60000 टन से अधिक एलपीजी लेकर भारत आ रहे दो टैंकरों ने होर्मुज को सुरक्षित पार किया : सरकार

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नई दिल्ली। पश्चिम एशिया संकट के कारण देश में ऊर्जा आपूर्ति प्रभावति होने के बीच 60 हजार टन से अधिक एलपीजी लेकर भारत आ रहे दो टैंकरों ने होर्मुज जलडमरूमध्य को सुरक्षित पार कर लिया है और इनके अगले कुछ दिनों में भारत पहुंचने की संभावना है।

बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव मुकेश मंगल ने गुरुवार को यहां संवाददाता सम्मेलन में पश्चिम एशिया संकट के बारे जानकारी देते हुए कहा कि भारत के लिए एलपीजी लेकर आ रहे दो बड़े जहाजों एसवाईएमआई और एनवी सनशाइन ने सुरक्षित रूप से हार्मुज की खाड़ी को पार कर लिया है।

उन्होंने कहा कि एसवाईएमआई मार्शल आइलैंड के ध्वज वाला एलपीजी कैरियर, 19,965 टन एलपीजी लेकर आ रहा है। कुल 21 विदेशी नाविकों के साथ इसने बुधवार को हार्मुज को सुरक्षित पार लिया और इसके 16 मई को कांडला पहुंचने की संभावना है। दूसरा टैंकर एनवी सनशाइन वियतनाम का है और यह 46,427 टन एलपीजी लेकर आ रहा है। इस पर 24 विदेशी नाविक हैं। इसने आज ही हार्मुज की खाड़ी पार की है और इसके 18 मई को न्यू मंगलोर पहुंचने की संभावना है।

उन्होंने कहा कि एमएसवी हाजी अली जो एक भारतीय ध्वज वाली यांत्रिक नौका है उसमें सोमालिया से शारजाह जाते हुए बुधवार को ओमान के जल क्षेत्र में आग लग गयी जिससे यह डूब गई। इस पर सवार सभी 14 नाविकों को ओमानी कोस्ट गार्ड ने सुरक्षित बचाया और वे अब डिब्बा पोर्ट, ओमान में सुरक्षित हैं। स्थानीय अधिकारियों के साथ सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं। सरकार ओमान के अधिकारियों, भारतीय मिशन और संबंधित समुद्री एजेंसियों के साथ इस मामले में निकट समन्वय बनाए हुए है।

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय में संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा कि पश्चिम एशिया संकट शुरू हुए लगभग 75 दिन हो चुके हैं, और इसके कारण भारत में कच्चे तेल, एलपीजी और एलएनजी के आयात पर असर पड़ा है। उन्होंने कहा कि सरकार ने कई प्रभावी कदम उठाए हैं, जिसके चलते देश में पेट्रोल, डीज़ल, एलपीजी और प्राकृतिक गैस के पर्याप्त भंडार मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि देश की रिफाइनरी अपनी अधिकतम क्षमता पर काम कर रही हैं, और एलपीजी उत्पादन में भी वृद्धि हुई है।

उन्होंने कहा कि पिछले तीन दिन में लगभग 1.39 करोड़ एलपीजी सिलेंडर वितरित किए गए। सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों ने 5 किलो एफटीएल सिलेंडरों के लिए 11,870 से अधिक जागरूकता शिविर आयोजित किए। इन शिविरों में अब तक 2.10 लाख से अधिक 5 किलो एफटीएल सिलेंडर बेचे जा चुके हैं। ये शिविर 3 अप्रैल से आयोजित किए जा रहे हैं।

पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) कनेक्शनों के क्षेत्र में भी प्रगति हो रही है और मार्च से अब तक लगभग 7.03 लाख पीएनजी कनेक्शन गैसिफ़ाई किए गए हैं और अतिरिक्त 2.72 लाख कनेक्शनों के लिए आधारभूत संरचना बनाई जा चुकी है। नए कनेक्शन के लिए लगभग 7.49 लाख ग्राहकों ने पंजीकरण कराया है।