जयपुर। राजस्थान की राजधानी जयपुर में भ्रूण लिंग परीक्षण में लिप्त बड़े गिरोह का पर्दाफाश कर एक चिकित्सक सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है जबकि एक आरोपी फरार हो गया।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अतिरिक्त मिशन निदेशक डॉ. टी शुभमंगला ने बताया कि जयपुर एवं आसपास के जिलों में कुछ गिरोह पोर्टेबल सोनोग्राफी मशीन से भ्रूण लिंग परीक्षण कार्य में लिप्त होने की सूचना पर एक डिकॉय टीम गठित की गई।
टीम ने भ्रूण लिंग परीक्षण के लिए कुबेर हेल्थ केयर के डॉ. शेर सिंह राजावत से संपर्क साधा। राजावत ने गर्भवती डिकॉय महिला को केसर चौराहा, सांगानेर स्थित कुबेर हेल्थ केयर में बुलवाया। इसी केन्द्र पर आरोपी डॉक्टर राजावत ने गर्भवती महिला से भ्रूण लिंग जांच के लिए 80 हजार रुपए लिए और दूसरे आरोपी जगबीर के साथ गर्भवती महिला को हेल्थ केयर सेंटर से चौरड़िया पेट्रोल पंप के पास भेजा।
यहां तीसरा एवं मुख्य आरोपी हरी कुमावत ने अपनी सेंट्रो गाड़ी में गर्भवती महिला को साथ बिठाकर मयूर रेजिडेंसी स्थित फ्लैट नंबर 16 में ले गया जहां गर्भवती महिला की पोर्टेबल सोनोग्राफी मशीन से सोनोग्राफी कर गर्भ में लड़की होना बताया गया।
गर्भवती महिला ने मौका मिलते ही टीम को सूचना दी और टीम ने फ्लैट में दबिश दी। यहां गर्भवती महिला के साथ महिला आरोपी शिला देवी भी मिली। उसने पूछताछ में बताया कि आरोपी हरी कुमावत यहां महिलाओं को लाकर भ्रूण लिंग जांच करता है।
ऐसे में टीम ने तीनों आरोपियों हरी कुमावत (41) निवासी गांव आंतेला जिला कोटपूतली, शिला देवी (50) निवासी हनुमानपुरा जिला झुंझुनूं एवं कुबेर हेल्थ केयर के डॉ. राजावत निवासी बड़ागांव जिला दौसा को गिरफ्तार कर लिया जबकि आरोपी जगबीर फरार हो गया जिसकी तलाश जारी है। तीनों आरोपियों से पूछताछ में जानकारी मिली कि डॉ. राजावत शातिर किस्म का अपराधी है और वह गर्भवती महिलाओं को भ्रूण लिंग जांच के लिए प्रेरित कर अवैध पोर्टेबल सोनोग्राफी मशीन से जांच करता है।
पीसीपीएनडीटी के परियोजना निदेशक डॉ. राकेश मीणा ने बताया कि भ्रूण लिंग परीक्षण में शामिल मुख्य आरोपी हरी कुमावत आदतन अपराधी है। इसके खिलाफ पहले से पीसीपीएनडीटी अधिनियम के तहत दो एफआईआर दर्ज हैं। इस बार पोर्टेबल मशीन के चलते बेहद शातिराना अंदाज में भ्रूण लिंग परीक्षण में जुटा था। पूछताछ में सामने आया कि मुख्य आरोपी हरी कुमावत केवल दसवीं पास है और वह पोर्टेबल सोनोग्राफी मशीन के जरिए हजारों रुपए लेकर भ्रूण लिंग जांच करता है।
इसी तरह दूसरी महिला आरोपी भी कम पढ़ी लिखी है, लेकिन वह भी नर्सिंग कार्य से जुड़कर महिलाओं को हरी कुमावत के पास भेजती थी। इसी तरह तीसरा आरोपी भी इस कार्य में लिप्त था। वहीं डॉक्टर ने जो डिग्री टीम को दी है, उसकी भी जांच करवाई जा रही है। डॉक्टर इस गिरोह को चलाने का भी आरोपी है।



