
जब हम सुबह सुबह घर से काम के सिलसिले में बाहर निकलते हैं। तो हमको रेलवे स्टेशन,बस स्टेण्ड या बाजार में अल्लाह के नाम पर दे दे बाबा जैसा शब्द सुनाई देता हैं जब उधर नजर दौडाते है तब हमको कुछ भिखारी डब्बे, बर्तन जैसे कटोरा लिए यह वाक्य बार-बार दोहराते हैं। उसमे बच्चे, बूढ़े, नौजवान, विकलांग शामिल होते हैं ।