पुष्कर। विवेकानंद केंद्र कन्याकुमारी राजस्थान प्रांत के प्रांत प्रमुख भगवान सिंह ने अपने पुष्कर प्रवास के दौरान स्थानीय योग वर्ग एवं कार्यस्थल का दौरा कर योग वर्ग के कार्यकर्ताओं एवं साधकों के साथ एक आत्मीय, प्रेरणादायक एवं विचारोत्तेजक बैठक में सहभागिता की। इस अवसर पर विवेकानंद केंद्र कन्याकुमारी राजस्थान प्रांत के कार्यपद्धति प्रमुख डॉ. स्वतंत्र शर्मा भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
बैठक को संबोधित करते हुए भगवान सिंह ने सफलता और सार्थकता विषय पर विस्तार से अपने विचार रखते हुए कहा कि जीवन में केवल व्यक्तिगत उपलब्धियां प्राप्त कर लेना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन उपलब्धियों को समाज, राष्ट्र और मानवता के कल्याण के लिए समर्पित करना ही जीवन की वास्तविक सार्थकता है।
उन्होंने कहा कि सफलता व्यक्ति को ऊचाइयों तक पहुंचाती है, जबकि सार्थकता उसे समाज के लिए उपयोगी बनाती है। उन्होंने एक प्रेरक प्रसंग के माध्यम से कार्यकर्ताओं को समझाया कि मनुष्य जीवन केवल व्यक्तिगत सुख-सुविधाओं और उपलब्धियों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि सेवा, समर्पण, करुणा और परोपकार के माध्यम से समाज जीवन को समृद्ध बनाने का प्रयास ही जीवन की सच्ची उपलब्धि है।
भगवान सिंह ने स्वामी विवेकानंद के बनो और बनाओ के संदेश को स्मरण कराते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को स्वयं के व्यक्तित्व का विकास करने के साथ-साथ अपने जैसे अनेक कार्यकर्ताओं और नेतृत्वकर्ताओं का निर्माण करने का संकल्प लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि समाज जीवन में स्थायी परिवर्तन तभी संभव है जब हम स्वयं के विकास के साथ दूसरों के विकास के लिए भी कार्य करें।
उन्होंने योग साधना को केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य, लाभ अथवा व्यवसाय तक सीमित रखने की प्रवृत्ति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि योग भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है, जिसका उद्देश्य व्यक्ति, परिवार और समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाना है। योग को समाज जागरण, संस्कार निर्माण और राष्ट्र निर्माण का माध्यम बनाने की आवश्यकता है।
बैठक में आगामी 8 एवं 9 अगस्त को पुष्कर में आयोजित होने वाली अमृत परिवार कार्यशाला के संबंध में विस्तृत चर्चा की गई। भगवान सिंह ने कार्यकर्ताओं से आग्रह किया कि वे परिवार जागरण और सामाजिक समरसता के इस महत्वपूर्ण अभियान में सक्रिय भूमिका निभाते हुए अधिक से अधिक परिवारों को इससे जोड़ें।
उन्होंने बताया कि यह कार्यशाला परिवार संस्था को सशक्त बनाने तथा भारतीय जीवन मूल्यों को पुनर्स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध होगी। इस अवसर पर गुरु पूर्णिमा उत्सव के आयोजन तथा पुष्कर क्षेत्र में योग चेतना के विस्तार हेतु नए योग वर्ग प्रारंभ करने की योजना पर भी विचार-विमर्श किया गया। कार्यकर्ताओं ने नगर के विभिन्न क्षेत्रों में नए योग वर्ग प्रारंभ करने, नए योग शिक्षकों के निर्माण तथा संगठन विस्तार के लिए सामूहिक रूप से कार्य करने का संकल्प व्यक्त किया।
बैठक के दौरान उपस्थित कार्यकर्ताओं ने अपने अनुभव साझा किए तथा आगामी कार्यक्रमों के सफल संचालन हेतु दायित्व ग्रहण करने की तत्परता व्यक्त की। भगवान सिंह ने कार्यकर्ताओं का आह्वान करते हुए कहा कि यदि प्रत्येक कार्यकर्ता स्वयं के साथ कुछ नए कार्यकर्ताओं का निर्माण करने का संकल्प ले, तो समाज परिवर्तन की प्रक्रिया अत्यंत प्रभावी और व्यापक रूप से आगे बढ़ सकती है।
बैठक में योग, सेवा, परिवार जागरण और राष्ट्र निर्माण के कार्यों को जन-जन तक पहुँचाने के लिए समर्पित, प्रशिक्षित एवं संस्कारित कार्यकर्ताओं का निर्माण समय की आवश्यकता पर बल दिया गया। इस अवसर पर योग वर्ग से जुड़े अनेक कार्यकर्ता, साधक एवं केंद्र से जुड़े परिवारजन उपस्थित रहे तथा सभी ने संगठन विस्तार एवं समाज जीवन में सकारात्मक परिवर्तन के लिए सक्रिय योगदान देने का संकल्प लिया।



