
नई दिल्ली। जेएनयू में 9 फरवरी को कथित राष्ट्र विरोधी नारे लगाने के आरोपी पांच छात्रों को पकडऩे के लिए दिल्ली पुलिस कैम्पस के अंदर नहीं जाएगी। सूत्रों के अनुसार यह आरोपी बाहर आएंगे और पुलिस उन्हें वहीं से ले जाएगी।

नई दिल्ली। जेएनयू में 9 फरवरी को कथित राष्ट्र विरोधी नारे लगाने के आरोपी पांच छात्रों को पकडऩे के लिए दिल्ली पुलिस कैम्पस के अंदर नहीं जाएगी। सूत्रों के अनुसार यह आरोपी बाहर आएंगे और पुलिस उन्हें वहीं से ले जाएगी।

नई दिल्ली। मोबाइल मार्केट में आपको 4जीबी रैम के स्मार्टफोन सहजता से मिल जाते हैं। चाइना की एक विनिर्मान कंपनी विवो भी अब इस रेस में अपने एक्सप्ले5 हैंडसेट के साथ प्रतिस्पर्धा में आ रही है।

नई दिल्ली। बार्सिलोना में आयोजित मोबाइल वर्ल्ड कांग्रेस 2016 के केप्री इवेंट में सैमसंग ने अपना नया स्मार्टफोन गैलेक्सी S7 लांच किया। सैमसंग ने इस स्मार्टफोन को दो मॉडल में उतारा है। एक हैं- सैमसंग गैलेक्सी S7 और दूसरा सैमसंग गैलेक्सी S7 edge।

भरतपुर। हरियाणा में हिंसक हुए जाट आरक्षण का असर राजस्थान के भरतपुर में भी नजर आने लगा है। उग्र होते जाट आंदोलन को देखते हुए सोमवार को जिला प्रशासन ने भरतपुर जिले में धारा 144 लगा दी।

भोपाल। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद नंदकुमार सिंह चौहान ने कांग्रेस द्वारा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ कार्यालयों पर राष्ट्रीय ध्वज फहराए जाने को महज राजनीतिक स्टंट करार दिया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस देशभक्ति के नाम पर नौटंकी कर रही है जो कि निंदनीय है।
दिल्ली के जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी में देशद्रोही नारेबाजी के बाद राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को लेकर सवालों के बीच कांग्रेस प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरुण यादव कार्यकर्ता सोमवार को तिरंगा फहराने संघ के दफ्तर पहुंचे। खास बात यह रही कि इंदौर शहर के संघ कार्यालय में इस दौरान संघ के स्वयंसेवकों ने कांग्रेस नेताओं का न सिर्फ स्वागत किया बल्कि चाय-नश्ता भी करवाया।, उससे कांग्रेस के विरोध की हवा निकल गई।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने अपनी राष्ट्रभक्ति के अतिरेक में राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ कार्यालय पर राष्ट्रीय ध्वज फहराकर क्षरित होती देशभक्ति की पुर्नस्थापना का जो दांव चला था, राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ ने अपनी स्वाभाविक सदाष्यता ‘अतिथि देवो भव:’ की भावना से कांग्रेसियों का स्वागत और जलपान प्रस्तुत करके कांग्रेस की सोची-समझी साजिश विफल कर दिया है।
केन्द्रीय सत्ता के शिखर पर रहते कांगे्रस ने न तो श्रीनगर के लाल चौक पर ध्वज फराहने का साहस दिखाया और न ही राष्ट्रीय ध्वज की गरिमा के सरंक्षण के लिए साहस दिखाया है और देश में ही गलत परंपराएं आरंभ करने में या तो मदद की अथवा गलत परंपराओं को बर्दाश्त किया। पश्चिमोत्तर सीमा प्रदेश में राष्ट्रीय ध्वज के प्रति इकबाल बुलंद करने में हमेशा कांग्रेस विफल रही। यह श्रेय भाजपा ने हासिल किया है।
नंदकुमार सिंह चौहान ने कहा कि कांग्रेस को नौटंकियां करके देश भक्ति का प्रदर्शन करने के बजाय राष्ट्र के प्रति समर्पण और राष्ट्रीय ध्वज की महिमा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दिखाने की मंशा साबित करना चाहिए। कांग्रेस के नेता जिस तरह राष्ट्रीय ध्वज को लेकर राजनीति कर रहे हैं, वह निंदा योग्य है।
आखिर संविधान में सुरक्षित अभिव्यक्ति की आजादी को मखौल बनाकर कांग्रेस ने राष्ट्र के प्रति कौन सा समर्पण दिखाया। जेएनयू में जो हुआ और कांग्रेस उपाध्यक्ष ने उसकी सर परस्ती करके कांगे्रस का असली चरित्र उजागर कर दिया है। राष्ट्रीय प्रतिबद्धता में अपनी सांस्कृतिक निरक्षता के दोष से कांग्रेस मुक्त नहीं है।