कांग्रेस के समक्ष सबसे बड़ी चुनौती केन्द्र में बैठी सत्ता संविधान का पालन नहीं कर रही : गोविन्द सिंह डोटासरा

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ब्यावर। राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा ने संगठन की मजबूती पार्टी के लिए आवश्यक बताते हुए कहा है कि वर्तमान में कांग्रेस संगठन के समक्ष सबसे बड़ी चुनौती है कि केन्द्र में बैठी हुई सत्ता संविधान का पालन नहीं कर रही है और कांग्रेस कार्यकर्ताओं को संविधान को बचाने के लिए संघर्ष करना आवश्यक हो गया है।

डोटासरा कांग्रेस के प्रदेशभर में चलाते जा रहे संगठन बढ़ाओ-लोकतंत्र बचाओ अभियान के तहत गुरुवार को ब्यावर जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा आयोजित जनसभा को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर ने देश में संविधान देकर सबको समानता का अधिकार दिया था और वोट का अधिकार देकर जनप्रतिनिधि चुनने का भी अधिकार दिया था जिसे भाजपा द्वारा छीना जाकर लोकतंत्र पर प्रहार किया जा रहा है। बाबा साहेब के संविधान में दलितों को, पिछड़ों को, आदिवासियों को उन्नति के अवसर प्रदान करने के लिए आरक्षण दिया गया, किन्तु संविधान को कुचला जा रहा है, लोगों के अधिकार छीने जा रहे हैं।

डोटासरा ने कहा कि विडम्बना और दुर्भाग्य है कि जिस पंचायती राज की स्थापना 1959 में पं. जवाहर लाल नेहरू ने राजस्थान में की थी उसके चुनाव भी भाजपा की सरकार नहीं करवाकर लोकतंत्र पर प्रहार कर रही है। पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गॉंधी ने संविधान में 73वां एवं 74वां संशोधन करके पंचायती राज संस्थाओं एवं नगर निकायों के चुनाव पांच वर्ष में कराने का प्रावधान किया, 33 प्रतिशत महिलाओं को आरक्षण दिया गया, संविधान के अनुच्छेद 243ई तथा 243यू में स्पष्ट प्रावधान है कि जिस प्रकार संसद एवं विधानसभा के चुनाव अनिवार्य है उसी प्रकार वर्ष 1993 के पश्चात् नगर निकाय एवं पंचायत राज संस्थाओं के चुनाव भी पांच वर्ष में करवाना अनिवार्य है।

केवल पिछली बार कोरोना महामारी होने के कारण वैश्विक स्तर पर जारी गाईड लाईन की पांच आदमी भी एक जगह इकट्ठे नहीं हो सकते थे, ऐसी परिस्थिति में ही केवल चुनाव आगे बढ़े थे, जिसके लिये कांग्रेस तत्कालीन सरकार ने उच्चतम न्यायालय से इजाजत ली थी, अन्यथा सभी चुनाव समय पर सम्पन्न हुये। दु:ख का विषय है कि राजस्थान की भाजपा सरकार बिना कारण पंचायती राज संस्थाओं एवं नगर निकायों का कार्यकाल समाप्त होने के बावजूद समय पर चुनाव नहीं करवा रही है।

उन्होंने कहा कि वास्तविकता यह है कि राजस्थान की भाजपा सरकार केवल इसलिए चुनाव नहीं करवाना चाहती है कि चुनाव हो गये तो प्रदेश में इन चुनावों में भाजपा की बुरी तरह हार हो जाएगी। डोटासरा ने कहा कि सभी कांग्रेस नेता एवं कार्यकर्ता खेतों में किसानों के बीच जाए, गरीबों की बस्तियों में जाए, छोटे व्यापारियों के पास जाएं और जिस व्यक्ति के साथ अन्याय और अत्याचार हो रहा है, उस व्यक्ति के साथ खड़े होकर उसके हक, अधिकारों एवं तकलीफों को दूर करने के लिए मजबूती से उसका साथ दें। कांग्रेस नेता एवं कार्यकर्ता आमजनता के बीच रहकर उनकी दु:ख-तकलीफों को दूर करने के लिए कार्य करेंगे तो 2028 में निश्चित रूप से भाजपा के कुशासन से जनता को मुक्ति मिलेगी तथा कांग्रेस की सरकार बनने से कोई नहीं रोक सकेगा।

उन्होंने कहा कि राजस्थान की सरकार प्रदेश के विकास के लिए कोई कार्य नहीं कर रही है, कांग्रेस शासन में मुख्यमंत्री चिरंजीवी योजना जैसी बहुत सारी फ्लैगशिप योजनायें लागू हुई थी लेकिन भाजपा सरकार के शासन में एक भी फ्लैगशिप योजना लागू नहीं हुई है। कांग्रेस समाज के सभी वर्गो को साथ लेकर उनके विकास और उत्थान के लिए कार्य करती है, कांग्रेस के नेताओं एवं कार्यकर्ताओं को एकजुटता के साथ कार्य करना होगा। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भी जनसभा को संबोधित किया।