तिरुवल्लूर में अमोनिया गैस रिसाव से मरने वालों की संख्या बढ़कर 5 हुई, 67 प्रभावित अस्पतालों में भर्ती

0

चेन्नई। तमिलनाडु के तिरुवल्लूर जिले में पेरियापालयम के पास एक समुद्री खाद्य प्रसंस्करण और निर्यात केंद्र में रविवार को हुए अमोनिया गैस रिसाव हादसे में मृतकों की संख्या सोमवार को बढ़कर पांच हो गई। इस दुर्घटना से बीमार हुए 67 श्रमिकों का सरकारी और निजी अस्पतालों में इलाज चल रहा है, जिनमें से कई वेंटिलेटर और ऑक्सीजन सपोर्ट पर हैं।

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के ताजा बुलेटिन में बताया गया है कि कन्निगैपेयर-मंजंकरणै क्षेत्र स्थित इस केंद्र में हुए रिसाव से कुल 74 लोग प्रभावित हुए थे। बुलेटिन के अनुसार रविवार रात आठ बजे तक दो लोगों की मौत होने की सूचना मिली थी, जबकि आज सुबह सात बजे तक तीन और लोगों की मौत हो गई। इससे मरने वालों की संख्या बढ़कर पांच हो गई है। बुलेटिन में यह भी कहा गया है कि दो लोगों को उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी भी दी जा चुकी है।

इलाज करा रहे 67 मरीजों में से 29 को वेल्स मेडिकल कॉलेज अस्पताल (आठ वेंटिलेटर सपोर्ट पर, 11 ऑक्सीजन सपोर्ट के साथ आईसीयू में और 10 मरीज की हालत स्थिर), 18 को वेंकटेश्वर मेडिकल कॉलेज अस्पताल (आठ वेंटिलेटर सपोर्ट पर और 10 की हालत स्थिर), 10 को सरकारी स्टैनली मेडिकल कॉलेज अस्पताल (पांच वेंटिलेटर पर, एक एनआईवी पर और चार की हालत स्थिर) और 10 (सभी वेंटिलेटर सपोर्ट पर) को राजीव गांधी सरकारी सामान्य अस्पताल में भर्ती कराया गया है। ये सभी गहन निगरानी में हैं।

विभाग के मुताबिक, गैस के संपर्क में आने वाले लोगों में सांस लेने में परेशानी, आंखों और सांस लेने में गंभीर परेशानी तथा सांस नली में जलन, खांसी, सीने में बेचैनी जैसे लक्षण देखे गए हैं। यह दुर्घटना नियमित औद्योगिक कामकाज के दौरान हुई। इस कारण वहां मौजूद श्रमिक गैस की चपेट में आ गए।

घटना पर काबू पाने और प्रभावित लोगों को समय पर सहायता सुनिश्चित करने के लिए आपातकालीन चिकित्सा राहत दल, जिला प्रशासन के अधिकारियों, पुलिसकर्मियों, अग्निशमन और बचाव सेवाओं और सार्वजनिक स्वास्थ्य अधिकारियों को तुरंत तैनात किया गया था।

बुलेटिन में कहा गया है कि प्रभावित श्रमिकों में मुख्य रूप से अमोनिया सांस के जरिये शरीर में जाने के लक्षण दिखाई दिए। इनमें सांस फूलना, आंखों और श्वसन तंत्र में जलन, खांसी, सीने में तकलीफ और अलग-अलग स्तर की श्वसन संबंधी परेशानियां शामिल हैं।बुलेटिन में कहा गया है कि सक्षम अधिकारी इस घटना के सटीक कारणों की जांच कर रहे हैं। विभाग ने औद्योगिक सुरक्षा प्रणालियों, आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रोटोकॉल की समीक्षा करने और जिले में इस तरह के अन्य केंद्रों का सुरक्षा ऑडिट करने की भी मांग की है।