सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज की मौत मामले में बिल्डर अरेस्ट, प्राधिकरण पर भी गिरी गाज

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नोएडा। उत्तर प्रदेश के नोएडा सेक्टर 150 में पानी से भरे गहरे गड्ढे में डूबकर 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एमजेड विशटाउन प्रोजेक्ट के बिल्डर अभय कुमार को मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने कहा कि निर्माण स्थल पर सुरक्षा मानकों की घोर अनदेखी की गई, जिसके कारण यह दर्दनाक हादसा हुआ।

पुलिस ने बताया कि घटना के समय इलाके में घना कोहरा था और दृश्यता बेहद कम थी। इसी दौरान युवराज की कार निर्माणाधीन साइट के पास बने पानी से भरे गहरे गड्ढे में जा गिरी। मौके पर न तो बैरिकेडिंग थी, न रिफ्लेक्टर और न ही कोई चेतावनी संकेत, जिससे चालक को खतरे का अंदाजा हो सके।

पुलिस एवं प्रशासन द्वारा जांच में सामने आया है कि निर्माण स्थल पर सुरक्षा के बुनियादी इंतजाम नहीं किए गए थे। पुलिस ने इस आधार पर एमजे विशटाउन के बिल्डर अभय कुमार को गिरफ्तार किया है। साथ ही निर्माण कंपनियों एम जेड विशटाउन प्लानर्स लिमिटेड और लोटस ग्रेंस कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या सदोष मानव हत्या के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।

प्रशासनिक कार्रवाई के तहत हादसे के बाद नोएडा प्राधिकरण ने भी सख्त कदम उठाए हैं। एक जूनियर इंजीनियर को बर्खास्त कर दिया गया है, जबकि कई अन्य अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। प्राधिकरण की ओर से कहा गया है कि जिम्मेदारी तय कर आगे और कार्रवाई की जाएगी।

मेरठ अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजी) भानु भास्कर और लोक निर्माण विभाग चीफ इंजीनियर तथा अन्य पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम साइट पर सुरक्षा उपायों की कमी, मानकों के उल्लंघन और जिम्मेदार व्यक्तियों की भूमिका की गहन जांच कर रही है।

अधिकारियों का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। जांच उपरांत समस्त रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपी जाएगी। इस हादसे ने एक बार फिर निर्माण स्थलों पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी और प्रशासनिक निगरानी की कमी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।