राममय माहौल के बीच श्रीराम नाम महामंत्र परिक्रमा का विश्राम

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श्रीराम प्राण प्रतिष्ठा के साक्षी बने राम भक्त
9 दिवसीय आयोजन में 3 तीन लाख श्रद्धालुओं ने की शिरकत
अजमेर। श्रीरामलला केे भव्य मंदिर में विराजित होने के साथ ही यहां 100 अरब हस्तलिखित श्रीराम नाम महामंत्रों की परिक्रमा का स्थल जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा। अयोध्या से प्राण प्रतिष्ठा समारोह का लाइव प्रसारण देख रहे लोगों ने भगवान के आगमन की खुशी में दोनों हाथ उपर उठाकर खुशी का इजहार किया। सुबह 11 बजे से अपराहन 3 बजे तक सभी रामभक्त देश के गौरवशाली क्षण के साक्षी बने। परिक्रमा विश्राम का दिन होने से हर कोई राम नाम महामंत्रों के साक्षत दर्शन को आतुर रहा। देर रात तक परिक्रमा का सिलसिला चला।

श्रीराम प्राण प्रतिष्ठा पूर्ण होते ही आजाद पार्क की अयोध्या नगरी जय श्रीराम के उदघोष से गूंज उठी। अजमेर के सुप्रसिद्ध राजस्थान बैंड ने मधुर ध्वनि बिखेरी। आनंद विभोर हुए रामभक्तों के कदम थिरक उठे। मातृशक्ति ने मंगलगान गाए। मिठाई वितरण हुआ। भगवान राम के आगमन के साक्षी बनकर धर्मप्रेमी निहाल हुए।

राम आगमन लंबी संघर्षपूर्ण यात्रा का गौरवमयी अंत : देवनानी

समापन समारोह के मुख्य अतिथि विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने इस अवसर पर कहा कि 500 साल से भी लंबी संघर्षपूर्ण यात्रा का गौरवमयी अंत हुआ और हमारे आराध्य श्रीरामलला भव्य मंदिर में विराजित हुए हैं। राम हम सभी के हैं, श्रीराम आदर्श की प्रतिमूर्ति हैं। भगवान राम के त्यागपूर्ण जीवन हमारे लिए मिसाल है। राम हमारे मन ही नहीं बल्कि रोम रोम में समाए हैं। राम को अपने आचरण और व्यवहार में उतारें।


उन्होंने कहा कि यहां राम नाम महामंत्रों की परिक्रमा कर अविभूत हुआ हूं। राम की महिमा अपरंपार है। राम भारत की सांस्कृतिक चेतना के साथ सनातनियों के प्राण हैं। हम इस महान संस्कृति के वाहक बने। संतों के मार्गदर्शन और आशीर्वाद से धर्मपथ पर बढते रहें।

मसानिया भैरव धाम राजगढ के उपासक चंपालालजी महाराज ने कहा कि आज के शुभ दिन पर 100 अरब हस्तलिखित राम नामों का अशीर्वाद मिलना श्रीराम की कृपा से संभव हुआ है। हर तरफ राम ही राम हैं। लोग उल्लस से लबरेज हैं।

दिव्य जागृति ज्योति संस्थान की साध्वी लोकेशा भारती ने आशीर्वचन में शिव पार्वती प्रसंग के जरिए राम के विभिन्न रूपों से अवगत कराते हुए कहा कि राम प्रकाश के सागर हैं। हम मन को अयोध्या बनाएं ताकि राम उसमें आकर बस जाएं।

शांतानंद उदासीन आश्रम पुष्कर के महंत हनुमानराम ने कहा कि यहां 9 दिन तक चली परिक्रमा अश्वमेघ यज्ञ के समान है। परिक्रमा करने और आयोजन करने वालों को साधुवाद। उन्होंने कहा कि हमारे अंदर भी राम आएं वह भक्ति् का श्रेष्ठ दिन होगा। राम अपने शरणागत आने वाले को सदैव सुख प्रदान करते हैं। राम कृपालु हैं।

अध्यक्षता करते हुए नगर निगम मेयर ब्रजलता हाडा ने कहा कि परिक्रमा आयोजन से यह धरा पवित्र हो गई। उन्होंने आयोजकों को भरोसा दिलाया कि वे परिक्रमा स्थल को धार्मिक व सामाजिक आयोजन के लिए आरक्षित कराने का पूरा प्रयास करेंगी।

हर तरफ राम ही राम

इस देवमयी आनंद को उस समय उंचाईयों मिल गई जब राम बनों प्रतियोगी में भाग लेने वाले बालक और बालिकाएं साक्षात भगवान का रूप धारण कर सबके बीच में आए। हर तरफ राम ही राम देख लोग अचंभित हो गए। राम बने नन्हें बच्चों ने श्रीराम नाम महामंत्रों की परिक्रमा लगाई। रामदरबार बनकर आए प्रतिभागियों ने सबका मन मोह लिया। करीब 50 बच्चों ने प्रतियोगिता में भाग लिया। सभी को पारितोषिक प्रदान किया गया।

सुंरदरकांड से राममयी हुआ परिक्रमा स्थल

सुबह 8 बजेे से 10 बजे तक श्रीराम राज्य मंडल के राजू ओझा के नेतृत्व में ओमप्रकाश ओझा, लवी ओझा, पदमा, रश्मि प्रकाश राजपुरोहित, प्रणब ओझा, नवीन, दिनेश्वर, विक्की ने संगीतमय सुंदरकांड की प्रस्तुति दी। इस दौरान परिक्रमा स्थल का माहौल राममयी हो गया। इस मौके पर सत्यनारायण भंसाली, अशोक टांक, संपत सांखला, रामस्वरूप कुडी, अलका गौड, अभिलाषा यादव, वनिता जैमन, शैलेन्द्र शर्मा, शिवरतन वैष्णव समेत बडी संख्या में गणमान्यजन मौजूद रहे।

परिक्रमा विश्राम की महाआरती में जुटे रामभक्त

महाआरती आरती में संत, अतिथियों, यजमानों राकेश डीडवानिया, अरुणा गुप्ता, गौरांग किशनानी, रवि मूरजानी समेत कई गणमान्यजनों ने लाभ लिया। परिक्रमा विश्राम के दिन रामभक्त व्याकुल नजर आए। नौ दिन तक चले भ​क्तिपूर्ण वातावरण में आत्मसात हुए श्रद्धालुओं के अश्रु छलक आए।