बांसवाड़ा/देहरादून। राजस्थान राज्य में अपहरण और लूट की घटना को अंजाम देकर 12 वर्ष से फरार चल रहा एक शातिर अपराधी को उत्तराखंड के देहरादून से विशेष कार्य बल (एसटीएफ) ने गिरफ्तार किया है। वह यहां पहचान बदलकर सुरक्षा गार्ड की नौकरी कर रहा था।
एसटीएफ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अजय सिंह ने गुरुवार को बताया कि स्थानीय एक सुरक्षा एजेंसी में गार्ड की नौकरी करने वाला देहरादून के 16/18 न्यू वसंत विहार में रहने वाले देवेश मौर्या पर राजस्थान राज्य के बांसवाड़ा में मुकदमा संख्या 88/14 भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 392, 365 पंजीकृत होने की सूचना मिली।
यह भी पता चला कि उक्त अभियुक्त घटना के बाद से ही वर्ष 2014 से फरार चल रहा है तथा उस पर राजस्थान पुलिस द्वारा 20,000 रुपए का इनाम घोषित किया गया है। जिसकी तलाश को राजस्थान पुलिस द्वारा विगत कई वर्षों से लगातार दबिशे दी जा रही थी, परंतु गिरफ्तारी नहीं हो पा रही थी।
सिंह ने बताया कि गोपनीय सूचना पर आज सुबह इस इनामी अभियुक्त को थाना कैंट क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया है। तत्पश्चात आवश्यक वैधानिक कार्यवाही के उपरांत उसे राजस्थान पुलिस के सुपुर्द किया गया।
उन्होंने बताया कि अभियुक्त ने वर्ष 2014 में अपने साथी के साथ मिलकर बांसवाड़ा में एक व्यक्ति को एलआईसी एजेंट के नाम से फोन कर बुलाया। इसके पश्चात रिवॉल्वर दिखाकर उसे उसी के वाहन में अपहरण कर लूट की घटना को अंजाम दिया और फरार हो गए थे।



