बालोतरा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 21 अप्रैल को राजस्थान के बालोतरा जिले में स्थित पचपदरा रिफाइनरी (एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी) का उद्घाटन करेंगे ।इसकी तैयारियां जोरशोर से की जा रही है और अंतिम चरण में हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार इस अवसर पर मोदी जनसभा को भी संबोधित करेंगे और इसके लिए बड़ा पंडाल तैयार किया गया जिसमें करीब दो लाख लोगों के बैठने की व्यवस्था की गई है। बालोतरा जिला प्रभारी एवं पशुपालन मंत्री जोराराम कुमावत रिफाइनरी कार्यक्रम स्थल का दौरा कर चुके हैं और उन्होंने वहां निरीक्षण कर विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लेकर संबंधित अधिकारियों को सभी कार्यों को समय से पूर्व पूर्ण करने के निर्देश दिए।
इससे पहले मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने उभी पचपदरा में रिफाइनरी का दौरा कर लोकार्पण कार्यक्रम की तैयारियों का जायजा लेकर अधिकारियों को सुरक्षा, पार्किंग और सभा स्थल की पुख्ता व्यवस्था करने के निर्देश दिए थे।
जनसभा के लिए तैयार पांडाल में करीब 36 ब्लाक बनाए गए हैं जिसमें बैठने के लिए कुर्सियां लगाई गई हैं वहीं गर्मी के मद्देनजर सैकड़ों की संख्या में कूलर एवं पंखे लगाये गये हैं। पर्याप्त छाया और पेयजल की व्यवस्था की गई हैं। इसके अलावा सौ से अधिक लाउडस्पीकर भी लगाए गए ताकि दूर तक बैठे लोगों को भी अच्छी तरह सुनाई दे सके।
पंडाल के अंदर और बाहर बड़ी एलईडी स्क्रीन भी लगाई गई है ताकि दूर बैठे लोग भी कार्यक्रम का सीधा प्रसारण देख सकें। कार्यक्रम में आने वाले लोगों की सुविधा के लिए पार्किंग व्यवस्था की गई हैं इसके लिए नौ बड़े पार्किंग स्थल बनाए गए हैं। इन पार्किंग स्थलों पर दस हजार से अधिक कारों और चार हजार से अधिक बसों के लिए अलग-अलग व्यवस्था की गई है। इसी तरह दुपहिया वाहनों सहित अन्य वाहनों के लिए भी व्यवस्था की गई है।
भाजपा नेता भूपेन्द्र सैनी के एक लाख मातृ शक्ति (महिला) प्रधानमंत्री का स्वागत करेगी। जनसभा में बड़ी संख्या में लोगों को लाने के लिए भाजपा की कई स्तर पर बैठकें और टीमें लगी हुई हैं और पार्टी के सभी मोर्चे तैयारी में लगे हैं। उन्होंने दावा किया जनसभा में करीब तीन लाख लोगों के पहुंचने की उम्मीद है।
उल्लेखनीय है कि एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी लिमिटेड (एचआरआरएल) को हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) और राजस्थान सरकार के बीच एक संयुक्त उद्यम के रूप में गठित किया गया था, जिसमें 74 प्रतिशत एचपीसीएल और 26 प्रतिशत भागीदारी राज्य सरकार की है। रिफाइनरी की नौ मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष (एमएमटीपीए) क्षमता है, जिसमें 2.4 एमएमटीपीए पेट्रोकेमिकल उत्पाद शामिल हैं।
राजस्थान रिफाइनरी परियोजना में आयातित कच्चे तेल (7.5 एमएमटीपीए) के साथ-साथ राजस्थान कच्चे तेल (1.5 एमएमटीपीए) को भी संसाधित किया जायेगा। प्रदेश में कांग्रेस की अशोक गहलोत सरकार के समय पचपदरा रिफाइनरी का शिलान्यास पहली बार 22 सितंबर 2013 को हुआ और इस प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत करीब 37 हजार 230 करोड़ थी।
सत्ता परिवर्तन के बाद रिफाइनरी की शर्तों में बदलाव के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 16 जनवरी 2018 को इसके कार्य का औपचारिक शुभारंभ किया। उस समय इसकी लागत बढ़कर 43 हजार 129 करोड़ रुपए हो गई थी। पचपदरा रिफाइनरी देश की सबसे आधुनिक बीएस-6 मानक की रिफाइनरी है। यहां रिफाइनरी और पेट्रोकेमिकल प्लांट एक साथ विकसित किए गए हैं।



