंकवाद का प्रायोजक देश घोषित करने की मांग करने वाली याचिका को 50,000 से अधिक नए हस्ताक्षर मिल जाने से यह अमेरिका में अब तक की सबसे लोकप्रिय याचिका बन गई है। ‘हम लोग प्रशासन से पाकिस्तान को आतंकवाद का प्रायोजक देश एचआर 6069 घोषित करने की अपील करते हैं’ याचिका को 6,13,830 हस्ताक्षर मिले जिसे व्हाइट हाउस ने पुरालेख में दर्ज किया।

याचिका पर हस्ताक्षरों की संख्या कल दोपहर तक 51,939 नए हस्ताक्षरों के साथ 6,65,769 पहुंच गई। ऐसा माना जा रहा है कि यह अब तक की सबसे लोकप्रिय व्हाइट हाउस याचिका बन गई है। किसी भी व्हाइट हाउस याचिका ने अभी तक 3,50,000 का आंकड़ा पार नहीं किया है।

इस बारे में व्हाइट हाउस ने अभी तक कोई बयान नहीं दिया है। यह संभव है कि व्हाइट हाउस द्वारा याचिका बंद किए जाने से पहले किए गए इन हस्ताक्षरों को विधिवत सत्यापन के बाद अंतिम संख्या में शामिल किया गया था। ऐसा होने पर फर्जीवाड़ा किए जाने की आशंका कम हो जाती है।

याचिका ने ओबामा प्रशासन की प्रतिक्रिया हासिल करने के लिए एक लाख की संख्या की सीमा पार की ली है। व्हाइट हाउस की ओर से इस याचिका पर निर्धारित 60 दिनों के समय में आधिकारिक प्रतिक्रिया मिलने की उम्मीद है।

सेना ने सरकार को सौंपा सर्जिकल स्ट्राइक का वीडियो, मोदी लेंगे अंतिम फैसला

Surgical Strike Force assigned to the government's videos
Surgical Strike Force assigned to the government’s videos

नई दिल्ली। भारतीय सेना द्वारा POK में आतंकियों के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक को झूठा बता रहे पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक के बाद एक झटके लगते दिखाई दे रहे हैं। भारतीय सेना ने सर्जिकल स्ट्राइक का ड्रोन कैमरे से शूट किया गया एक 90 मिनट का वीडियो सरकार को सौंप दिया है।

सर्जिकल स्ट्राइक की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए जाने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) के साथ बैठक कर रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, पाक अधिकृत कश्मीर भारतीय सेना के सर्जिकल स्ट्राइक के सबूत पहले से रक्षा मंत्रालय के पास हैं। बुधवार की मीटिंग में इस बात पर चर्चा हुई कि इन सबूतों को सार्वजनिक किया जाए या नहीं।

सेना ने सरकार को सौंपा वीडियो

सर्जिकल स्ट्राइक के वीडियो जारी करने है या नहीं, इस पर सीसीएस मीटिंग में फैसला नहीं हो पाया। सेना ने सर्जिकल स्ट्राइक के सबूत और वीडियो रक्षा मंत्रालय को सौंप दिए थे और इस पर अंतिम फैसला अब प्रधानमंत्री मोदी और कैबिनेट को लेना है कि सर्जिकल स्ट्राइक के सबूत सार्वजनिक किए जाएं या नहीं।

चश्मदीदों ने कहा- ट्रक में लादकर ले जाए गए थे आतंकियों के शव

इंडियन एक्सप्रेस ने सर्जिकल स्ट्राइक से जुड़ा बड़ा खुलासा किया है। LoC के पास रहने वाले लोगों का दावा है कि 29 सितंबर की रात हुए हमले में मारे गए लोगों के शवों को भोर से पहले ही ट्रक में लादकर ले जाया गया और उन्हें दफन कर दिया गया। मारे गए लोगों का अंतिम संस्कार बड़े ही गुपचुप तरीके से किया गया।

एक चश्मदीद ने तो ये भी बताया कि ‘जिहादियों की पनाहगाहों को तबाह कर दिया गया। दोनों पक्षों के बीच भारी गोलीबारी भी हुई। जिहादियों की ये मेकशिफ्ट बिल्डिंग उनके इस पार आने से पहले अपने मुल्क की आखिरी पनाहगाह होती थी।’

चश्मदीदों के इस बयान से भारतीय सेना के दावे की पुष्टि होती है जिसमें उन्होंने आतंकी लॉन्च पैड के खिलाफ हमले किए जाने की बात कही थी। जबकि इससे पाकिस्तान के उस दावे की कली भी खुलती है जिसमें उन्होंने इससे इनकार करते हुए कहा था कि उनके सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर मोर्टार दागे गए हैं।

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शारापोवा पर बैन 2 साल से घटकर हुआ 15 महीने

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Sharapova ban was reduced from 15 months to 2 years
Sharapova ban was reduced from 15 months to 2 years

लुसाने (स्विट्जरलैंड)। दुनिया की सबसे बड़ी खेल अदालत ‘कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन फॉर स्पोर्ट’ (सीएएस) ने मंगलवार को रूस की टेनिस स्टार मारिया शारापोवा पर डोपिंग के कारण लगाए गए प्रतिबंध को कम कर दिया।

सीएएस ने प्रतिबंध के खिलाफ शारापोवा की याचिका पर सुनवाई करते हुए अंतर्राष्ट्रीय टेनिस महासंघ (आईटीएफ) के स्वतंत्र न्यायाधिकरण द्वारा लगाए गए दो वर्ष के प्रतिबंध को घटाकर 15 महीने कर दिया।

समाचार एजेंसी तास के मुताबिक, रूस टेनिस महासंघ (आरटीएफ) के अध्यक्ष शमिल तारपिश्चेव ने कहा कि शारापोवा अगले साल 26 अप्रैल तक टेनिस कोर्ट में लौट आएंगी। सीएएस की वेबसाइट पर फैसले की कॉपी मंगलवार को प्रसारित कर दी गई है।

उन्होंने कहा, “प्रतिबंध का कम हो जाना अच्छा है। चूंकि शारापोवा साफ सुथरी खिलाड़ी हैं इसलिए उन्होंने (सीएएस) हमारी अपील को माना।”

आरटीएफ अध्यक्ष ने कहा, “यह पूरी तरह उन पर निर्भर है कि क्या वह अपने खेल के पुराने स्तर के साथ वापसी कर पाती हैं या नहीं।” उन्होंने कहा कि हम हालांकि चाहते हैं कि वह राष्ट्रीय टीम के लिए खेलें और अगले ओलंपिक में पदक जीत कर आएं।

आईटीएफ ने आठ जून को डोपिंग की दोषी पाए जाने पर शारापोवा पर दो साल का प्रतिबंध लगाया था। रूसी खिलाड़ी ने इस प्रतिबंध के खिलाफ नौ जून को सीएएस में अपील दायर की थी। इस प्रतिबंध के कारण विश्व की पूर्व नंबर-1 खिलाड़ी रियो ओलंपिक-2016 में हिस्सा नहीं ले पाई थीं।

गौरतलब है कि पांच बार ग्रैंड स्लैम खिताब जीत चुकीं शारापोवा इसी साल ऑस्ट्रेलियन ओपन के दौरान मेल्डोनियम के सेवन की दोषी पाई गई थीं, जिसके बाद आईटीएफ ने उन पर प्रतिबंध लगाया था। हालांकि सीएएस ने अपने फैसले में स्पष्ट कर दिया है कि शारापोवा पर 15 महीने का प्रतिबंध लागू होगा, जो 26 जनवरी, 2016 से माना जाएगा।

सीएएस ने 26 जनवरी, 2016 को शारापोवा द्वारा अर्जित किसी तरह की जीत या वर्ल्ड रैंकिंग से उन्हें वंचित रखने का फैसला किया है। शारापोवा को उम्मीद थी कि आईटीएफ उनके प्रतिबंध को लेकर कोई समाधान निकालेगा।

सीएएस का फैसला आने के बाद शारापोवा ने अपने फेसबुक पर लिखा, “मैंने शुरुआत से ही यह जिम्मेदारी ली थी कि मैंने पिछले 10 सालों से उस पदार्थ का सेवन किया है जिसे अब प्रतिबंधित कर दिया गया है।”

उन्होंने लिखा है, “लेकिन मुझे यह भी पता चला कि अन्य महासंघ कितने अच्छे तरीके से अपने खिलाड़ियों को नियमों में बदलाव के बारे में बताते हैं, खासकर पूर्वी यूरोप में जहां मिलड्रोनेट लाखों लोगों द्वारा उपयोग में लिया जाता है।”

शारापोवा ने लिखा, “अब यह प्रक्रिया खत्म हो चुकी है। मुझे उम्मीद है कि आईटीएफ और टेनिस की अन्य डोपिंग रोधी संस्थाएं अन्य महासंघों से सबक लेंगी, ताकि किसी और टेनिस खिलाड़ी को इन सब चीजों से न गुजरना पड़े जिससे मैं गुजरी।”

गौरतलब है कि मेल्डोनियम को वाडा ने एक जनवरी 2016 को अपने प्रतिबंधित पदार्थों की सूची में शामिल किया था।

कानपुर में सशस्त्र लुटेरों ने की तीन ट्रेनों में लूटपाट

Kanpur : Armed robbers loot passengers in three trains
Kanpur : Armed robbers loot passengers in three trains

कानपुर। कानपुर के आउटर पर मंगलवार देर रात महज आधे से एक घंटे के अंतराल में हथियारबंद बदमाशों ने दो सुपरफास्ट ट्रेनों समेत तीन ट्रेनों को अपना निशाना बना कर उनमें लूटपाट की।